Sim गुम होने की Application और जानकारी


Sim गुम होने की Application और जानकारी 

नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम बात करेंगे Sim गुम होने के बारे में। यदि सिम गुम हो जाये ,खो जाये तो हमें क्या करना चाहिए। सिम गुम होने पर हम पुलिस स्टेशन में application कैसे लिखेंगे।
तो चलिए हम आज के इस post की सुरुवात करते है तो जानते है कि सिम गुम होने पर हमें क्या करना चाहिए।

sim gum hone par kya kare
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सिम गुम हो जाने पर क्या करे। 

यदि आप गलती से अपना सिम खो देते है ,या फिर कोई आपके मोबाइल को चुरा लेता है तो ऐसी स्थिति में आपको सबसे पहले अपने सिम के customer care से बात करनी चाहिए। Customer Care 198

उनसे बात करके अपना सिम बंद करा लेना है। वह आपसे सिम की details पूछेंगे।
जैसे -सीम किसके नाम पे है , address , last recharge इत्यादि।
इस सबका जवाब देने के बाद आपके sim को temporary बंद कर दिया जाता है।
यहां पर ध्यान देने की बात है कि temporary बंद होता है। यानि थोड़े समय के लिए बंद होता है , यदि company चाहे तो उसी नंबर का sim कुछ दिन के बाद दूसरे ग्राहक को बेंच सकती है। और ऐसा कई बार देखा भी गया है।

इससे आप मुश्किल में पड़ सकते है - आपका call उसके पास चला जाता है ,और यदि वह नंबर बैंक में ,या Office में है तो सभी details उनतक पहुँच जाती है। तो सिर्फ customer care को call करके बंद कर देना यह पूरा समाधान नहीं है। इसके लिए आपको अपने sim को पूरी तरह से बंद करना होगा। उसके लिए आगे के post को पढ़ते रहे।



Sim को पूरी तरह बंद करे। नया Sim लें। 

यदि आप गुम हुए sim को पूरी तरह बंद करना चाहते है तो उसके लिए आपको police station में FIR करानी होगी।
Sim के गुम होने पर FIR कराना आसान होता है , वह FIR का आपसे 250 रुपये तक charge कर सकते है।
और FIR कराने के बाद आपको एक receiving दिया जायेगा।
लेकिन FIR के लिए एक application देनी होती है जो कि मैंने आपके लिए नीचे लिख दिया है ।

Note :- यदि आप गुम हुए Sim को दोबारा चालू करना चाहते है तो उस FIR के receiving को अपने Sim के service centre में ले जाये और फिर एक नया Sim आपको दे दिया जायेगा। जो कि वही नंबर का होगा।

जब भी आप Sim लेने service centre जाये तो FIR के receiving के साथ -साथ अपना आधार कार्ड और 50 से 100 रुपये लेकर के जाये। नया Sim मिलने पर आपसे पैसे charge किये जायेंगे, ये depend करता है कि Sim किस Company का है।

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Sim गुम होने पर Application 

सेवा में ,                                                                                               दिनांक -
             श्रीमान थाना प्रबंधक
             नावाडीह (बोकारो )
विषय :- सिम गुम होने के सम्बन्ध में ।
महोदय ,
               मैं एक रिपोर्ट दर्ज करना चाहता हूँ कल रात, मैं मार्केट में सब्जी लेने गया और जब घर आया तो देखा मेरा मोबाइल गायब है। मैं वापस सब्जी मार्केट में गया , वहां कई लोगों से भी पूछा लेकिन किसी के पास  मेरे मोबाइल की जानकारी नहीं थी। हो सकता है कि वो रास्ते में कही गिर गया हो, या फिर किसी ने चुरा लिया हो।

मुझे मोबाइल की कोई परवाह नहीं है लेकिन जो उसमे सिम है उसकी मुझे परवाह है। जिसके लिए मुझे एक FIR दर्ज करवानी है। जिससे कि मैं वही नंबर को दोबारा चालू कर सकूं।

अतः श्रीमान से निवेदन है कि मेरी FIR दर्ज की जाये और मुझे उसकी एक कॉपी प्रदान करे जिससे की मैं जल्द से जल्द अपना नंबर चालू कर सकूं। इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।

आपका विश्वासी।
महेश प्रसाद
स्थानीय निवासी,देवघर।

आप इस application का photo भी प्राप्त कर सकते है।

sim gum hone par application
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Note :- यूँ तो FIR दर्ज करने का पैसा नहीं लिया जाता है , लेकिन कई जगहों पर मैंने देखा है कि Sim के खो जाने पर लिया जाता है। तो यदि आपके Police Station में पैसे नहीं लेते है तो अच्छी बात है और यदि लेते है तो 200 से 250 तक ही दे।

तो दोस्तों ये थी जानकारी Sim गुम होने की और उसके लिए Application की। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।

और इस post को अपने दोस्तों तक ,जरूरतमंद तक ,और इसे आप अपने facebook ,watsapp में भी share कर सकते है।
धन्यवाद। 

3 लोक कौन से हैं ? मनुष्य ,सुक्ष्म, ब्रह्म लोक।


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे 3 लोकों के बारे में। यही कि 3 लोक कौन से है ? वहाँ पर कौन रहते है ? और उनतक कैसे पहुंचा जाये। 
तो इस post की सुरुवात करते है और जानते है मनुष्य लोक ,सुक्ष्म लोक और ब्रह्मलोक के बारे में। 


3 lok kaun se hai
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1. साकार मनुष्य लोक। स्थूलवतन। 

नाम से ही पता चल जाता है कि जहां मनुष्य आत्माये रहते है तो उस स्थान को मनुष्य लोक कहते है। यहां पर मनुष्य के साथ -साथ जानवर , पशु -पक्षी इत्यादि जीव रहते है। जिसे पृथ्वीलोक भी कहते है। 
इस लोक में जीव 5 तत्वों से बनते है - जिसे - जल ,वायु ,अग्नि ,पृथ्वी ,आकाश कहते है। जिसे हम प्रकृति भी कहते हैं। यहां के लोग जन्म -मरण के चक्र में आते है। 
यहां सुख -दुःख, रात -दिन ,जन्म -मृत्यु से जीवन चलता है। 

ये सृष्टि आकाश तत्व के अंश मात्र में है ( आकाश इतना बड़ा है कि उसके सामने अंश के बराबर है ) . इसे सामने त्रिलोक के चित्र में उलटे वृक्ष के रूप में दिखाया गया है। क्योंकि इसके बीजरूप परमपिता परमात्मा ऊपर रहते हैं। 

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2. सुक्ष्म लोक - देव लोक। सुक्ष्मवतन 

यह लोक , मनुष्य लोक के तरागमन के पार ( solar system के पार ) जहां प्रकाश ही प्रकाश है। 
उस लोक में ब्रह्मा ,विष्णु ,शंकर की अलग -अलग पूरियां है। इन देवताओं के शरीर हड्डी -मांसादि से नहीं बल्कि प्रकाश के है। जिसे दिव्य सुक्ष्म शरीर भी कहते है। यहां दुःख अथवा अशांति नहीं होती। 
इन्हे दिव्य (ज्ञान) नेत्र के द्वारा ही देखा जा सकता है। 
यहां संकल्प ,क्रियाये ,बात -चित होती है लेकिन आवाज नहीं होती। 

यहां सभी बातें बेहद में - यानि आत्मा की stage के बारे में कहा गया है। 

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3. ब्रह्मलोक , परलोक , परमधाम या मूलवतन। 

इन लोकों के भी पार एक और लोक है जिसे - ब्रह्मलोक , परलोक , परमधाम ,मूलवतन,शान्तिधान ,निर्वाणधाम ,शिवलोक आदि नामों से जाना जाता है। इसमें सुनहरे लाल रंग का प्रकाश फैला हुवा है जिसे ही ब्रह्म तत्व , छठा तत्व और महातत्व कहा जाता है। इसमें आत्माएं मुक्ति की अवस्था में रहती है। यहां हरेक धर्म की आत्माओं का अलग -अलग संस्थान (sections ) है। 

यह सभी आत्माओं का घर है ,यहीं से सभी आत्माएं पृथ्वी पर जाती है अपना part बजाने। यहां आत्माओं के साथ -साथ आत्माओं का बाप , शिव भी रहते है। जिसे अल्लाह , Godfather कहते है।
भगवान का घर यही है , और संगमयुग आने पर वह पृथ्वी पर जाते है और सभी आत्माओं को पतित से पावन बनाकर वापस अपने घर ले आते है। (जो समय अभी चल रहा है ) 

और जब सभी आत्माओं का पार्ट ख़त्म हो जाता है (महाविनाश ) के बाद फिर सभी आत्माये वापस अपने घर परमधान चली आती है। और फिर से यह चक्र घुमता है। 

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3 लोकों को विस्तार से समझिये। 

आत्मा इस सृष्टि में कहाँ से आई ? ये किट , पशु -पक्षी ये सब आत्माये हैं। सबके अंदर आत्मा है
गीता में एक श्लोक आया है जिसमे भगवान ने अर्जुन को बताया है- कि मैं कहाँ का रहने वाला हूँ ? "न तद भास्यते सूर्यो न शशांको न पावकः। 
यद् गत्वा न निवर्तन्ते तद धाम परमम् मम। " (गीता 15 /6 )

अर्थात जहां सूर्य ,चंद्र ,सितारों का प्रकाश नहीं पहुँचता , जहां अग्नि का प्रकाश नहीं पहुँचता ,वह मेरा परे ते परे धाम है, जहां का मैं रहने वाला हूँ।
 यह श्लोक इस बात का प्रमाण है कि भगवान परमधाम के रहने वाले हैं , सर्वव्यापी नहीं है। यहां साबित किया गया है कि 5 तत्वों की दुनिया से परे एक और ऐसा एक छठा तत्व है -ब्रह्मलोक। 

जिसे अंग्रेज कहते है supreme world , मुसलमानो में कहा जाता है "अर्श " - खुदा अर्श में रहता है , फर्स में नहीं। लेकिन अब तो वे भी मानने लगे है कि खुदा जर्रे -जर्रे में है। जैनी लोग उसे 'तुरिया धाम ' मानते है। 

तात्पर्य यह है कि हर धर्म में उस धाम की मान्यता है। हम सभी आत्माये उस परमधाम की रहने वाली है। जहां पर supreme soul शिव भी है। वे जन्म -मरण के चक्र से न्यारे है। बाकि जितनी भी आत्माये है वह जन्म -मरण के चक्र में आ जाती है। 

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परमधाम से सभी आत्माये किस स्थिति से नीचे उतरती है। 

जितना ही इस सृष्टि पर आ करके श्रेष्ठ कर्म करने वाली आत्मा है ,वह उतना ही परे -ते -परे शिव के नजदीक रहने वाली आत्मा होगी और जितने ही निष्कृष्ट कर्म करने वाली , पार्ट बजाने वाली आत्मा है , वह उतना ही  नीचे की ओर रहेगी। उनकी संख्या ज्यास्ती होती है। 

दुस्ट कर्म करने वालों की संख्या ज्यास्ती और श्रेष्ठ कर्म करने वाली देव आत्माओं की संख्या कम ,जो 33 करोड़ कही जाती है। जिनकी संख्या ऊपर की ओर कम होती जाती है वे श्रेष्ठ आत्माएं हैं। 

दुनिया की हर चीज 4 अवस्थाओं से गुजरती है - सतोप्रधान (बचपन ) ,सतोसामान्य (किशोर अवस्था ), रजोप्रधान (जवानी ) और तमोप्रधान (बुढ़ापा ) . 
ब्रह्मलोक से आत्माओं का उतरने का भी यही क्रम है कि जितनी श्रेष्ठ आत्माएं हैं उतना ही श्रेष्ठ युग में उतरती है। 

जो 16 कला सम्पूर्ण आत्माएं हैं वह सतयुग के आदि में उतरती है , जो 14 कला सम्पूर्ण आत्माएं है वे त्रेतायुग के आदि में उतरती है , जो 8 कला सम्पूर्ण आत्माएं है वे द्वापर में उतरती है और कलियुग में कलाहीन सुरु हो जाती है। कलाहीन आत्माएं , जिनका काम औरों को दुःख देना ही है , जिनके लिए गीता में आया है - "मूढ़ा जन्मनि जन्मनि ". (गीता 16 /20 ) श्लोक। 

वे नारकीय योनि में आकर के गिरती हैं। वे नीचतम आत्माएं कलियुग के अंत में आती हैं जब सारी ही आत्माएं नीचे उतर आती हैं ,जिनको वापस जाने का रास्ता नहीं मिलता , बल्कि यहीं जन्म -मरण के चक्र में आती रहती हैं और शरीर द्वारा सुख भोगते -भोगते तामसी बन जाती हैं। 
इस सृष्टि पर आने के बाद आत्मा वापस जाती है या नहीं ?

बीज है , कई बार बोया जायेगा तो उसकी शक्ति कम हो जाती है। पत्ता छोटा , फल छोटा ,वृक्ष छोटा और आखरीन होते -होते वह फल देना ही बंद कर देता है। तो ऐसे ही आत्माओं का यह हिसाब है कि जब एक बार ऊपर से नीचे आ गई तो वे नीचे ही उतरती जाती है। 

आप इस सृष्टि के 2500 वर्ष पूर्व की history ले लीजिये। दुनिया में सुख -शांति , दुःख और अशांति में बदलती गई है या सुख शांति बढ़ती गयी ? history क्या कहती है ? जैसे -जैसे जनसंख्या बढ़ती गई ,ऊपर से आत्माएं उतरती गयी , तो जनसंख्या के बढ़ने से दुनिया में दुःख और अशांति बढ़नी ही बढ़नी है और वह बढ़ती ही गई। 

एक अति (end, extremity )   होती है कि जब सारी ही आत्माएं नीचे उतर जाती है। दुनिया में कीट , पशु पक्षी , पतंगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश -विदेश में इतनी कीटनाशक दवाइयां छिडकी जा रही है , तो भी उनकी संख्या में कमी नज़र नहीं आ रही है। 

मक्खी , मछरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आखिर ये आत्माएं आ कहाँ से रही है ? उसका समाधान गीता के अनुसार ही है , लेकिन स्पस्ट किसी ने नहीं किया। अभी यह बात स्पस्ट हो रही है कि ये आत्माएं उस आत्म -लोक से आ रही है और इसी दुनिया में 84 के जन्म -मरण का चक्र काटते हुवे अपना -अपना पार्ट बजाते रहती है। 

तो भाइयों यह थी जानकारी 3 लोकों के बारे में। और इससे सम्बंधित बढ़ती आबादी और आत्मा के घर के बारे में। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी बेहद पसंद आई होगी। 


यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये। और हमारे इस post को जरूर अपने दोस्तों ,भाइयों तक पहुंचाए। आप इसे facebook ,watsapp में भी share करे ताकि और लोगों को भी जानकारी मिल सके। 
धन्यवाद। ॐ शांति।                                              

मैं कौन हूँ ? Who am I in Hindi


मैं कौन हूँ? Who am I in Hindi

शरीर अलग चीज़ है , आत्मा अलग चीज़ है और दोनों मिलकर जीवात्मा अर्थात जीवित आत्मा बनती है। जीवित आत्मा का मतलब है शरीर सहित काम करने वाली चैतन्य शक्ति। नहीं तो यह आत्मा भी काम नहीं कर सकती और यह शरीर भी काम नहीं कर सकता।

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इसका मिसाल एक motor और driver से दिया गया है। जैसे motor होती है , driver उसके अंदर है तो motor चलेगी , driver नहीं है तो motor नहीं चलेगी। मतलब यह है कि आत्मा , (एक भाई ने कहा - वायु है ), वायु नहीं है। पृथ्वी ,जल ,वायु ,अग्नि और आकाश - ये 5 जड़ तत्व तो अलग हैं जिनसे यह शरीर बना है।

इन 5 तत्वों से बने शरीर से आत्मा निकल जाती है तो भी शरीर के अंदर 5 तत्व रहते है। उनको जलाया जाता है या मिट्टी में दबाया जाता है। वे तो जड़ तत्व हैं लेकिन आत्मा उनसे अलग क्या चीज है ? वह मन और बुद्धि स्वरुप अति सूक्ष्म ज्योतिर्बिंदु है , जिसको गीता में कहा गया है - (अनोर्नियांसमनुस्मरेत यः। ) गीता 8 /9 श्लोक।

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अर्थात अनु से भी अनुरूप बताया। अनु है लेकिन ज्योतिर्मय है। मन -बुद्धि को ही आत्मा कहा जाता है। वेद की एक ऋचा में भी बात आई है- 'मनरेव आत्मा ' अर्थात मन को ही आत्मा कहा जाता है। आदमी जब शरीर छोड़ता है अर्थात आत्मा जब शरीर छोड़ती है तो ऐसे थोड़े ही कहा जाता है कि मन -बुद्धि रह गई और आत्मा चली गई। सब कुछ है, लेकिन मन -बुद्धि की शक्ति चली गई अर्थात आत्मा चली गई।

तो मन -बुद्धि की जो power है वास्तव में उसका ही दूसरा नाम आत्मा है। मन -बुद्धि में इस जन्म के और पूर्व जन्मो के संस्कार भरे हुए हैं। संस्कार का मतलब है - अच्छे बुरे जो कर्म किये जाते हैं , उन कर्मों का जो प्रभाव बैठ जाता है उसको कहते हैं 'संस्कार'।

जैसे किसी परिवार में कोई बच्चा पैदा हुवा ,वह कसाइयों का परिवार है , बचपन से ही वहां गाय काटी जाती है ,जब बच्चा बड़ा हो जाये ,उससे पूछा जाय कि तम गाय काटते हो , बड़ा पाप होता है , तो उसकी बुद्धि में नहीं बैठेगा ; क्योंकि उसके संस्कार ऐसे पक्के हो चुके हैं।

इसी तरीके से ये संस्कार एक तीसरी चीज़ है। तो मन -बुद्धि और संस्कार - ये 3 शक्तियां मिक करके आत्मा कही जाती है।

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मैं आत्मा कौन हूँ ?

यहाँ तक तो हम जान गए कि हम सभी आत्मा है। जैसे हरेक मनुष्यों के अलग शरीर होते है,जानवरों के अलग शरीर होते है। एक का चेहरा दूसरे से नहीं मिलता। वैसे ही दुनिया में 700 -800 करोड़ मनुष्य आत्मा है उसमे से हम आत्मा कौन है यह कैसे पहचाने।

कहने का अर्थ है कि इस दुनिया में हमारा क्या part है। हम आत्मा कितने जन्म लेते है ? उन जन्मो में हम क्या -क्या बनते है ? यदि हम ये जान जायेंगे तभी कह पाएंगे कि मैं कौन हूँ यह मुझे पता है।
यदि किसी को अपने जन्मो के बारे में पता है तो उसे कहेंगे कि वह अपने आत्मा के बारे में जनता है। नहीं तो 2500 वर्षों से लोग कह रहे है कि हम आत्मा है लेकिन किसी को भी अपने जन्मो के बारे में नहीं पता।

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आत्मा के जन्मो के बारे में कौन बताएगा। 

आत्मा अनेक जन्म लेने के कारन पिछले जन्मो को भूलते जाती है। लेकिन जो जन्म -मरण से न्यारा है , और सभी आत्माओं का बाप है वही हरेक आत्मा के जन्मो के बारे में बता सकता है।
लेकिन वह orally बोलकर हरेक के जन्मो के बारे में नहीं बताता , तरीका बता देता है - जैसे Maths में formula होता है , जिससे सभी questions solve हो जाते है , वैसे ही परमात्मा बाप इस सृष्टि में आकर formula बताते है कि तुम अपने को सदैव आत्मा समझो तो तुम अपने सभी जन्मो के बारे में जान जाओगे। जिसे आत्मिक स्थिति कहते है। इसके बारे में हम विस्तार से बाद में बात करेंगे। आज के लिए इतना ही।

तो भाइयों ये थी जानकारी आपके बारे में , हमारे बारे में कि मैं कौन हूँ ? उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।


और इस post को अपने भाइयों तक जरूर share करे ताकि उन्हें भी इस रहस्य के बारे में पता चले।
धन्यवाद। Om Shanti . 

राजयोग क्या है ? Rajyog 7 Days Course in Hindi


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज से मैं आप के लिए कुछ ख़ास लाने जा रहा हूँ। कुछ नया करने जा रहा हूँ। और वह है राजयोग - हो सकता है आप राजयोग के बारे में जानते हो , कुछ लोग नहीं भी जानते है। जो जानते है वे भी इसे जरूर पढ़े। इसमें कुछ ऐसी जानकारी देने जा रहा हूँ जो कभी आपने नहीं सुनी होगी।

राजयोग क्या है ?

राजयोग का संधि आप करे तो बनता है -
राजयोग = राज भरा योग। (यानि ऐसा योग जिसमे राज़ भरा हो )

ऐसे तो दुनिया में कई लोग है जो राजयोग के नाम पर आसन-प्रणायाम कराते है।आसन करना कोई योग नहीं है। योग का मतलब होता है मिलन। जब 2 या 2 से अधिक चीजें आपस में मिलते है तो उसे योग कहते हैं।

तो यह योग है आत्मा का परमात्मा से। जिस योग से आत्मा का मेल परमात्मा के साथ होता है उसे हम राजयोग कहते है। अब आपके अंदर बोहोत सारे सवाल आ रहे होंगे।
1. आत्मा परमात्मा से कैसे मिलेगा?
2. आत्मा परमात्मा से मिलता है तो इसमें राज़ की बात क्या है ?

rajyog 7 days course
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आत्मा परमात्मा से कैसे मिलेगा? राजयोग से। 

यदि आत्मा को परमात्मा से मिलाना है तो हमें सबसे पहले आत्मा और परमात्मा के बारे में जानना होगा। आत्मा क्या है ? परमात्मा क्या है ? दोनों में सम्बन्ध क्या है ? दोनों में क्या-क्या शक्तियां है ?

और दो को मिलने के लिए साथ में होना जरूरी होता है। जब कोई साथ हो तब ही मिलने का एहसास होता है।
सिर्फ परमात्मा के बारे में ज्ञान हो जाने से उससे मिलना नहीं कह सकते। Practical में होना जरूरी है।

तो इस राजयोग से आप परमात्मा से Practical में मिलने का अनुभव कर सकते है।

आत्मा परमात्मा से मिलता है तो इसमें राज़ की बात क्या है ?

इसमें बोहोत गहरा राज़ छुपा हुवा है। एक होता है practical में मिलना यानि शरीर में आये परमात्मा से मिलना और एक होता है , खुद को परमात्मा जैसा बनाना।
मुरली point - मैं तुम्हे आप समान बनाने आया हूँ। निराकारी , निर्विकारी ,निरहंकारी।

साकार में मिलना कोई बड़ी बात नहीं है , लेकिन शरीर में रहते उसके जैसा बनना यह बड़ी बात होती है।ओर यही है असल में परमात्मा से मिलना। यानि उसके समान बनना। क्यूंकि 2 लोग तभी जुड़ते है , जब उनमे समानता हो। और यही राजयोग का उद्देश्य है।

राजयोग से प्राप्तियां। 


  • हम अपने आत्मा के बारे में जान सकते है। 
  • अपने आगे और पिछले जन्म के बारे में जान सकते है। 
  • परमात्मा से मिल सकते है। उसे अनुभव कर सकते है। 
  • अपने अंदर से काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह ,अहंकार को ख़त्म कर सकते है। 
  • पतित से पावन बन सकते है। 
  • इसी जन्म में स्वर्ग का सुख भोग सकते है। 
  • अपने सभी संकल्पों को पूरा कर सकते है। 
  • राजयोग से मुख्य 8 शक्तियां मिलती है। 
  • जिनमे सामना करने की , परखने की ,स्वयं को बचाने की। 
  • सहन करने की ,समेटने की ,सहयोग शक्ति ,समाने की और विस्तार को सार करने की शक्ति। 
  • अतीन्द्रिय सुख की अनुभूति। 
  • मुक्ति और जीवन मुक्ति की प्राप्ति। 


राजयोग 7 Days कोर्स हिंदी में। 



तो इन सभी को पढ़ने के बाद आप समझ जायेंगे कि राजयोग कैसे करना है। और इसे अपने जीवन में कैसे धारण करना है। इससे आपको इस दुनिया को देखने का नजरिया बदल जायेगा , आप ऐसा अनुभव करेंगे जैसे कि कोई नई दुनिया में हम जी रहे है।

इसी के साथ मैं आज के इस post को समाप्त करता हूँ। और 7 days कोर्स को जल्द ही आपके लिए लेकर के आऊंगा। तब तक के लिए धन्यवाद आपका दिन सुभ हो। 

Krishna (काला या आकर्षण) Meaning in Hindi


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम बात करेंगे कृष्ण के बारे में। भारत में तो सभी लोग कृष्ण के बारे में जानते है लेकिन उनमे भी बोहोत कम ही लोग कृष्ण के मतलब या कहे उनके meaning के बारे में जानते है। तो आज हम कृष्ण के meaning के साथ -साथ उनके नाम के रहस्य के बारे में भी जानेंगे।
उसके लिए आप इस post को जरूर अंत तक पढ़े।


Krishna = काला Meaning in हिंदी।

Krishna का मतलब काला , संस्कृत में होता है। यदि आप संस्कृत के लिए krishna का meaning जानना चाहते है तो उसका meaning काला होता है।
जैसे - काकः कृष्ण = यानि कौवा काला है।

तो संस्कृत भाषा में कृष्ण का मतलब काला होता है और ये संस्कृत के शब्द है।

शास्त्रों से मेल - शास्त्रों की अगर आप बात करे तो , उसमे भी कृष्ण को काला ही दिखाया गया है। जिसके ऊपर एक गाना भी बना है - यशोमति मइया से बोले नंदलाला राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला।

अब काले शब्द से ये मतलब नहीं कि उनका काम काला है - उनका अर्थ यह है कि वह बाहर से काले है यानि उनका शरीर काला है लेकिन उनका ह्रदय गोरा है। इसीलिए उनको श्याम सुन्दर भी कहा जाता है।

krishna meaning in hindi
krishna meaning in hindi
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Krishna = आकर्षण Meaning in हिंदी।

कृष्ण का मतलब आकर्षण , हिंदी में होता है। जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षण करता है तो उसे हम कृष्ण कहते है। जिसके लिए शास्त्रों में बताया जाता है कि कृष्ण मुरली बजाते है और सारी गोपियाँ भागी चली आती है।

आकर्षण शब्द को यदि आप समझे तो उसके कई ओर अर्थ निकलते है - जैसे खिंचाव , attraction , लगाव ,तेज़ इत्यादि। एक आकर्षण होता है देह का और एक आकर्षण होता है संस्कार का।

तो कृष्ण में संस्कारों के आकर्षण थे। इसीलिए उन्हें 16 कला सम्पूर्ण बताया गया है। उनकी आत्मा संस्कारों से भरी -पूरी है। तो लोग उनके संस्कारों से आकर्षित होते थे। देह से नहीं और इसलिए भी वे श्यामसुंदर है।

जो लोग उनकी मूर्ति को सामने रखके कहते है कि हमें ऐसा ही जीवन साथी चाहिए , या जो लोग कृष्ण की अत्यधिक पूजा करते है तो उन्हें यह समझ करके पूजा करनी चाहिए कि हमें भी कृष्ण के जैसे संस्कार को धारण करना चाहिए ,उनके बताये गए मूल्यों पर चलना चाहिए और देह कैसा भी हो हमें उसके ऊपर जाकर अपनी अंतरात्मा की सुंदरता को देखना चाहिए। तभी हम अपनी जीवन में अच्छे जीवन साथी चुन पाएंगे और तभी हम पूजा के असल हक़दार बनेंगे।


निष्कर्ष - कृष्ण का नाम काला या आकर्षण।

कृष्ण काला है फिर भी आकर्षण करने योग्य है। आपने भी अपनी ज़िन्दगी में बोहोत लोगों को देखा होगा कि उनका शरीर काला है फिर भी उनसे एक तेज़ निकलती है। वो बोलने में , पढ़ने में , अपने काम में बोहोत माहिर होते है। तो ऐसे ही लोगों को आप कृष्ण कह सकते है।

यहां पर नाम की बात हो रही है इसकी तुलना देवी-देवता से नहीं की जा रही है। सिर्फ कृष्ण नाम के अर्थ को अच्छे से समझा जा रहा है। तो आपके घर में भी कोई बच्चा काला और बड़ा संस्कारी ,धारणाओं वाला हो तो उसका नाम कृष्ण जरूर रखे।

तो दोस्तों यह थी जानकारी Krishna के Meaning के बारे में। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।
आप इसे भी जरूर पढ़े।


और इस post को अपने दोस्तों तक share करे यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी।
धन्यवाद।

Mobile Banking Activation-ATM-ब्रांच या Online द्वारा -Application


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज मैं आपको mobile banking के बारे में कुछ सुझाव देना चाहता हूँ। mobile banking कैसे करना है ? यह तो सभी जानते है। मैं आपको कुछ नया बताने वाला हूँ जो की बोहोत ही महत्वपूर्ण जानकारी है। यदि आप mobile banking का इस्तेमाल करते है या mobile banking के लिए apply करना चाहते है तो आप इसे जरूर अंत तक पढ़े।

mobile banking activation
mobile banking activation
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मोबाइल बैंकिंग कैसे करे।

मोबाइल बैंकिंग यदि आप लेना चाहते है तो आप इसे आसानी से ले सकते है। आप online और offline दोनों तरीकों से apply कर सकते है।
यदि आप SBI के customer है तो SBI Freedom App को download कर ले और वहाँ से आप इसके लिए apply कर सकते है।
Apply करने के लिए आप अपने पास passbook साथ में रखे और mobile भी।
इसका process इस प्रकार है। मोबाइल बैंकिंग कैसे करे।

App को open करे > Register में जाये > Obtain User ID >ok
फिर आपके registered mobile no में User Id और Mpin आ जायेगा।
उस User Id और Mpin को App में डालना है और एक नया Mpin आपको डालना होगा।(नया Mpin में Albhabet और No दोनों होने चाहिए , ) और इसे आप कही पर लिख ले , इसकी आपको हमेशा जरूरत पड़ेगी। अब change के ऊपर click कर दे।

बस हो गया आधा process. अब आपके mobile में एक TID No आएगा जिसे आपको ATM, Branch, Internet Banking के द्वारा Activation  करना होता है।

ATM से (Mobile Banking ) कैसे Activation करे। 


  • अपना कार्ड Swipe करे > Mobile Registration >Mobile Banking में जाये।





  • फिर Registration > अपना mobile no डाले > Yes कर दे।
  • फिर आप check करे अपने mobile no को >फिर confirm के ऊपर click कर दे।
  • आपके mobile में एक conformation message आएगी और आपका mobile banking activate हो जायेगा।

Internet Banking से TID No.(Mobile Banking ) कैसे Activation  करे। 

  • Login >eServices > SBI Freedom (left side होगा ) > अपना account चुने > Submit करे।
  • Mobile Banking User Id डाले और Mobile No डाले। > Continue
  • अब अपना Profile Password डाले > Submit

अब Registration Successful लिखा आएगा। अब आप अपने mobile से App को open करेंगे तो वह open हो जायेंगे और फिर आप Mobile Banking का लाभ ले पाएंगे।

Branch से TID No.(Mobile Banking ) कैसे Activate  करे। 

यदि आप Branch से बचे हुए half process को पूरा करना चाहते है तो वह भी आसान है। इसके लिए आप अपने नजदीकी ब्रांच में जाये।
और वहाँ पर Mobile Banking का form ले और एक Application
जो Application मैंने नीचे लिख दिया है। साथ में पहचान के लिए अपना passbook भी साथ में ले करके जाये।


Mobile Banking के लिए Application 

सेवा में ,                                                                                                 दिनांक (              )
                 श्रीमान शाखा प्रबंधक 
                 (बैंक का नाम , पता )
                 विषय -मोबाइल बैंकिंग शुरू करने हेतु । 
                 महाशय ,
                                सविनय निवेदन है कि मैं (अपना नाम लिखे ) आपके बैंक का एक खाताधारी हूँ। 
मैं अपने खाते के साथ मोबाइल बैंकिंग की सुविधा चालू कराना चाहता हूँ।जिससे की मैं इस सुविधा का लाभ ले सकूँ। मैंने आधा फॉर्म SBI Freedom से भर दिया है। जिसका TID है - ( ...... )
                           अतः श्रीमान से निवेदन है कि आप हमारे खाते के साथ मोबाइल बैंकिंग की सुविधा जोड़ दें।  इसके लिए हम सदा आपके आभारी रहेंगे।

                                    
                    
                                                                                       आपका विश्वासी। 
                                                                                     नाम           - (अपना नाम लिखे )
                                                                                    A /C  no.    - (अकाउंट नंबर लिखे )
                                                                                    मो               - (मोबाइल no  )
                                                                                      (Sign करें )
आप इस image का photo भी देख सकते है।

mobile banking ke liye application.

तो दोस्तों यह थी जानकारी mobile banking activation के बारे में और उसके application के बारे में। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आयी होगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें जरूर comment करे।


और इस post को अपने दोस्तों तक share करे , ताकी उन्हें भी इस जानकारी से मदद मिल सके।
धन्यवाद। 

India (भारत-हिंदुस्तान) Meaning in Hindi


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम बात करेंगे भारत के ऊपर। जी हाँ आप सही सून रहे है। हम बात करेंगे आज हमारे देश भारत के ऊपर जिसे लोग India , हिंदुस्तान इत्यादि नामों से जानते है।
इसमें हम भारत के सामान्य जानकारी के ऊपर बात करेंगे।
जैसे -
 भारत का मतलब क्या होता है ?
India का मतलब क्या होता है ?
हिंदुस्तान का मतलब क्या होता है ?
यह भारत , India और हिंदुस्तान नाम कब पड़ा और किसने यह नाम रखा ?

तो फिर चलिए इस post की सुरुवात करते है और जानते है भारत नाम का क्या मतलब होता है।

india bharat hindustan ka matlab
india bharat hindustan ka matlab
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भारत का मतलब क्या होता है ? Bharat Meaning in Hindi

भारत शब्द का यदि हम संधिविच्छेद करे तो बनता है-
भारत = भा +रत।
भा =ज्ञान की रोशिनी।
रत =लगा रहने वाला।

तो जो सदैव ज्ञान की रोशिनी में रहते है उन्हें हम भारत कहते है।

भारत नाम कब और कैसे पड़ा ?

यह नाम , जो इस देश के सबसे पहले पूर्वज थे उन्होंने रखा। और यदि आप वेद -शास्त्रों के जानकार है तो आपको पता होगा कि भारत के सबसे पहले पूर्वज सूर्यवंशी थे।

तो उन्होंने अपने देश का नाम भारत रखा। जहाँ सूर्य के वंसज रहते थे।
जिस तरह सूर्य से रोशनी निकलती है उसी तरह भारत में जो रहने वाले लोग हैं उनसे ज्ञान की रोशिनी निकलती है।तो नाम पड़ा भारत। यानि ज्ञान की रौशनी।


हिंदुस्तान का मतलब क्या होता है ? Hindustan Meaning in Hindi .

यदि हम हिंदुस्तान शब्द का संधिविच्छेद करे तो बनता है-
हिंदुस्तान = हिन्दुओं का स्थान।
यानि जहाँ हिन्दू लोग रहते है।

अब यहां पर आप हिन्दू को कोई धर्म मत समझ लीजिये।
हिन्दू का मतलब होता है -
हिन् =हिंसा
 दू = दूर करना।
यानि जो व्यक्ति हिंसा को दूर करता है तो वह हिन्दू है।

जब द्वापरयुग की सुरुवात में इस्लामी यहां आये तो देखा कि यहाँ के लोग तो हिंसा नहीं करते और हिंसा करने वालों को दूर करते है तब उन्होंने इस देश का नाम हिंदुस्तान रखा।

India का मतलब क्या होता है ? India Meaning in Hindi 



India के बारे में तो सभी जानते है कि Vasco da gama ने India की खोज की। जब Vasco da gama आये , तो देखा पूरा सोना ,चांदी से भरपूर देश , जहां की सभ्यता हज़ारों साल पुरानी है। तब उन्होंने इस देश का  नाम रखा Indus जो कि Indus river के नाम पर था फिर इसे बदल कर India नाम रख दिया गया।

क्यूंकि भारत को अविनाशी खण्ड नाम दिया गया है। यानि सभी द्वीप -महाद्वीपों का विनाश हो जाता है, क़यामत के समय लेकिन भारत का विनाश नहीं होता इसीलिए भारत को अविनाशी खण्ड भी कहते है।

और जब Vasco da gama आये थे  उस समय उनके देश का जीवन बोहोत ही निचले अवस्था में थी वहीँ भारत बोहोत ही धनि और प्रभावशाली देश था।

ऐसा इसलिए भी था क्यूंकि उस समय उन महाद्वीपों में जीवन की शुरुवात हो रही थी। यदि आपको history की knowledge है तो आपको पता होगा कि आज से 500-600 पहले Australia का कोई नामो निसान नहीं था।
Australia में जो अभी जमीन है वह 500 साल पहले समुद्र के नीचे थी। जब समुद्र का पानी कम हुआ तो लोग वहाँ जाकर रहने लगे। और फिर वहाँ की history शुरू हुई।

वैसे ही आज से 1000 साल पहले America का कोई नामों निसान नहीं था , सभी समुद्र के अंदर थे।
Vasco da gama भी जब Europe से यहां आये तो उन्होंने देखा कि यहां की history तो हज़ारों साल पुरानी है। तो उन लोगों ने इस देश का नाम India रखा।

India = जिसका कोई End ना हो।
जिसका कभी अंत ना हो। यानि अविनाशी खण्ड।

तो दोस्तों यह थी जानकारी India ,भारत ,हिंदुस्तान के मतलब और उनके नाम के बारे में। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।

और इस post को जरूर अपने दोस्तों तक share करे ताकि उन्हें भी हमारे देश के इतिहास और नाम के बारे में पता चल सके।
धन्यवाद।