Buri Aadaton Ko Kaise Thik Kare छोड़े - Easy Way


नमस्कार दोस्तों आपका anekroop में स्वागत है। आज हम बात करेंगे बुरी आदतों के बारे में।  क्यूंकि आज ये हम सबको जानना जरूरी है।  बुरी आदतें जिस तरह से बढ़ रही है , उसको देखते हुए यह post मैंने लिखा है ताकि उन लोगों को मदद मिल सके जो बुरी आदतों से घीरे हुए है।  या फिर उनलोगों को जो बुरी आदतों के शिकार होने जा रहे है।

तो चलिए अब सुरुवात करते है , और जानते हैं कि बुरी आदतों से हम कैसे बचे इसको हम कैसे छोड़े - Easy Way में। 

buri aadatein
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एक कहावत है :-अरे रे ! मुझे छुडाव , ये पेड़ मुझे नहीं छोड़ता । 

आज बहुत से व्यक्ति कहते हैं की मुझसे दारू नहीं छूटता , सिगरेट नहीं छूटता , गुटखा ,तम्बाकू आदि नहीं छूटता तो हम क्या करे ? 

जैसे कोई पेड़ को कस के पकड़ लिया हो और कहे ये पेड़ मुझे नहीं छोड़ता है। 

लेकिन पेड़ को पकड़ा किसने ? आप 'खुद ' ने। 
उसी तरह बुरी आदतों का लत लगाया किसने ? आप 'खुद ' ने। 

आपने पेड़ को पकड़ा , पेड़ तो जैसे का तैसे खड़ा है। उसी तरह बुरी चीजें तो अपनी-अपनी जगह पर बिक रही है।  लेकिन उसको ख़रीदा किसने ? उसको खाया किसने ? आप 'खुद ' ने। 

तो उसको छोड़ेगा कौन ? आप 'खुद ' छोड़ेंगे । 

इसके लिए बड़ी मानसिक ताक़त की जरूरत होती है , मनसा शक्ति को मजबूत बनाने की जरूरत होती है। 
छोड़ना है , तो छोड़ना है। 

लिखिये बुरी आदतों से आपको क्या -क्या नुक्सान हुवा है ? 
यदि आप इसे छोड़ते है तो आपको क्या -क्या फायदे होते है ?
ये भी लिखिए की आप बुरी आदतें क्यों छोड़ना चाहते है ?


एक वजह ढूंढिए जो आपके मनसा को hit करे।  क्यों , क्यों , क्यों ?
मैं बीमार हो रहा हूँ , मैं कमजोर हो रहा हूँ , ये मेरे carrier को बरबाद कर देगा ख़त्म कर देगा। xyz 
ये बुरी आदतें मुझे बरबाद करे , उससे पहले मैं इसे बरबाद कर दूंगा ख़त्म कर दूंगा। 

जब भी आप बुरी चीजों को सेवन कर रहे हो , तो यह बातें आपको याद आनी चाहिए। 
आप सोच रहे होंगे की इससे क्या होगा ?
इससे चमत्कार होगा। 

जब बार -बार यह message आपके मनसा तक जाएगी , तो आपकी मनसा strong बनेगी। 
आपकी मनसा इन्द्रियों को message देगी , की मत खाव , मत करो -एक अंदरूनी शक्ति मिलेगी। 
क्यूंकि मन का connection इन्द्रियों से है। लेकिन ये शक्ति ज्यादा देर तक नहीं रहेगी। 

और बस यहीं पर आकर आधुनिक विज्ञान ख़त्म हो जाता है।  वे आपको यहीं तक की जानकारी दे पाएंगे। 
वे आपके मन के द्वारा इन्द्रियों को control करना सिखाएंगे , या तो फिर दिमागी दवा देकर इन्द्रियों को control करेंगे। 


लेकिन वे ये नहीं जानते की मन के ऊपर भी कोई चीज़ है - जिसे हम आत्मा कहते हैं। 

इन्द्रियों से बड़ा मन , मन से बड़ा आत्मा। 
आत्मा >मन >इन्द्रियां। 

और आत्मा को ठीक करने का एक ही तरीका है - शिवबाबा की याद। 
क्यों , याद का इससे क्या connection है ?

क्यूंकि हम जैसे को याद करेंगे वैसे बनेंगे। 

आप सोचिये ,याद कीजिये कि आपको बुरी आदतों का लत कैसे लगा ?
तो बुरे लोगों के साथ रहने है , या मन की चंचलता से। 

उसी तरह अब आपको अच्छे के साथ रहना है। बुद्धि से , आत्मा से। 

अपनी छोटी battery ( आत्मा ) को बड़े battre (परमात्मा ) से connection जोड़ना है। 
उससे power लेना है , अपनी आत्मा रुपी battery को charge करना है। इससे आत्मा को शक्ति मिलेगी , इतनी शक्ति जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। 

फिर क्या होगा ? फिर होगा चमत्कार। 

आपकी आत्मा सुधरेगी , तो मन सुधरेगा , मन सुधरेगा तो इन्द्रियां आपके control में होंगी। 
और फिर वही होगा जो आप चाहेंगे। 

धन्यवाद। 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको ये जानकारी जरूर पसंद आयी होगी। यदि आपको कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें निचे comment करके जरूर बताये। और इस post को जरूर share करे। ताकि और लोगों के  भी बुरी आदतों को छुड़ाया जा सके। 



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