Subah Jaldi Kaise Uthe


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है . आज हम जानेंगे कि सुबह जल्दी हम कैसे उठ सकते हैं और जल्दी उठने के लिए हमें क्या-क्या करना होगा और क्या-क्या छोड़ना होगा.
         यदि आपको देर से उठने की आदत है और आप सुबह जल्दी उठना चाहते हैं तो यह पोस्ट सिर्फ आप के लिए है आप इसे जरूर अंत तक पढ़े।

यदि आपको सुबह जल्दी उठना है तो इसके लिए 2 चीजों का जानना बेहद जरूरी है:-
1. सुबह जल्दी नहीं उठने का कारण
2. सुबह जल्दी उठने के उपाय
Subah jaldi kaise uthe
Subah jaldi kaise uthe
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#1 सुबह जल्दी नहीं उठने के कारण:-

1. देर रात तक मोबाइल चलाना-
आज कल के लोग मोबाइल अपने साथ लेकर के सोते हैं सोचते हैं 10 मिनट चला के रख देंगे और फिर वह internet के जाल में फंसते जाते हैं और 10 मिनट कब 2 घंटे में बदल जाता है पता ही नहीं चलता।

2. देर रात तक काम करना-
ऐसे लोग जिन्हें देर रात तक काम करना होता है , अधिक थकान की वजह से वे सुबह जल्दी नहीं उठ पाते।

3. आलसी व्यक्ति या बेरोजगार व्यक्ति
ऐसे लोग जिन्हें सपनों की दुनिया मे रहना पसंद हो और कोई काम करना पसंद ना हो, ऐसे व्यक्ति सुबह के 10-11 बजे उठते हैं।

#2 सुबह जल्दी उठने के उपाय-

आपका कोई भी कारण हो , यदि आप बताये गए उपाय को अपने जीवन मे लाते हैं तो आप सुबह जरूर उठ पाएंगे।

1. रात को सोने से पहले त्रिफला चूर्ण (1 चम्मच) और गुड़/सहद (स्वादानुसार) 1 ग्लास पानी या दूध मे मिलाकर पी जाएं।

इससे आपने जितना दिन भर खाया है वह जल्दी ही पच जाएगा, जिससे कि सुबह होते ही आपको मल त्यागना होता है।
त्रिफला चूर्ण के और भी कई फायदे हैं यह वात-पित्त-कफ तीनों को सामान्य स्थिति में रखता है जिससे कि आप कभी बीमार नहीं होंगे।

2. सोते समय 10 मिनट ध्यान करें।

त्रिफला चूर्ण पीने के बाद 10 मिनट आप ध्यान (meditation) करें।

आप दोनों भावों के बीच मे (आँखों के ऊपर जो दोनों भावों है उसके बीच मे ) अपने को ज्योति बिंदु आत्मा समझे । जैसे कि आकाश में तारे टिमटिमाते हैं - वैसे ही अपने को ज्योतिबिन्दु आत्मा समझे। जैसे स्टार भावों के बीच मे चमक रहा है।ऐसे अपने को आत्मा समझे।
(आंखें खोल करके ध्यान करना है)

इससे दिन भर की देह की थकावट खत्म हो जाएगी. और आप हल्के होके सौ जाएंगे।
(यदि आप किसी ओर तरीके का ध्यान करना चाहते हैं तो वह भी कर सकते हैं)

#3. इन बातों को पढ़कर सोएं -

ध्यान करने के बाद इन सभी बातों को पढ़कर सोएं जिससे कि सुबह उठने के लिए आपमे प्रेरणा आएगी।

1. बोलते हैं सवेरे जाग न सकते हैं तो फिर पद भी ऊंच पा न सकेंगे। दास-दासी बनना पड़ेगा।

2. सुबह वरदानों का समय है, वरदानों के समय अगर कोई सोया रहे, सुस्ती रहे वा विस्मृत रहे, कमज़ोर होकर बैठे तो वरदानों से वंचित हो जाएंगे।

3. सबेरे उठते नहीं हैं. जिन सोया तिन खोया. तुम जानते हो बरोबर हमको हिरे जैसा जन्म मिलता है. अब भी अगर नींद से सवेरे नहीं उठेंगे तो समझेंगे यह बख्तावर नहीं है।

4. सारे दिन में चाहे कितना भी पुरुषार्थ करें, लेकिन सारे दिन की आदि अर्थात फाउंडेशन के समय कमज़ोर होने के कारण मेहनत ज्यादा करनी पड़ती, प्राप्ति कम होती है. प्राप्ति कम होने के कारण 2 प्रकार की अवस्था का अनुभव करते हैं.

एक तो चलते-चलते थकावट का अनुभव करते हैं , दूसरा चलते - चलते दिल शिकस्त हो जाते हैं।

5. भले ही आराम के साधन प्राप्त हैं, परंतु आराम पसंद नहीं बन जाना है. पुरुषार्थ में भी आराम पसंद न होना अर्थात अलबेला ना होना है. आराम के साधनों का लाभ सदाकाल की प्राप्ति का विघ्न रूप नहीं बनाना. यह अटेंशन रखना है।

6. अलबेलापन न आये उसकी विधि क्या है? उसकी विधि है सदा स्वचिन्तन करो और सुभचिन्तक बनो. चिंतन नहीं करते, इसको एक दृढ़ संकल्प की रीति से अपने जीवन का निजी कार्य नहीं बनाते, इसलिए अलबेलापन आता है।

7. हम विशेष आत्माओं के आधार से सर्व आत्माओं का भला है. यह स्मृति रखने से अलबेलापन और आलस्य समाप्त हो जावेगा।

8. जब अपने ऊपर जिम्मेवारी समझेंगे तो जिम्मेवारी पड़ने से अलबेलापन और आलस्य खत्म हो जाएगा।

9. 'प्राप्ति भव' की वरदानी आत्मा कभी भी अलबेलापन में आ नहीं सकती. हर कर्म करने से पहले यह लक्ष्य रखो की मुझे स्वयं को सम्पन्न बनाय, सैमपुल बनाना है।

10. जो अभी भी कहते हैं- तुम्हारा क्या कार्य है वा देख लेंगे आपको क्या मिला है , जब कुछ होगा तब देखेंगे , ऐसे समय के इनतेज़ार करने वाले , एसलम के इनतेजाम के अधिकारी नहीं बन सकते । उस समय भी देखते ही रह जाएंगे।

तो दोस्तों यह है तरीका सुबह उठने का-
त्रिफला चूर्ण >> ध्यान>> पढ़ना .
आप इस तकनीक को एक सप्ताह जरूर अभ्यास करें । मैं विश्वास से कहता हूँ कि आप सुबह जल्दी जरूर उठ पाएंगे और अपनी ज़िंदगी को एक नया मोड़ दे पाएंगे .


आप इस जानकारी को अपने दोस्तों तक भी शेयर जरूर करे ताकि उन्हें भी फायदा मिल सके।
अपना महत्वपूर्ण समय देकर इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बोहोत-बोहोत धन्यवाद।

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