Pubg Game खेलने से नुकसान


नमस्कार दोस्तों आपका Anekroop में स्वागत है। आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे Pubg game खेलने से नुकसान के बारे में। इस पोस्ट की जानकारी सभी युवाओं को मद्दे नज़र रखकर दिया जा रहा है, यदि आप भी Pubg game खेलते हैं तो आपको भी यह पोस्ट जरूर पढ़ना चाहिए।

Pubg game khelne se nuksan
Pubg game khelne se nuksan
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#1 Pubg game खेलना एक नशा बनते जा रही है।

Game खेलना कोई बुरी बात नही है लेकिन ये युवाओं को अपनी तरफ प्रभावित कर रही है, उसे addicted बना रही है, जिससे कि युवा Pubg game खेलने के बिना नहीं रह पा रहे है।

जहां इस उम्र में अपने जीवन को उज्ज्वल बनाने की कोसिस को छोड़कर सारा समय game खेलने में बर्बाद कर रहे हैं।

यदि औसत निकाला जाए तो 60-70% युवा आज इसके शिकार हैं, और यह दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रही है।
       जैसे दारू , गुटखा, सिगरेट आपके शरीर के लिए हानिकारक है वैसे ही Pubg game की लत आपके वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए हानिकारक है।

#2 मानसिक रूप में कमजोर होना और सोचने का नज़रिया बदलना।

मानसिक रूप में कमजोर होना यानि गलत दिशा में बुद्धि को ले जाना। Pubg game में जहाँ मरने और मारने की बात आती है तो बुद्धि उसी चीज़ को recall करती है और जब बार-बार बुद्धि किसी चीज़ को याद करती है तो वह संस्कार बन जाती है।

इससे व्यक्ति के सोचने का नज़रिया और कार्य दोनो बदल जाता है, कभी भी वह मर्डर के बारे में सुनेगा तो वह चोंकेगा नहीं बल्कि वह तो सिर्फ मर्डर के बारे में ही सोचेगा।

Que- यदि आप भी Pubg खेलते हैं तो ये सच-सच बताएं कि आप रात में Pubg game के सपने नहीं देखते?

हमने इतने kill किये ,हम यहां यहां गए इत्यादि।
तो ये सब क्या है ? ये आपके जीवन मे उत्तर चुका है।

उदाहरण- मेरे घर के बगल में एक लड़का है वह सोता है तो रात में बोलता है - बंदा बंदा बंदा ( यानि हमारे भाषा मे दुश्मन)
उसके parents बोहोत परेशान हैं, वह स्कूल बोहोत कम जाता है और हमेशा Pubg game खेलते ही रहता है।


#3 बच्चों में शारीरिक विकाश ना होना।

अब बच्चा दिन भर घर मे बैठकर game खेलेगा तो लाजमी है कि उसका शरीर का विकाश कम होगा।

शारीरिक खेल जैसे - फुटबॉल , क्रिकेट से बच्चों का शारीरिक विकाश होता है- इन खेलों में खेल का खेल और exercise भी हो जाती है।
और ऐसे बच्चे जो शारीरिक व्यायाम नहीं करते हैं वह जल्दी बीमार हो जाते हैं।

#4 Pubg game में पैसों की बरदारी।

अपने दोस्तों को दिखाने के लिए नए-नए कपड़े खरीदना, RP बढ़ाना, जिसके लिए पैसों की बर्बादी होती है।

मोबाइल डेटा के लिए तो अलग से पैसे लगते ही हैं लेकिन ऐसे बच्चों के लिए 1.5 GB भी कम पड़ जाती है। वह फिर recharge करके game खेलते हैं।

Pubg game काफी बड़ा है तो उसके लिए महंगे मोबाइल की जिद करते हैं और इस तरह कई प्रकार से पैसों की बर्बादी होती है।

#5 घर वाले, मित्र, संबंधी को समय नहीं दे पाते।

Game खेलते यदि घर वाले कोई काम कह देते तो जैसे तूफान आ गया हो, बच्चों में चिड़चिड़ापन आ जाती है।

बच्चें जब अपने दोस्तों से भी मिलते हैं तो Pubg game की बात ज्यादा होती है। ऐसे तो कम ही अपने मित्रों से मिलते हैं।

और यदि किसी संबंधी के पास काम के लिए जाना पड़े तो वहां भी शुरू हो जाते हैं उन्हें भी समय नहीं देते हैं।


#6 बच्चों की मौत होना

यह सबसे अहम बात है अबतक 4 बच्चों की Pubg game खेलने से heart attack से मौत हो चुकी है और एक बच्चा मोबाइल ना मिलने पर फांसी में लटक करके जान दे दिया है।

Pubg game के लिए घर वालों से लड़ाई तो आम बात हो गयी है अब पुलिस में रिपोर्ट भी pubg के संबंध में बोहोत आने लगे हैं।

तो इस प्रकार Pubg game के नुकसान बोहोत ज्यादा हैं इसके और भी नुकसान हो सकते हैं जो आगे चलकर पता चलेगी, आज के लिए बस इतना ही।

यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो सतर्क हो जाये और Pubg game खेलना छोड़ दें या कम कर दें।


इस जानकारी को अपने दोस्तों तक share करें , इसे facebook , watsapp में भी share करें ताकि बच्चों का भविष्य बच सके।
अपना महत्वपूर्ण समय देकर इस पोस्ट को पढ़ने के लिए बोहोत बोहोत धन्यवाद।

Money Order नहीं पहुंचने पर पोस्ट ऑफिस को Application


नमस्कार दोस्तों आपका Anekroop में स्वागत है। आज हम एप्लीकेशन लिखेंगे ,पोस्ट आफिस को - यदि आप पोस्ट आफिस द्वारा money order भेज रहे है और वह money order नही पहुंचा है तो उसके लिए आप एप्लीकेशन कैसे लिखेंगे ? तो आज हम इसके संबंध में एप्लीकेशन लिख करके बताएंगे , यह एप्लीकेशन हिंदी भाषा में होगी।

Money order application
Money order application
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Money Order नहीं पहुंचने पर पोस्ट मास्टर के खिलाफ शिकायत पत्र

सेवा में,
           श्रीमान पोस्ट मास्टर
           पोस्ट ऑफिस, बोकारो
विषय - मनी आर्डर नही पहुंचने के संबंध में

महोदय,
             हम आपको बताना चाहते है कि 2 महीने पहले 5/10/2019 को हमने मर्सस आहूजा कंपनी , दिल्ली को 2500/- रुपयों का मनी आर्डर भेजा था । यही बोकारो डाक के द्वारा जिसकी रसीद संख्या 189 हैं।

कल हमारी प्राप्तकर्ता से बात हुई उन्होंने बताया कि अभी तक उन्हें मनी आर्डर नही मिला है।

अतः मैं आपसे निवेदर करता हूँ कि आप इसकी गड़बड़ी का पता लगाएं और जल्द से जल्द मनी आर्डर को भेजने की कृपया करे। इसके लिए हम सदैव आपके आभारी रहेंगे।

आपका विश्वासी
अमर कुमार
मैनेजर ,राधा कंपनी
बोकारो
दिनांक-
         
नोट- पोस्ट आफिस से मनी आर्डर भेजने पर गड़बड़ी होने के chances ज्यादा नही होती है लेकिन फिर भी आपकी मनी आर्डर नही पहुंची है तो उसके लिए आप शिकायत लिख करके दे दें जैसा की मैंने ऊपर बता दिया है- इसके लिए आपको अपना रसीद संख्या याद होना जरूरी है।
इसीलिए आप जब भी मनी आर्डर भेजें तो उसका रसीद जरूर ले और उसे संभाल कर रखे जबतक कि मनी आर्डर पहुंच ना जाये।


तो दोस्तों यह थी जानकारी मनी आर्डर की एप्लीकेशन के बारे में । में उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमे comment करके जरूर बताएं


और इस पोस्ट को अपने दोस्तों तक फेसबुक watsapp में जरूर शेयर करे।
धन्यवाद ।

हिंदी कहानी- कम खर्च बालानसी


नमस्कार दोस्तों आपका Anekroop में स्वागत है।आज हम आपके लिए एक मजेदार कहानी लेकर के आये है, यह कहानी संयम के ऊपर आधारित है ,जीवन जीने के लिए हमे कैसे संयम बरतना चाहिए जिससे हमारी जीवन को अच्छी दिशा मिल सके और हमारा जीवन किसी भी परिस्थिति में खुशहाल बना रहे।
Hindi kahani
Hindi kahani
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वर्तमान समय मे जीवन जीने के लिए पैसों का बोहोत ज्यादा योगदान है , पैसों से ही गरीबी और अमीरी में भेद किया जाता है। तो आज हम पैसों के खर्च के ऊपर एक कहानी बताएंगे जिसमे पैसे कब, कहां, कैसे और कितना खर्च करना है इसके ऊपर आधारित होगी, जो कुछ इस प्रकार है-

हिंदी कहानी- कम खर्च बालानसी


एक सामान्य वर्ग का व्यक्ति मनोज बाबू एक राशन के दुकान में काम करते हैं। उनकी मासिक आय 10,000 रुपये हैं। उसमें से 3000 रुपये वे बैंक में जमा करते हैं और 7000 रुपये से अपना घर चलाते हैं।

मनोज बाबू की 2 लड़कियां है जिसमे  एक शादी के लायक हो गयी है। मनोज अपनी बड़ी लड़की की शादी करने वाले हैं , सभी देख-रेख की कार्यक्रम के बाद दहेज में 3 लाख रुपयों की मांग की जाती है ।

मनोज के बैंक खाते में करीब 5 लाख रुपये हैं, वे शादी के लिए हां कर आते हैं और फिर शादी की तैयारियों में लग जाते हैं।

मनोज शादी के लिए बैंक से सभी 5 लाख रुपये निकाल के ले आते हैं और 3 लाख अपने समधी को दे देते हैं। और बचे हुए 2 लाख को शादी के खर्च के लिए घर मे रखते हैं।

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लेकिन शादी से कुछ दिन पहले उनके साथ एक हादसा हो जाता है, उनके 2 लाख रुपये चोरी हो जाते हैं। अब सभी परिवार वाले दुखी और चिंतित हो जाते हैं कि अब शादी की तैयारी कैसे होगी ? मनोज बाबू की इज़्ज़त दांव पर लग जाती है।

सभी शादी के कार्ड बंट चुके होते हैं, शादी अगले 7 दिनों में होने वाली होती है। गरीब परिवार होने के कारण उनके रिस्तेदारों से भी सहयोग नही मिलता है , ऐसी हालत में मनोज बाबू अंदर से कमजोर और लाचार हो जाते हैं। जैसे तलवार उनके नाक के आगे रूक गई हो , और अब कटने ही वाली हो।

तभी एक चमत्कार होता है, अगले दिन मनोज बाबू की पत्नी 3 लाख रुपये कहीं से लाती है, मनोज बाबू हैरान हो जाते हैं और पूछते हैं कि तुम्हारे पास इतना पैसा कहां से आया ?

तो वह जवाब देती है- कि घर चलाने के लिए आप जो हमे 6000 रुपये देते थे, उसको हम हिसाब से खर्च करते थे। और सभी खर्च को महीने के अंत मे गिनने के बाद बचे हुवे पैसों को महिला बैंक में जमा कर आते थे जिससे हमें भविष्य में परेशानी ना उठाना पड़े।

अपनी पत्नी की इस बहादुरी से मनोज बाबू बोहोत खुश होते हैं, साथ मे सारा परिवार खुश हो जाता है और खुशी के मारे मनोज के आंखों में आंसू आ जाते हैं। वह अपनी धर्मपत्नी के पास जाकर कहते है कि पत्नी हो तो तुम्हारे ऐसी हो।
और फिर वह अपनी बेटी की शादी धूम-धाम से करते हैं ।

कहानी से संदेश- इस कहानी से हमे यही संदेश मिलता है कि पैसों का कैसे हमे इस्तेमाल करना चाहिए इसकी हमे जानकारी होनी चाहिए। परेशानी कभी भी आ सकती है इसीलिए जरूरी नही की सभी पैसों को खर्च ही करना है।

आजकल ऐसे-ऐसे बीमारियां और ऐसे-ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं कि लाखों रुपये एक चुटकी में खत्म हो जाते है। इसलिए पैसों को खर्च करना नहीं बचाना सीखें।
                                                      जिंदगी जीने के लिए पैसों की एहमियत को समझे।कम खर्च करें और बालानसी बनें।
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तो दोस्तों आपको यह कहानी कैसी लगी ? हमे comment करके जरूर बताएं और इसे जरूर अपने पत्नियों से शेयर करे और अपने facebook, watsapp में भी शेयर करें।
धन्यवाद।

Mobile Chori Hone Par Application


 नमस्कार दोस्तों आपका Anekroop में स्वागत है। आज हम जानेंगे कि यदि आपका मोबाइल चोरी हो जाता है तो आपको क्या करना चाहिए , और मोबाइल चोरी होने पर एप्लीकेशन कैसे लिखते है।
मोबाइल चोरी होने पर पुलिस थाने में एप्लीकेशन दिया जाता है जिसके की आपके मोबाइल से कोई गलत काम ना कर पाए और आपके मोबाइल में save आपके personal details का कोई गलत इस्तेमाल ना कर पाए। जैसे एटीएम , क्रेडिट कार्ड , पर्सनल फ़ोटो इत्यादि। तो चलिए आज के पोस्ट को सुरु करते है और जानते है कि मोबाइल चोरी होने पर हमें क्या करना चाहिए ?
Mobile chori hone par application
Mobile chori hone par application
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मोबाइल चोरी होने पर क्या करे 

यदि किसी ने आपके मोबाइल को चुरा लिया है या आप अपना मोबाइल कहीं पर खो आये है तो सबसे पहले आप मोबाइल में लगे सिम को बंद करवा दें।
मोबाइल सिम को बंद करने के लिए customer care अधिकारी से बात करे , और अपना सिम बंद करवा लें।

सिम खो जाने पर एप्लीकेशन और जानकारी

सिम को बंद करना जरूरी है , यदि आप अपना सिम बन्द नही करते है तो आपके पर्सनल डिटेल्स चोरी हो सकते है -और कोई आपके नंबर से गलत काम कर सकता है-
जैसे - बैंक से पैसे चुराना , किसी को धमकाना, internet में कॉपीराइट movie डाल देना , इत्यादि। इसीलिए सबसे पहले आप अपने सिम को जरूर बन्द करें।

अब आते है मोबाइल के ऊपर , अब आपको अपने मोबाइल का IMEI नंबर पता करना है , इसको पता करने के लिए आप मोबाइल के स्लिप को ढूंढे और यदि आपको अपने मोबाइल के IMEI नंबर पता है तो फिर कोई बात नही आपका काम हो जाएगा।
मोबाइल के स्लिप में या उसके बॉक्स में ये IMEI नंबर होते है , आप इस नंबर को नोट कर लें।

अब आपको थाने में जाना है और एक एप्लीकेशन देना है। यदि आप लोकल थाने में जाते है तो वो सिर्फ चोर को पकड़ने में आपका मदद करेंगे। यदि आपको किसी के ऊपर शक है कि मोबाइल इसी व्यक्ति ने चोरी की है तो आप उसके लिए अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाये और उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए।

और यदि आपको नही पता है कि आपका मोबाइल किसने चोरी किया है तो उसको ढूंढने के लिए आपको हेड क्वार्टर में जाना होगा, हरेक जिले में एक पुलिस हेड क्वार्टर होता है। तो आप अपने जिले के पुलिस हेड क्वार्टर में जाये और अपनी शिकायत दर्ज कराए जिसके लिए एप्लीकेशन मैंने नीचे लिख दिया है।

मोबाइल चोरी होने पर एप्लीकेशन

 मोबाइल चोरी/गुम होने पर Application 

सेवा में ,             
             श्रीमान थाना प्रबंधक
             (बोकारो )
विषय :- मोबाइल गुम होने के सम्बन्ध में ।
महोदय ,
               मैं एक रिपोर्ट दर्ज करना चाहता हूँ कल रात, मैं नावाडीह मार्केट में सब्जी लेने गया और जब घर आया तो देखा मेरा मोबाइल गायब है। मैं वापस सब्जी मार्केट में गया , वहां कई लोगों से भी पूछा लेकिन किसी के पास  मेरे मोबाइल की जानकारी नहीं थी। हो सकता है कि वो रास्ते में कही गिर गया हो, या फिर किसी ने चुरा लिया हो।

मुझे मोबाइल की बोहोत फिक्र हो रही है, उसमे मेरे आफिस के कागजात और बैंक डिटेल्स की पूरी जानकारी है। जिसका मिलना मेरे लिए बोहोत जरूरी है।जिसके लिए मुझे एक FIR दर्ज करवानी है। जिससे कि मेरे मोबाइल का सिम पूरी तरह से बंद हो जाए और मेरा मोबाइल भी वापस मिल जाये।

मेरे सिम का नंबर है -933444***** और मेरे मोबाइल के IMEI का नंबर है - 911458759*****

अतः श्रीमान से निवेदन है कि आप मेरे मोबाइल को जल्द से जल्द ढूंढे, मेरे सिम को बंद करे और मुझे एक रिसीविंग कॉपी प्रदान करे जिससे कि मैं वही नंबर को दोबारा चालू कर सकूं।
इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।

आपका विश्वासी।
अजय प्रसाद
स्थानीय निवासी,नावाडीह।
दिनांक -

नोट:- जब भी आप पुलिस स्टेशन जाए तो मोबाइल की रसीद लेकर के जाए। और FIR करने पर कही- कही 200 से 250 रुपये लिए जाते है तो कुछ पैसे भी अपने साथ ले करके जाए।

यदि मोबाइल on/ चालू होती है तो उसका लोकेशन पता लगाया जा सकता है , और यदि कोई सिम को निकालकर दूसरा सिम लगाता है तो भी लोकेशन का पता लगाया जा सकता है imei नंबर के जरिए।

इसलिए मैं आपको सलाह दूंगा कि आप 7 दिनों तक उस नंबर पर कॉल करके देखें यदि जिसने आपके मोबाइल को चोरी किया है वह मोबाइल वापस करने को मान जाता है तो अच्छी बात है , नही तो 7 दिनों के बाद अपने सिम को जरूर बन्द कर दें।

Tips- जिससे मोबाइल चोरी होने पर तुरंत पता लग जाता है

हरेक मोबाइल में एक फीचर होता है जिसका नाम है - मोबाइल ट्रैकर - जिसमे आपको एक नंबर देना होता है जो की दूसरे मोबाइल का होना चाहिए ,जब भी आपके मोबाइल के सिम को निकाला जाता है तो एक मेल आपके दिए हुए अन्य नंबर पर भेज दिया जाता है जिसमे चोर द्वारा लगाये  सिम का नंबर होता है।

जैसे-  किसी ने आपके मोबाइल को चोरी किया , वह आपके सिम को निकालकर अपना सिम लगाता है , तो जैसे वह अपना सिम मोबाइल में लगाएगा वैसे ही एक मैसेज आपके दिए हुए नंबर पर चला जायेगा ।

आसान भाषा मे आप उस नंबर से पता कर सकते है कि कौन मेरे मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है और फिर अपने मोबाइल को भी पा सकते है।
मोबाइल ट्रैकर का फीचर अधिकतर samsung के मोबाइल में होती है -आप भी अपने मोबाइल में इसे चेक करें और इसे on करके रखे।



तो दोस्तों यह थी जानकारी मोबाइल चोरी होने की और उसके लिए एप्लीकेशन लिखने की। में उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी, यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमे कमेंट करके जरूर बताएं


और इस पोस्ट को अपने दोस्तों , रिस्तेदारों तक पहुंचाए ताकि वे भी इसके बारे में जान सके और मदद ले सके, आप इसे फेसबुक ,watsapp में भी जरूर शेयर करे।
धन्यवाद।

भगवान सर्वव्यापी है या एकव्यापी ?


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे भगवान के सर्वव्यापक होने या एकव्यापक होने के बारे में। और यह भी जिनेंगे कि भगवतगीता में इसके विषय में क्या कहा गया है। भगवान सर्वव्यापी है या एकव्यापी है।

bhagwan sabhi jagah hai ya nahi
bhagwan sabhi jagah hai ya nahi
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सर्वव्यापी का अर्थ 

सर्वव्यापी का अर्थ होता है , जो हर जगह है , पत्थर -ठीठर हर जगह। भगवान को सर्वव्यापी कहने का अर्थ है ,भगवान भी सभी जगह है , पत्थर -ठीठर में भगवान है। यह बात बोहोत अच्छी रीती ध्यानपूर्वक सोचना चाहिए कि यदि हर जगह भगवान है :-
तो हर जगह सुख -शांति होनी चाहिए , क्योंकि भगवान को दुःख हर्ता सुखकर्ता कहा जाता है

भगवान सर्वव्यापी है या एकव्यापी ?

जैसे लोग कहते है -भगवान सर्वव्यापी है , कण -कण में भगवान है , तो ये बात सुनने में तो अच्छा लगता है लेकिन हज़म नहीं होती है। लोग पत्थरों को , पेड़ों को भगवान मानकर पूजते हैं , उपवास करते है, और ना जाने क्या -क्या करते हैं। लेकिन जब उनसे पूछा जाये , तब वह कुछ नहीं बोल पाते।

जैसे - उपवास , उप =निकट, वास =रहना यानी भगवान के नजदीक रहना , तो वह खाना नहीं खाने को उपवास समझ लेते है।

तो उसी तरह भगवान सभी जगह नहीं है , अगर होती तो पूजा - पाठ करने की दरकार नहीं होती। सभी जगह तो भगवान है तो फिर अलग से मंत्र पढ़कर क्रियाक्रम क्यों किया जाता है ?

पहले इस्लामी भी मानते थे :- कि खुदा अर्श (ऊपर ) में रहता है फर्स (नीचे )नहीं रहता है।
लेकिन अब वे भी कहते हैं कि जर्रे -जर्रे में खुदा है। अरे - खुदा का तो अर्थ ही यही होता है " कि जो खुद आये तो उसे खुदा कहते हैं " और उसी को सर्वव्यापी कह दिया।

जब खुदा है ही सब जगह -तब 5 बार पुकारने की क्या जरूरत है , जो सामने होता है उसे पुकारने की जरूरत  होती है क्या ? उसे तो धीरे से आवाज़ लगाओ तो वह हाज़िर हो जाता है।

ईसाई भले कहते हैं , God is one , God is light , Godfather लेकिन वह भी मानते है कि (God is everywhere ) भगवान सभी जगह है।
अरे ! जिसे father कहते हैं - वह सब जगह कैसे हो सकता है। क्या आपके इतने सारे father है ?
ये क्या बात फैला दी दुनिया में , भगवान को पत्थर -ठिठर में ढकेल दिया है , जैसे भगवान को गाली देते है।
ये भी जाने :-


भगवान को सर्वव्यापी किसने बनाया ?

जब से संन्यासी आए तब से यह ज्ञान चारों तरफ फैला कि भगवान सर्वव्यापी है , पहले सब धर्म के लोग भगवान को एकव्यापी ही मानते थे ,संन्यासियों ने भगवान को चारों तरफ खोजा , जब कहीं नहीं मिला तब उन्होंने कह दिया भगवान सर्वव्यापी है। शिवोअहं। मैं ही - हम ही शिव है , हम ही भगवान का रूप हैं आओ मेरी पूजा करो।
और लोग आज भी उनकी पूजा कर रहे हैं , उन्हें भगवान मानते हैं।

ये सब करनी संन्यासियों के धर्मपिता शंकराचार्य की है - जिन्होंने सारे शास्त्रों का खंडन करने के बाद गलत अर्थ निकाला। उन्होंने "एको ब्रह्म दुतियो ना अस्ति " का गलत अर्थ समझा , उन्होंने इसका अर्थ अपने ऊपर ले लिया और कह दिया इस दुनिया में हम ही ब्रह्म हैं ,हम भी ब्रह्म ,तुम भी ब्रह्म , "आत्मा सो परमात्मा " का उल्टा ज्ञान सारे विश्व में फैला दिया। और सभी धर्मो का खंडन कर दिया।

दरहसल इसका अर्थ होता है :- दुनिया में एक ही (भगवान ,GOD ,अल्लाह) है और कोई दूसरा नहीं है। इसीलिए God is one , अल्लाह ताला ,त्वमेव माता च पिता कहा जाता है।

आत्मा सो परमात्मा :- यह बात झूठी है , हरेक आत्मा में परमात्मा नहीं है , यदि यह सत्य है ,तो आज लोग इतने मार -काट कर रहे हैं ये क्यों कर रहे हैं। परमात्मा भी मार -काट करता है क्या ? इज़्ज़त लुटता है ? चोरी -डकैती करता है क्या ?
यदि आत्मा सो परमात्मा यह बात सत्य है , तो कुत्ते -बिल्ले सभी को बाप कहना चाहिए। Godfather कहते है ना भगवान को , तो कुत्ते -बिल्ले को Godfather क्यों नहीं कहते -उन्हें भी बाप कहिये ना।


भगवान एकव्यापी है -भगवतगीता 

वास्तव में (भगवान ,GOD ,अल्लाह) एक है , और हम सभी आत्माओं का बाप है। और वह एकव्यापी है। सर्वव्यापी नहीं है।
                            इसीलिए गीता में कहा हुवा है :-

ना तद भास्यते सूर्यो ना ससांको ना पावकः। 
 यद् तद गत्वा ना निवर्तन्ते ताड़ धाम परम मम।। (15 /6 )

इसका मतलब है -जहां पर सूर्य ,चंद्र ,अग्नि का प्रकाश नहीं पहुँच सकता , जहां पर आत्माये शरीर के साथ नहीं जा सकती ,वह मेरा परमधाम है।

यहां पर तो भगवान ने अपने रहने का स्थान परमधाम बता दिया है ,तो वह सर्वव्यापी कैसे हो सकता है। इसीलिए हरेक धर्मपिता अपनी उंगली ऊपर किये हुवे दिखाते हैं , कि भगवान अपने घर परमधाम में है। भले उनकी नज़र अपने हरेक बच्चे में है और हरेक बच्चा उनको याद करता है। लेकिन वह सर्वव्यापी नहीं है। वह ब्रह्मा ,विष्णु शंकर में प्रवेश करके अपना कार्य करते है तो त्रिमूर्ति शिव कहे जाते है। और इसीतरह वह एकव्यापी है - सर्वव्यापी नहीं है। आप खुद सोचिये।

Driving Licence में Address Change करने के लिए Application


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे कि driving licence में यदि हमें address change करना है तो हम कैसे करेंगे और उसके लिए application कैसे लिखेंगे।
हम application हिंदी में लिखेंगे जिससे सभी को मदद मिल सके।

driving licence me address change kare
driving licence me address change kare
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Driving Licence में Address कैसे Change करे। 

यह आप online और offline दोनों तरीकों से कर सकते है।
online के लिए -  https://sarathi.parivahan.gov.in/sarathiservice5/stateSelection.do
मैंने ऑनलाइन के लिए ऊपर link दे दिया है। आप इसे नए page में open करे और फिर directions को पढ़कर अपना address change कर सकते है।

और यदि आप offline अपना address change करवाना चाहते है तो परिवहन मंत्रालय में जाकर address proof और application देकर अपना driving licence का address change करवा सकते है।


Driving Licence में Address Change करने के लिए Application 

सेवा में ,                                                                                                                 दिनांक (              )
                 श्रीमान मैनेजर साहब 
                 परिवहन मंत्रालय , पता 
                 विषय - अपना पता बदलने हेतु । 
                 महाशय ,
                                सविनय निवेदन है कि मैं (अपना नाम लिखे ) अपने ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलना चाहता हूँ। पिताजी की ट्रांसफर होने पर हम सहपरिवार कलकत्ता में आ चुके है इसीलिए हमें नया पता  अपने ड्राइविंग लाइसेंस में जोड़ना है।
पते के प्रमाण के लिए हमने बिजली के बिल की रसीद एप्लीकेशन के साथ संलग्न कर दी है।

अतः आपसे निवेदन है कि आप हमारे नए पते को हमारे ड्राइविंग लाइसेंस में जोड़ दे। इसके लिए हम सदैव आपके आभारी रहेंगे।

नया पता        -

   आपका विश्वासी। 
   नाम           - (अपना नाम लिखे )
    मो               - (मोबाइल no  )
     (Sign करें )

आप इस application का फोटो भी प्राप्त कर सकते है।

driving licence address change karne ke liye application



Note :- जब भी अपना पता बदलने के लिए मंत्रालय में जाये तो एक address proof और आधार कार्ड , driving licence साथ में लेकर के जाये और उसका ज़ेरोक्स भी।
पता online update होता है तो इसमें देरी नहीं लगती। 1 दिन में ही नया पता चढ़ जाता है।


तो दोस्तों यह थी जानकारी driving licence के application के बारे में। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।

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Om Shanti Kya Hai? ॐ शांति की जानकारी


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे ॐ शांति के बारे में। कि ॐ शांति क्या है ? ॐ शांति का मतलब क्या होता है ? इसकी सुरुवात कब और कैसे हुई ? ॐ शांति का इतिहास क्या है ? और वर्तमान समय में इसकी स्थिति क्या है ?

तो यदि आप भी ॐ शांति के बारे में जानना चाहते है तो ये जानकारी सिर्फ आपके लिए है। आप इसे अंत तक जरूर पढ़े।

om shanti kya hai
om shanti kya hai
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ॐ शांति का मतलब ?

ॐ शांति का मतलब होता है कि "मैं आत्मा ज्योतिबिंदु शांत स्वरुप हूँ "
जब भी हम एक दूसरे से मिलते है तो "ॐ शांति " कहते हैं। इससे हम एक दूसरे के प्रति आत्मिक भाव को दरसाते है कि हम सभी आत्माएं है। और आपस में भाई -भाई हैं। भले ही शरीर से हम स्त्री हो ,दूसरे जाती ,धर्म के हो लेकिन आत्मिक भाव से हम सभी भाई -भाई हैं।

लोग यूँ ही कह देते हैं - हिन्दू ,मुस्लिम ,सिक्ख ,ईसाई आपस में हम भाई -भाई। लेकिन कोई पूछे कि कैसे हम भाई -भाई हैं ? तो फिर जवाब नहीं दे पाते।
तो इसका जवाब है कि आत्मिक दृस्टि से हम सभी भाई -भाई है और यही ॐ शांति का मतलब है।


ॐ शांति क्या है ? ॐ शांति की जानकारी। 

ॐ शांति सिर्फ एक सत्संग नहीं है। यह गलतफैमी नए -नए लोगों में होती है। ओर सत्संगों की तरह वह इसे भी समझते हैं। लेकिन यह सिर्फ सत्संग नहीं है अपितु यह "यज्ञ " है।

और इस यज्ञ का नाम है :- राजसूय अश्वमेघ अविनाशी रूद्र गीता ज्ञान यज्ञ।
यह यज्ञ अधिक से अधिक 100 वर्षों का है जिसकी सुरुवात स्वयं परमपिता शिव करते हैं और जिसमे सारी दुनिया की आहुति दी जाती है।

ॐ शांति की सुरुवात कैसे हुई ?

(अधिक लम्बा ना हो जाये इसीलिए यह जानकारी संक्षिप्त में है। )
इसकी सुरुवात 1936 में हुई। कलकत्ते में परमपिता शिव ने ब्रह्मा (दादा लेखराज ) में प्रवेश करके इस यज्ञ की सुरुवात की।
पहले दादा लेखराज को तरह -तरह के साक्षात्कार होते थे , वे उन साक्षात्कारों को नहीं समझ पाते थे , तो उन्होंने अपने 12 गुरुओं से पूछा , उनको समाधान नहीं मिला। फिर वे कलकत्ता गए अपने भागीदार के पास -वहाँ से उनको समाधान मिला।

और यह पता चला कि - इस दुनिया का अंत अब निकट है , नई दुनिया सतयुग की स्थापना होने वाली है जिसकी स्थापना की जिम्मेवारी मुझे (दादा लेखराज ) को मिली है।

वे ही सतयुग के प्रथम कृष्ण बनेंगे। atom बॉम्ब की विभीषिका से सारी दुनिया विनाश को पायेगी। सभी आत्माएं धर्मराज की सजा खाकर -पतित से पावन बनकर अपने घर परमधाम जाएगी।

कुछ श्रेष्ठ आत्माओं का शरीर बर्फ में दब जायेगा। फिर विनाश के बाद , आत्माएं परमधाम से वापस आकर बर्फ में दबे शरीरों में प्रवेश करेंगी और इसी तरह सतयुग नई दुनिया की सुरुवात होगी।
जहां प्रकृति सर्वगुण संपन्न और आत्माएं 16 कला सम्पूर्ण होगी।


ॐ शांति का इतिहास ?

कलकत्ते में साक्षात्कारों का पता पड़ने के बाद वे वापस अपने घर सिंध हैदराबाद आ गए। (जो अभी पाकिस्तान में है ) पहले इस यज्ञ का नाम ॐ मण्डली था। लोग ॐ -ॐ ध्वनि का उच्चारण करते थे। कई लोगों को साक्षात्कार भी होता था।

बताया जाता है कि सुरुवात के 10 साल इस यज्ञ को incognito (बाहरी दुनिया से अलग ) - गुप्त रखा गया। जिसमे लोग ध्यान में जाते थे और प्यू की वाणी चलती थी ( जिस तरह अभी मुरली चलती है )

और परमपिता शिव अन्य कई बच्चों में भी प्रवेश करते थे और प्यू की वाणी चलाते थे और ब्रह्मा बाबा लिखते थे।
(मुरली पॉइंट - ऐसे ऐसे बच्चे थे जो  मम्मा बाबा को भी drill कराते थे teacher हो बैठते थे ,और यह बैठ लिखते थे। )

फिर 1947 में ,देश आज़ाद होने के बाद यह संगठन करांची आ गया। और फिर 1951 में माउंट आबू राजस्थान में स्थापित हो गया। तब से यह यज्ञ विस्तार तो पाते जा रहा है। 1969 में दादा लेखराज (ब्रह्मा ) का शरीर छूट जाता है। और दीदी - दादियां यज्ञ के संचालक बनते है।

मुख्य बात - मृत्यु होने के बावजूद ब्रह्मा की आत्मा गुलज़ार दादी में प्रवेश करके direction देते है अव्यक्त वाणी चलाते है।  और इसे सुनने के लिए हज़ारों की संख्या में लोग देश -विदेश से आते हैं। इसे live tv के द्वारा भी दिखाया जाता है। तब ये यह यज्ञ इसी तरह चल रहा है।


ॐ शांति की स्थिति -वर्तमान समय में। 

वर्तमान समय में परमपिता शिव गुप्त रूप में कार्य कर रहे हैं। जिसके बारे में अव्यक्त वाणी में कहा -

पहले बाबा ब्रह्मा में प्रवेश किये , फिर गुलज़ार में किये। अब किसमे प्रवेश किये ? जिसमे प्रवेश करना था उसमे किये। .... बाबा की सिर्फ आवाज़ जानी चाहिए ,किसका तन लिया यह प्रत्यक्ष नहीं होना चाहिए क्योंकि तीनो नदियों में एक नदी को गुप्त दिखाया है ना। ( अव्यक्त वाणी - 23 . 07 . 2017 )

तो शिव का पार्ट अभी भी चल रहा है। स्थापना ,पालना ,विनाश का कार्य अब पूरा होने वाला है। पुरुषार्थ का समय अब ख़त्म हुवा।
ऐसे देश -विदेश में हज़ारों ॐ शांति के आश्रम हैं - जहां पे जाकर आप राजयोग का ज्ञान ले सकते हैं और अपने जीवन को हिरे तुल्य बना सकते हैं।
ॐ शांति। धन्यवाद।

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