Hindi में निबंध Essay कैसे लिखे


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम सीखेंगे कि Hindi  में  निबंध  कैसे लिखते है। निबंध  लिखने का क्या तरीका होता है। और निबंध के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जानेंगे।
यदि आप HIndi  में निबंध लिखना चाहते है ,  किसी topic पर भी निबंध हो , तो आप लिख पाएंगे। आपको सिर्फ कुछ ही चीजों का ध्यान रखना है। वह क्या है उसके लिए इस post को जरूर अंत तक पढ़े।

Hindi  में निबंध  कैसे लिखे। 

तो दोस्तों यदि आप Hindi  में निबंध  लिखना चाहते है , तो आपको मुख्य 3 बातों को ध्यान रखना होगा।

hindi me nibandh essay kaise likhe
hindi me nibandh essay kaise likhe
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1. निबंध  किस प्रकार का है। 

मुख्य 4 प्रकार के निबंध  होते हैं।

i )  वर्णनात्वक - Descriptive - आप निबंध  एकदम स्पष्ठ लिखे। इसमें आप जिस भी विषय पर निबंध  लिख रहे है , उसका विवरण देना है। यानि आपको describe करना है , अपना पसंद -नापसंद बताना है।
जैसे - मेरा विद्यालय  , मेरे सपनो का घर। इत्यादि।

ii ) विचारात्मक - Reflective - इस तरह के निबंध  में आपको अपना विचार देना होता है। हरेक का अपना -अपना विचार होता है , लेकिन आप कुछ ऐसा विचार दे , जिससे की लोग परेशानी से बाहर निकले और उसे लाभ हो। आसान भाषा में आपको solution देना है , अपना experience share करना है।
जैसे - सफलता के लिए मेहनत करना जरूरी है। बिज़नेस के लिए टीम वर्क का महत्व।

iii ) कथनात्मक - Narrative - अब इस तरह के निबंध  में आपको कथा लिखना है , यानि कहानी लिखना है।
आपसे किसी के ऊपर भी कहानी पूछा जा सकता है।  आपको उसके बारे में कहानी कहना है और अपना विचार रखना है।  जैसे - कबीर दास , तुलसी दास के ऊपर निबंध। इत्यादि।

iv )  विवादप्रिय -Argumentative - अब इस तरह के निबंध  में आपको विवाद करना है  , यानि तर्क करना है। कि कोई कुछ कह रहा है , आप कुछ कह रहे है।  आपको reasons देने है , कि मैं जो कह रहा हूँ वही ठीक है और इसी से change आएगा।
जैसे - समाज की भलाई कैसे हो , विश्व में शांति कैसे आये। इत्यादि।

Note :- तो यह है मुख्य 4 तरह की निबंध। यदि इन सब चीजों का आप ध्यान नहीं रखते है , तो आप बस एक चीज के ऊपर ध्यान रखे और वह है जानकारी। किसी भी topic के ऊपर आपको कितनी जानकारी है , यदि आपके पास जानकारी है , तो फिर कोई भी निबंध  रहे , किसी भी तरह का निबंध  रहे , आप लिख पाएंगे।

2 . निबंध  लिखते समय आप इन बातों का ध्यान जरूर रखे।

निबंध  में समानता ( unity ) और संलग्नता (coherence ) होना चाहिए।  समानता  के लिए आप अपने विचारों को एक साथ स्पष्ठ ढंग से बताये और संलग्नता  के लिए कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग करे जिनसे paragraph को जोड़ा जा सके। इसके लिए आप  जुड़े शब्द और वाक्यों का सही प्रयोग कर सकते है।

(जुड़े शब्द ) जैसे - और, या, लेकिन,पहले, अगले, आखिरी, अंत में,बाद में, फिर, जल्द ही, हालांकि, इसके अलावा, इत्यादि।

(वाक्य ) जैसे  :- संक्षेप में, एक अनुरोध के रूप में, दूसरी ओर, इसके विपरीत, इसके अलावा, निष्कर्ष में, योग करने के लिए, आदि।

3. हरेक निबंध  के तीन भाग होते है। 

यह सबसे महत्वपूर्ण है।  आप कुछ याद रखे या ना रखे , लेकिन यह जरूर याद रखे। इससे आप कोई भी Essay को आसानी से लिख पाएंगे।

i ) आरम्भ ( Beginning ) - इसे introduction भी कहा जाता है।  निबंध  का यह भाग अधिक बड़ा नहीं होना चाहिए। इस भाग में आपको दिए गए topic का definition , उसके सम्बन्ध में जानकारी - जैसे topic क्या है ? उससे क्या होता है , वह कब बना था , उसके बारे में short details आपको देना होता है।

ii ) प्रधान अंग  ( Body ) - इस भाग में आपको तर्क -वितर्क arguments , उसके बारे में व्याख्या देना है , कुछ उदाहरण देना है। पूरी illustrations देनी है।

अब एक नया भाग जुड़ गया है और वह है।

iii  ) फायदे और नुकसान ( Benefits & harm  ) - अंत में आपको निबंध  के topic के ऊपर लाभ - हानि बतानी है।  इसके क्या -क्या लाभ है वह बताना है , क्या -क्या नुकसान है वह भी बताना है।  इससे कितने लोगों को फायदा हुआ है , इत्यादि चीजों को बताना है।

iv  ) उपसंहार  ( Conclusion ) :- इसमें आपको पुरे निबंध  का लेखा -जोखा , साफ़ -साफ़ शब्दों में देना होता है। या कहे निबंध  का पूरा सारांश (summary ) देना होता है। इस भाग में आपको सच्चाई बतानी होती है , इसमें आपके महत्वपूर्ण बातों से लोगों को चुभान भी हो सकती है।
तो यह था निबंध के लिए सबसे महत्वपूर्ण पार्ट। सबसे पहले introduction देना है , फिर कुछ examples , व्याख्या करनी है।  फिर conclusion में आना है , पूरी summary को बताना है।  और अंत में उसके फायदे और नुकसान को बताना है। तो यह बातें आप जरूर याद रखे।


Note :- निबंध  लिखते समय इन सभी भागों को अलग - अलग paragraph में लिखना है। यानि आपको एक निबंध  4 paragraph में लिखना है। ये बात भी आप ध्यान में रखे , इसी से आपको नंबर मिलेंगे। और इसी से आपके निबंध  में सुंदरता आएगी।


तो दोस्तों यह थी जानकारी कि आप हिंदी  में निबंध  कैसे लिखेंगे , उसके क्या -क्या तरीके है , और किन -किन चीजों को आपको ध्यान में रखना है। मुझे उम्मीद है की आपको ये जानकारी जरूर मदद करेगी।
यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है , तो हमें comment करके जरूर बताये। और इस post को जरूर अपने दोस्तों तक share करे। ताकि और लोगों को भी मदद मिल सके।

धन्यवाद। 

Scholarship के लिए Application Letter हिंदी English


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे scholarship के बारे में। और scholarship के लिए application लिखेंगे। यदि आपको school या college से scholarship चाहिए , तो आप इस post को जरूर अंत तक पढ़े। इसमें हम scholarship के बारे में जानकारी देंगे और scholarship के लिए application लिखेंगे।
हम application हिंदी  और English दोनों भाषाओं में लिखेंगे , जिससे आपको अधिक मदद मिल सके।

scholarship ke liye application letter
scholarship ke liye application letter
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Scholarship की जानकारी।

Case -1  Scholarship का अर्थ होता है छात्रवृत्ति। यानि छात्रों को वृत प्रदान करके मदद करना छात्रवृत्ति कहलाता है। यदि कोई विद्यार्थी पढ़ने में अच्छा है और उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है , तो वह छात्रवृत्ति के लिए application दे सकता है। और अपनी school fee आधा या पूरा माफ़ करा सकता है।

Case -2  Scholarship के लिए exam भी होता है। बोहोत कम ही स्कूलों में यह exam होता है। लेकिन बाहर के teaching institute scholarship के लिए exam कराते है। यह exam class 9 th से शुरू होती है। तो आप भी अपने आस - पास के institute में जाइये और scholarship के लिए exam दीजिये।
Case - 3  कोई आपको Scholarship क्यों देगा ?
चाहे आप स्कूल में है या coaching institute के लिए apply कर रहे हैं। तो सोचिये कि कोई भी आपको scholarship  क्यों देगा ? यदि स्कूल वाले सभी को scholarship देने लगे , तब तो स्कूल डूब जायेगा। आपको scholarship देने में स्कूल वालों का और coaching institute वालों का क्या फायदा होगा ?

तो आपको पढ़ने में बोहोत अच्छा होना होगा , या फिर sports या दूसरे field में बोहोत अच्छा होना होगा। जिससे की स्कूल का नाम हो। तभी आप scholarship मिलने की उम्मीद कर सकते हैं।

Scholarship के लिए Application हिंदी में।

सेवा में ,                                                                                           दिनांक -
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय ,
डी ० ए ० वी ० पब्लिक स्कूल,
 ( धनबाद )

विषय :- क्षात्रवृत्ति के लिए प्रार्थना पत्र ।
महोदय ,

              सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का 8वीं  कक्षा का विद्यार्थी हूँ। मेरा परिवार बोहोत ही कठिनाइयों से गुजर रहा है। हम घर में 2 भाई और 2 बहन हैं। मेरे पिताजी की मासिक आय केवल 2500 /- रुपये हैं। जिसमे से हमारी पढ़ाई के साथ - साथ घर भी चलाना होता है। मेरी घर की परिस्थिति ऐसी हो गयी है कि , मुझे अपना पढ़ाई छोड़ना पड़ेगा।

मेरी पढ़ाई में बोहोत ही रूचि है। मैंने प्रत्येक परीक्षाओं में 90 % से अधिक अंक प्राप्त किये हैं। और मैं खेल -कूद में भी स्कूल के लिए पदक ला चूका हूँ। अब मेरा भविष्य आप के हाथ में है। मेरी तमन्ना है कि मैं एक डॉक्टर बनूँ और लोगों को इलाज करके मदद कर सकूं।

अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे क्षात्रवृत्ति देने की कृपया प्रदान करें। इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूँगा।

आपका आज्ञाकारी क्षात्र।
सुमित कुमार
कक्षा - 8वीं - A
अनुक्रमांक - 12

आप इस application का photo भी प्राप्त कर सकते हैं।
scholarship ke liye application


Application for Scholarship from School/College

To,                                                                                                   Date-
The Principal,
D.A.V. Public School,
(Dhanbad)

Sub:-  Request for Scholarship
Sir,

       Most humbly and respectfully that, I am a class 8th student. My family is going through hard times. We are 2 brothers and 2 Sisters. My father's monthly income is only Rs. 2500/-.
From which we have to run house with our studies. My family situation has become such that  I have to stop my studies.

I am interested very much in studies. I have scored more than 90% in every exam . And I  also won many medals for school in sports. Now, My future is in your hand. My aim is to become a doctor and help people by treating them.

So, I request you to please give me a scholarship. I will be highly thankful to you.

Your Obedient Student
Sumit Kumar
Class - 8 (A)
Roll No. - 12

आप इस application का photo भी प्राप्त कर सकते हैं।

application for scholarship from school college
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Note :- यदि आप college में हैं और scholarship चाहते हैं तो स्कूल के जगह पर अपना college का नाम लिखे और class के जगह पर अपना class लिखे।

Letter - Father to Principal asking for fee concession for his son.

To,
The Principal,
D.A.V Public School
( Dhanbad)

Dear Sir,
               My son Sumit Kumar is studying in class 11th in your school. He is an intelligent and diligent boy and has always shown a bright record in every examination. He passed the High School Examination in 1st division with distinction in all subjects. I am a man of the meager drawing salary of Rs. 2500/- per month and having the burden of education of three other children. I find hard to meet the minimum household expenses.

I am, therefore not in a position to pay the school fee for my son. Would you be kind enough to grant him full concession in the fee? I shall remain highly obliged to you for this.

Thanking you,
Yours faithfully
Prem Ram Kumar

आप इस application का photo भी प्राप्त कर सकते हैं।
letter to principal for fee concession.


तो दोस्तों यह थी जानकारी , scholarship के बारे में।  Scholarship के लिए application और letter के बारे में।
मुझे उम्मीद है कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी।
यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है , तो हमे नीचे comment करके बताये।  और इस post को अपने दोस्तों तक share करे ताकि और लोगों को इस post से मदद मिल सके।
धन्यवाद।

Bank में Aadhar Card Link करने के लिए Application


नमस्कार दोस्तों आपका anekroop में स्वागत है। आज हम जानेंगे कि बैंक में यदि हमें अपना आधार कार्ड link करवाना है तो उसके लिए हम application कैसे लिखेंगे।
मैंने इससे पहले भी बैंक में आधार कार्ड link करने की जानकारी दी थी। कि कैसे आप बैंक में अपना आधार कार्ड link कर पाएंगे। यदि आप ने नहीं पढ़ा है तो इसे जरूर एक बार पढ़े।


bank me aadhar card link karne ke liye application
bank me aadhar card link karne ke liye application
Bank में Aadhar Card Link करने के लिए Application

सेवा में ,                                                                                         दिनांक (              )  
                 श्रीमान शाखा प्रबंधक 
                 (बैंक का नाम , पता )
                 विषय - आधार कार्ड लिंक करने के लिए  । 
                 महाशय ,
                                सविनय निवेदन है कि मैं (अपना नाम लिखे ) आपके बैंक का एक खाताधारी हूँ । 
 मुझे अपने खाते से अपना आधार कार्ड लिंक करवाना है , जिससे की मेरा खाता और भी सुरक्षित हो जाये ।
अतः आपसे निवेदन है कि आप मेरे खाते के साथ मेरा आधार कार्ड का नंबर जोड़ दे ।    इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूँगा।

आधार कार्ड  नंबर :-

               
                                                                                       आपका विश्वासी। 
                                                                                     नाम           - (अपना नाम लिखे )
                                                                                    A /C  no.    - (अकाउंट नंबर लिखे )
                                                                                      (Sign करें )

आप इस application की फोटो भी देख सकते हैं।
aadhar card link karne ke liye application


Note :- Bank में Aadhar Card Link करने के लिए

आज के समय में आधार कार्ड को link करवाना बोहोत जरूरी हो गया है। इससे आपका account safe हो जाता है , और आप इससे कई सारे सरकार के आयोजना के फायदे भी ले पाएंगे।
मैंने पहले भी इसके फायदे के बारे में बता चुका हूँ। आप इसे नीचे में दिए लिंक से पढ़ सकते हैं।


धन्यवाद। 

मन क्यों सोचता है? Why Mind Thinks


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे कि मन क्यों सोचता है? मन के अंदर क्या है जो मन सोचता है और मन हमेशा सोचते ही क्यों रहता है ?
आपको यह topic कुछ अजीब सा लग रहा होगा , लेकिन मेरा विश्वास मानिये कि इसे पढ़ने के बाद आपके विचार बदल जायेंगे और आप बोहोत आनंदित महसूस करेंगे।

यदि आपको जानना है कि मन कैसे सोचता है ? तो उससे पहले आपको आत्मा के बारे में समझना होगा।
आत्मा में 3 शक्तियाँ होती हैं - मन , बुद्धि और संस्कार।
तो आज हम यहाँ मन के ऊपर बात करेंगे और जानेंगे कि मन कैसे सोचता है ?

mann kyu sochta hai
मन क्यों सोचता है 
जिस तरह पैर से हम चलते हैं - अब प्रश्न उठता है कि पैर से हम कैसे चलते है ?
इसका जवाब है कि पैर का ऐसा आकार है।  ऊपर से नीचे (vertical)  सीधा  और फिर सपाट (horizontal ), जो की हमें चलने में मदद करती है।

दूसरा उदाहरण मैं देता हूँ आँख - आँख से हम कैसे देख पाते हैं ?
तो इसका जवाब है कि हमारे आँखों में lens लगे हुवे होते हैं , जिनकी मदद से हम देख पाते हैं।

और जितनी भी इन्द्रियाँ है  - हाथ हो ,नाक हो , कान हो।  इन सभी इन्द्रियों में (sense organs ) में कुछ ना कुछ ऐसा चीज है जिनसे की यह अपना कार्य कर पाती है।

वैसे ही मन में क्या है जो मन सोचता है ?

मन शरीर की 11 वीं इन्द्रियां कही जाती है। और सोचना भी एक कार्य है। किसी व्यक्ति विशेष के बारे में सोचना , पढ़ाई में प्रश्नों के बारे में सोचना।  इत्यादि।

तो हम यह नहीं कह सकते हैं कि सोचना कोई कर्म नहीं है। इसलिए मन में कुछ नहीं है। यदि कोई कहता है कि सोचना कोई कर्म नहीं है, यह तो normal है , अपने -आप होता है।

तो इसका भी जवाब है - ठीक है यह अपने आप होता है। मन अपने आप सोचता है। लेकिन हम इसे change भी तो करते हैं। हम अपने सोंच को बदलते भी तो हैं।

जब भी हमारे पिताजी को घर आने में late हो जाती है , तब हमारे सोच कैसे हो जाते हैं ?
कहीं पिताजी को कुछ हो तो नहीं गया ?, जरूर पिताजी party कर रहे होंगे , नहीं -नहीं traffic में फँस गए होंगे।

तो हम यहाँ पर अपने सोंच को change कर रहे हैं। क्या कहके - कि वह traffic में फँस गए होंगे।

और सोचना कर्म नहीं है तो फिर ऐसा क्यों कहते हैं - मन जीते जगतजीत।
जिसने मन को जीत लिया तो वह जगत को भी जीत सकता है। यानि जो अपने सोच के ऊपर , संकल्पों के ऊपर जीत पा सकता है तो वह संसार के ऊपर भी जीत पा सकता है।

और यदि अपने सोंच से जीत पाना है तो उससे लड़ना भी तो होगा ना। और यदि हम जानेंगे नहीं कि सोंच क्या है ? मन क्यों सोचता है ? तो हम अपने सोच से लड़ेंगे कैसे।

तो यही बात मैं आपको बताने जा रहा हूँ , कि आखिर मन में क्या है ? जिससे की वह सोच पाता है। 
इसका जवाब है - मन में याद है। जिसकी वजह से वह सोच पाता है। 

एक उदाहरण से आप इसे समझिये :- कई cases में देखा गया है कि , जब किसी के साथ कोई हादसा हो जाता है - सड़क दुर्घटना , छत से नीचे गिरना।  तो उनकी याददास्त चली जाती है।

यानि बचपन से accident होने के समय तक जितनी भी उनकी यादें थी वह ख़त्म हो जाती है। ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति अपने बीते हुए कल के बारे में नहीं सोच पाता। ऐसा नहीं है कि उनकी बुद्धि साथ नहीं देती , बुद्धि अच्छी होती है , लेकिन वह सोच नहीं पाता।

क्यूंकि वह यादें मन के पास नहीं है तो वह कैसे सोचेगा। ऐसे ही हम अपने पिछले जन्मों के बारे में नहीं सोच पाते। क्यों ?

हम अपने पिछले जन्मों के बारे में क्यों नहीं सोच पाते ?

क्यूंकि मृत्यु भी एक बड़ी accident है। जिस तरह इन छोटे accident से याददास्त चली जाती है , उसी तरह मृत्यु भी एक बड़ी accident है , जिससे की हम अपने पिछले जन्मों के बारे में भूल जाते है।

तो निष्कर्ष क्या निकला :- कि हम जैसी यादें देंगे मन को , मन वैसा ही सोचेगा। 
हम कोई अच्छी यादें देंगे जैसे सफलता का।
जैसे :- किसी अवार्ड show में जाना, कोई match देखने जाना , किसी के success पार्टी में जाना। तो आप मन को सफलता की यादें दे रहे हैं। तो मन उसी के बारे में सोचने वाला है।

और यदि किसी व्यक्ति की road accident में मौत हो गयी है , और आप उसे देखने जाते हैं , तो आपका मन वैसे ही चीजें सोचने वाला है।
और इससे बचने के लिए क्या करे - आप वहां जाये ही नहीं। तो मन सिर्फ कल्पना ही कर सकता है।  कि ऐसे उसके 2 टुकड़े हुवे होंगे , ऐसे वह मारा होगा।  बस ! वह ज्यादा उसके बारे में नहीं सोच पायेगा। क्यूंकि उसके पास वह यादें है ही नहीं तो वह सोचेगा कैसे।

तो अब मुझे लगता है कि आपको जवाब मिल गया होगा कि मन क्यों सोचता है ? मन में क्या है जिससे की वह सोच पाता है।
जैसे हमारे पैर का निचला भाग सपाट है तो हम चल पाते हैं। आँखों में lens है , कानों में ear drums है तो देख और सुन पाते हैं।

वैसे ही मन में क्या है जिससे की वह सोच पाता है - तो जवाब है मन में यादें है जिससे की वह सोच पाता है।
अब आपको अच्छे सोच चाहिए , या बुरे सोच यह आपके हाथों में है।
क्यूंकि - जैसा सोचोगे तुम , वैसा बन जाओगे।


तो दोस्तों यह थी जानकारी मन के बारे में । मुझे उम्मीद है की आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।
और इस post को अपने दोस्तों , रिस्तेदारों तक जरूर पहुंचाए , जिससे उन्हें भी सच्चाई का पता चले।

यदि आप हमारे आने वाले post को miss नहीं करना चाहते है तो आप हमें subscribe कर ले। नीचे box में अपना email दे दें।  जिससे की notification आपको मिलते रहेगी।

आप इसके बारे में video भी देख सकते है।



धन्यवाद। 

Pitaji Ko Patra कैसे लिखे in Hindi


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे कि पिताजी को पत्र कैसे लिखते है। पिताजी को पत्र लिखते समय हमें किन -किन चीजों के प्रति ध्यान रखना चाहिए।  और हम पत्र कई विषयों पर लिखेंगे।
जैसे - पैसे के लिए पिताजी को पत्र , पढ़ाई की उन्नति पर पिताजी को पत्र।

pitaji ko patra kaise likhe
pitaji ko patra kaise likhe
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पिताजी को पत्र लिखने का तरीका। 
  • जब भी आप पिताजी को पत्र लिख रहे हो , तो पत्र 3 भागों में लिखे। 
  • सबसे पहले आप पत्र में अपने बारे में बताये। हम ठीक है , हमारी पढ़ाई अच्छी चल रही है , यहाँ सब कुसल है। इत्यादि। 
  • अब आपको विषय लिखना है , जिसके बारे में आप पत्र लिख रहे हैं। पैसे के लिए , अपना हाल -चाल सुनाने के लिए , छोटे भाई के पढ़ाई के सम्बन्ध में। इत्यादि। 
  • अब अंत में आपको धन्यवाद करना है - जैसे , माँ को प्रणाम दीजियेगा , सभी घर वालों को मेरा प्यार दीजियेगा। इत्यादि। 



तो चलिए अब हम पिताजी को पत्र लिखते है।  
पढ़ाई में उन्नति होने पर पिताजी को पत्र। 

पूज्य पिताजी। 
सादर प्रणाम , 
                       मैं यहाँ कुसल हूँ। और आशा करता हूँ कि आपलोग भी कुशल होंगे। कई दिनों से आपसे बात नहीं हुई थी , तो सोचा आपको अपना हाल  सुना दूँ। मेरी पढ़ाई बोहोत अच्छी चल रही है।  मैंने पुरे कॉलेज में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सभी शिक्षक मेरी बोहोत प्रसंशा करते हैं। अब मैं अपनी अगली परीक्षाओं की तैयारी में लग गया हूँ। और अपने सभी परीक्षाओं में प्रथम आने की कोशिश करूँगा। 

आप कैसे हैं ? घर में और सब कैसे है ? प्रीतम की पढ़ाई कैसी चल रही है ? हमें पत्र भेजकर बताइयेगा। 
आप लोगों की बोहोत याद आती है।  इस  बार गर्मी की छुट्टी में आऊंगा।  फिर हम सब घूमने के लिए कश्मीर जायेंगे। 

आज के लिए बस इतना ही। माताजी को मेरा प्रणाम दीजियेगा। और सभी घरवालों को मेरा प्यार। 
                                                                                                       आपका प्यारा पुत्र। 
                                                                                                           सुमित। 

आप इस पत्र का photo भी प्राप्त कर सकते है। 

pitaji ko patra in hindi

पैसे के सम्बन्ध में पिताजी को पत्र। 

पूज्य पिताजी। 
सादर प्रणाम,
                     मैं यहाँ कुशल हूँ। और आशा करता हूँ कि आपलोग भी कुशल होंगे। इंजीनियरिंग में मेरा पहला साल ख़त्म हो चूका है।  मैंने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है ।  सभी शिक्षक मेरी पढ़ाई से बोहोत खुश हैं। और सभी मेरी प्रसंशा करते हैं। दूसरी साल की पढ़ाई अगले महीने से शुरू होगी। जिसके लिए कॉलेज फ़ीस और हॉस्टल फीस की जरूरत है। कॉलेज फीस - Rs . 20,000  और  हॉस्टल फीस  Rs. 10,000 . 

यदि मैं इस बार भी प्रथम स्थान प्राप्त करूँगा , तो मुझे क्षात्रवृत्ति मिलेगी , उसके लिए मैं बोहोत मेहनत कर रहा हूँ। आपलोगों की बोहोत याद आती है , घर से दूर रहना कठिन है , लेकिन यहाँ मेरे बोहोत अच्छे दोस्त बन गए हैं। और वो भी आपसे मिलना चाहते हैं। 

आप कैसे है ? घर में सब कैसे है ? हमे पत्र लिखकर बताइयेगा। माताजी को मेरा प्रणाम दीजियेगा और सभी घर वालों को मेरा प्यार। 
                                                                                                              आपका प्यारा पुत्र। 
                                                                                                                  सुमित। 

आप इस पत्र का photo भी प्राप्त कर सकते है। 
pitaji ko patra likhe hindi me.





तो दोस्तों यह थी पिताजी को पत्र लिखने का तरीका।  आप ऐसे ही अपने पिताजी को पत्र लिख सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। 
यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके बताये। और इस post को अपने दोस्तों तक facebook ,watsap में share करे। ताकि और लोगों को भी मदद मिल सके। 
धन्यवाद। 

ATM Unblock Karne Ke Liye Application जानकारी


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे कि यदि हमारा atm कार्ड block हो जाता है तो उसे unblock कैसे करेंगे और उसके लिए हम application कैसे लिखेंगे।
Atm कार्ड से सम्बंधित जानकारी आपको इस post में मिलेगी। आपका account किसी भी बैंक में हो आप इस application का इस्तेमाल कर पाएंगे।

atm card unblock kare
atm card unblock kare
ATM कार्ड Unblock कैसे करे। 

यदि आपका atm कार्ड गलत pin डालने के वजह से block हुआ है तो वह अपने आप अगले 24 से 48 घंटो में unblock हो जायेगा।
और यदि आपने खुद phone से , net banking से या बैंक में जाकर अपना atm कार्ड block करवाया है तो फिर से वह unblock नहीं हो पायेगा।
इसके लिए आपको नया atm कार्ड लेना होगा।
यह नियम sbi का है। यदि आपका account दूसरे बैंक में है तो आप अपने बैंक में जाकर पता करे या tollfree नंबर से पता करे।


ATM कार्ड Unblock करने के लिए Application 

सेवा में ,
                 श्रीमान शाखा प्रबंधक                                                                दिनांक (              )   
                 (बैंक का नाम , पता )
                 विषय - ATM फिर से चालू करने  के लिए आवेदन  । 
                 महाशय ,
                                सविनय निवेदन है कि मैं (अपना नाम लिखे ) आपके बैंक का एक खाताधारी हूँ । 
मेरा पुराना ATM कार्ड बंद/ख़राब/अवधि समाप्त   हो गया है इसीलिए मुझे अपना atm कार्ड फिर से चालू कराना है।
जो की Master Card /Visa /Rupay (अपने अनुसार चुने ) कार्ड होनी चाहिए। 
                     
                                                   अतः आपसे निवेदन है कि आप हमारे atm कार्ड को फिर से चालू करवा दे या हमें नया atm कार्ड देने की कृपा प्रदान करें   ।  इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूँगा। 
                   
                                                                                       आपका विश्वासी। 
                                                                                     नाम           - (अपना नाम लिखे )
                                                                                    A /C  no.    - (अकाउंट नंबर लिखे )
                                                                                    मो               - (मोबाइल no  )
                                                                                      (Sign करें )

आप इस application का photo भी प्राप्त कर सकते है।



atm unblock karne ke liye application
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Application to Unblock  ATM Card

To,                                                                                                           Date -
The Branch Manager,
State Bank Of India, Dhanbad
Sub - To renewal my atm card
Sir,
       Most humbly and respectfully that , I am a customer of your bank , My atm card has blocked/expired . So , I want to renewal my atm card.
So, please give me ( Rupay, Master Card, Visa) atm card. I will be highly thankful to you.

Yours truly
Sumit Kr.
A/c
Mb-
Sign-

ATM कार्ड ब्लॉक कैसे करे।

यदि आप अपने atm कार्ड को ब्लॉक करना चाहते हैं तो वह भी आप आसानी से कर सकते हैं। आप अपने बैंक के customer care नंबर पर फ़ोन करके , net banking द्वारा या ब्रांच में जाकर भी अपना atm ब्लॉक करा सकते हैं।

ATM कार्ड ब्लॉक कब कराये। 

जब कोई आपके atm का गलत इस्तेमाल कर रहा हो और आपको पता भी ना हो तो ऐसी स्थिति में आपको अपना atm कार्ड ब्लॉक करा देना चाहिए।
मेरे साथ भी ऐसा हुआ है , कोई मेरे atm से online shopping कर रहा था तभी , मेरे mobile में otp आया -
otp कुछ इस प्रकार का था - otp 587496  for titan watch from your debit card ending ***

तब मैंने तुरंत customer care को फ़ोन करके पूछा कि कौन मेरा atm इस्तेमाल कर रहा है और फिर उस atm को बंद कर दिया।

मेरे साथ ऐसा इसलिए हुआ था क्यूंकि मैंने कई websites पे अपना atm कार्ड का details  दिया हुआ था , उसमे से किसी ने मेरे privacy को लीक कर दिया। तब से मैं 2 बैंक account रखता हूँ। अलग -अलग बैंक के।

एक बैंक अकाउंट में कम पैसे रखता हूँ  और उसी से online shopping करता हूँ। और एक बैंक account का details मैं कभी किसी को नहीं देता।

Note :- अपना atm कार्ड ब्लॉक करा लेने के बाद आपको एक नंबर मिलेगा - उसको आपके registered मोबाइल में भेजा जायेगा। और जब आप नया atm के लिए apply करने जाएंगे तब आपसे यह नंबर पूछा जायेगा।

तो दोस्तों यह थी जानकारी atm unblock करने के application के बारे में , atm कार्ड ब्लॉक करने के बारे में और atm से सम्बंधित कुछ जानकारी। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।


और इस post को अपने दोस्तों , relations में share करे ताकि उन्हें भी इसकी जानकारी मिल सके।
धन्यवाद।


भगवान और देवी -देवता में अंतर - भगवतगीता


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम आध्यात्म के ऊपर बात करेंगे और जानेंगे कि क्या देवी -देवता और भगवान दोनों अलग है और यदि अलग हैं तो कैसे ? भगवतगीता में इसके विषय में क्या कहा गया है। आज हम जो भी बात आपको बताने जा रहे है वो भगवतगीता के आधार पर बताएँगे और कोई अंधश्रद्धा की बात नहीं बताएँगे। जो भी बात हम करेंगे वह proof और प्रमाण के साथ करेंगे। इसलिए आप इसे जरूर अंत तक पढ़े।

bhagwan aur devi devta me antar
bhagwan aur devi devta me antar
भगवान और देवी -देवता में अंतर - भगवतगीता 9/25 श्लोक। 

यान्ति देवव्रता देवान्पितृन्यान्ति पितृव्रताः। 
भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजीनोपि माम।।

अर्थ :- देवताओं के भक्त देवताओं को पाते हैं , पितृभक्त पितरों ( माँ -बाप ) को पाते हैं , भूतों के पुजारी भूतों को पाते हैं और मेरे में तन -मन -धन यजन करने वाला मेरे को ही पाते हैं।

विस्तार में :- जो देवी -देवताओं की पूजा कर रहे हैं -वह देवी देवताओं को पाएंगे यानि वे देवी -देवताओं के प्रजा -साहूकार बनेंगे। या कहें उन्हें देवी -देवताओं से प्राप्ति होगी। वे देवी देवताओं से ज्ञान ,सुख -शांति का वर्षा पाएंगे।

और  जो अपने माँ-बाप को अधिक मानते है तो आज के समय में भी देखा जाता है कि उनको माँ -बाप बोहोत प्यार करते हैं और उन्हें अपनी कमाई हुई धन -दौलत सौंप देते हैं।

और भूतों के जो पूजने वाले हैं , प्रेत आत्माओं को , उनके नाम पर बलि आदि चढ़ाते हैं।  तो वे उन्ही प्रेत आत्माओं के वर्षे को पाएंगे , जैसे - भूत प्रेत की शक्ति , इनमे पांचो विकार - काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह ,अहंकार अधिक रहेगा।  और ऐसे लोग दूसरों को अपने वस में करना चाहेंगे।

और जो मेरे में यानि भगवान में अपना तन -मन -धन  लगाता है तो वह उस ईश्वर के भाव को पाते हैं।
जैसे - भगवान में जो शक्तियाँ है , तो वह उन शक्तियों को पाता है।
ईश्वर का यदि हम संधि करे तो होता है - ईस =शासन करने वाला , वर = श्रेष्ठ
यानि जो श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ शासन करने वाला है। सभी को एक भाव आत्मभाव से देखने वाला।

तो जो ईश्वर में अपना तन -मन -धन लगाते है तो वे दुनिया का श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ शासन कर्ता बनते हैं।
जैसे -लक्ष्मी और नारायण।



भगवान और देवी -देवता में अंतर है। 

इस श्लोक से यह proof हो जाता है कि भगवान अलग है और देवी -देवता अलग है।
जो देवी -देवता को पूजेंगे वह देवी -देवता से प्राप्ति करेंगे और जो भगवान को पूजेंगे वह भगवान से प्राप्ति करेंगे।

भगवतगीता में कई और श्लोक भी हैं वो इस बात को सिद्ध करती है।

7 /23  श्लोक :- अंतवत्तु फलं तेषां तद्भवत्यल्पमेधसाम। 
                      देवान्देवयजो यन्ति मद्भक्ता यन्ति मामपि।। 

अर्थ :- उन अल्पबुद्धि वाले , बेसमझ लोगों का तो वह फल विनाशी होता है ; देवों के प्रति त्याग करने वाले देवताओं को पाते हैं , मुझे भजने वाले मेरे (भगवान ) को ही पाते हैं।

निष्कर्ष - भगवान और देवी -देवता में अंतर।

तो इन श्लोकों से हमें यह पता चल गया है , कि भगवान अलग है और देवी -देवतायें अलग होते हैं।
गीता में और भी ऐसे श्लोक हैं जो इन बातों को सिद्ध करती है।

यदि आप गीता के श्लोकों से इस बात को नहीं मानना चाहते , तो आप अपने धर्म के ग्रंथों से समझ सकते है।
जितने भी धर्मपिता इस सृष्टि में आये , चाहे वह गुरुनानक हो , ईसामसीह हो , मोहम्मद हो , इब्राहिम हो इत्यादि।
तो उन्होंने कभी अपने को भगवान नहीं कहा।  उन्होंने अपनी उंगली ऊपर करते हुए कहा कि ,मैं भगवान नहीं हूँ , मैं भगवान का messenger  सन्देश देने वाला हूँ।

तो अब वह भगवान कौन है ? उसको हम कैसे भजेंगे जिससे कि उनसे प्राप्ति कर सके।  उसके लिए आप हमारे website www.anekroop.com में हमेशा आते रहे।

तो दोस्तों यह थी जानकारी भगवान और देवी -देवता में अंतर की। मुझे उम्मीद है की आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।
और इस post को अपने दोस्तों , रिस्तेदारों तक जरूर पहुंचाए , जिससे उन्हें भी सच्चाई का पता चले।

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धन्यवाद। 

Passport बनाने के लिए Application-और जानकारी


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है।  आज हम बात करेंगे पासपोर्ट के बारे में। जानेंगे की पासपोर्ट क्या होता है ? पासपोर्ट कैसे बनता है ? पासपोर्ट बनाने के लिए हमें क्या क्या चाहिए होता है ? पासपोर्ट कितने दिनों में बनता है ? और पासपोर्ट बनाने के लिए application कैसे लिखते है ? और भी कुछ जरूरी जानकारी पासपोर्ट के बारे में।

यदि आप नया पासपोर्ट बना रहे है तो इस post को जरूर आप अंत तक पढ़े , इस post से आपको बोहोत मदद मिलेगी।

passport ki jankari
passport ki jankari

पासपोर्ट क्या होता है ?

पासपोर्ट International यानि अंतरास्ट्रीय travel करने के लिए होता है। यदि आप अपने देश से कही बाहर जाते है तो आपको पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है जिसमे आपके नाम ,उम्र ,जन्मतिथि ,हस्ताक्षर ,फोटो होता है।
यह पासपोर्ट किसी भी व्यक्ति को पहचानने के लिए होता है कि वह व्यक्ति कौन है और किस देश का नागरिक है।

पासपोर्ट कितने प्रकार के होते है ?

पासपोर्ट 3 प्रकार के होते है।
1. Regular Passport - यह पासपोर्ट आम लोगों के लिए होता है। यह पासपोर्ट देश के किसी भी व्यक्ति को मिल सकता है। कोई यदि विदेश पढ़ने , business ,vacation के लिए जाते है तो उन्हें यही passport बनाना होता है।
यह passport blue colour का होता है।

2. Official Passport - यह पासपोर्ट सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है। यह कोई सरकारी कर्मचारी विदेश में business करना चाहता है तो उसे यह passport बनाना होता है। यह पासपोर्ट सफ़ेद colour का होता है।

3. Diplomatic Passport - यह पासपोर्ट भारतीय सरकार के top ranking लोगों के लिए होता है। यह पासपोर्ट मैरून रंग का होता है।

पासपोर्ट कैसे बनता है ?

पासपोर्ट बनाने के लिए आप online या offline दोनों तरीकों में से किसी से भी बना सकते है।
online बनाने के लिए passportindia.gov.in का इस्तेमाल करे। यह भारत सरकार की website है।
और यदि आप offline बनाना चाहते है तो आप अपने नजदीकी पासपोर्ट office से बना सकते है।

पासपोर्ट बनाने के लिए जरूरी चीजें ?

यदि आप पासपोर्ट बनाना चाहते है तो आपको 3 proof देने होते है।
1. Proof of Address
2. Proof of Date of birth
3. Non ECR

proof of address और proof of date of birth के लिए आप इन सातों में से कोई भी documents को दे सकते है।
आधार कार्ड , वोटर id कार्ड , driving license , birth certificate , electricity bill , gas connection book ,passbook (6 month old ) etc .

Non ECR के लिए आप इन 3 चीजों में से किसी एक को दे सकते है।
1. 10th  Certificate
२. Diploma Certificate
3. Income Tax Return file

सभी documents correct होने चाहिए , सभी documents के original और zerox दोनों लेकर के जाये , photo की जरूरत नहीं होती है , आपका photo वही पर लिया जायेगा।

पासपोर्ट बनने में कितना समय लगता है ?

पासपोर्ट बनने में कम से कम 1 महीने का समय लगता है।  यदि आप जल्दी बनाना चाहते है तो आप criminal background ना होने का effidebit certificate बनवा के दे दें जिससे की 7 दिनों में आपका पासपोर्ट बनकर तैयार हो जायेगा।

पासपोर्ट बनाने के लिए Application

सेवा में ,
श्रीमान पासपोर्ट अधिकारी ,
पटना

विषय - कार्य हेतु विदेश जाने के लिए पासपोर्ट।
महोदय ,

                सविनय निवेदन है कि मैं सुमित कुमार  पटना का निवासी हूँ। मैंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और अब काम के लिए मुझे न्यू ज़ीलैण्ड (New Zealand ) से प्रस्ताव आया है। मेरे शहर के और भी लोग वहाँ जा चुके है। अब मैं भी जाना चाहता हूँ। जिसके लिए मुझे पासपोर्ट की जरूरत है।

 पासपोर्ट से जुडी सभी जरूरी दस्तावेज मैंने संलग्न कर दिया है।

अतः श्रीमान से निवेदन है कि  मुझे जल्द से जल्द पासपोर्ट बना कर देने की कृपया प्रदान करें। इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूँगा।

                                                                                                                आपका विश्वासी
                                                                                                                   सुमित कुमार

आप इस Application का photo भी देख सकते है।

passport banane ke liye application
passport ke liye application
Note - पासपोर्ट ऑफिस में फोटो लेने के बाद आपसे  कुछ सवाल भी पूछ सकते है। जैसे - आपके पिता क्या करते है , आपने पढ़ाई कब कहाँ पूरी की। इत्यादि।
पासपोर्ट ऑफिस में सभी दस्तावेज जमा करने के 2 -3  दिन के बाद आपको पुलिस स्टेशन बुलाया जायेगा। पुलिस स्टेशन में आपको अपने साथ और 2 लोगों को लेकर के जाना होगा जो आपको पहचानते हो। और फिर उसके 20-30  दिनों में आपको आपका पासपोर्ट मिल जायेगा।



तो दोस्तों यह  थी जानकारी पासपोर्ट के बारे में। कि पासपोर्ट क्या है , कैसे बनता है , पासपोर्ट के लिए Application इत्यादि। मुझे उम्मीद है की आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी।
यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।
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धन्यवाद।