Bechani Thakan ko kaise mitaye-Sabse Acha Tarika

                             
BECHANI KAISE BADHTI HAI

ऐसी गतिविधियाँ , कम से कम ऊर्जा का इस्तेमाल होता है ,उनमे बेचैनी बढ़ती है। ऑस्ट्रेलिया में हुए इस अध्यन्न के मुताबिक बैठकर किये जाने वाले सारे काम जैसे कंप्यूटर पर काम करना ,वीडियो गेम खेलना ,टीवी देखना इससे बैचेनी  बढ़ती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक आधुनिक समाज में बेचैनी  की समस्या इसलिए बढ़ी है ,क्योंकि हमारी शारीरिक सक्रियता पहले की तुलना में कम हो गई है। यह अध्यन्न बी.एम.सी -पब्लिक हेल्थ नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। 




                kaam karte samay apne thakan ko kaise kam kare

क्या आपकी भी आदत है कि ऑफिस जाते ही काम में मशगूल हो जाना और दोपहर में जब भुक के मारे हालत खराब हो जाये तब जाकर ब्रेक लेना ? अगर आप अपनी सेहत दुरुस्त रखना चाहती हैं तो अपनी इस आदत को बदल डालिये । एक अध्ययन के मुताबिक ऑफिस में नियमित अंतराल पर ब्रेक लेने वालों की सेहत ना सिर्फ अच्छी रहती है बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी बेहतर होती है। बेलर यूनिवर्सिटी , यूएस के शोधकर्ताओं ने 22 से 67 साल तक के कामकाजी लोगों पर किये गए अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। शोधकर्ताओं के मुताबिक ऑफिस में ब्रेक का मतलब है , उस दौरान अपने काम से संबंधित कुछ भी ना करना।


thakan mitaye
thakan mitaye
.




        
              dimag ka upyog hamesha kaise kare 100 % success

अगर आपके वर्कप्रोफाइल में लोगों से बातचीत करना, नई रणनीति बनाना और मुसीबत की स्थिति में हल सुझाना सामिल है, तो बुढ़ापे में भी आपकी याददास्त कमजोर नही होगी। यूनिवर्सिटी ऑफ लिपजिंग, जर्मनी के शोधकर्ताओं द्वारा किये गए अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। 75 साल के लगभग 1100 लोगों पर यह अध्ययन किया गया है।

           

Share this

Related Posts

First