Gas Connection Transfer करने के लिए Application


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। पिछले post में हमने जाना था कि कैसे हम gas connection transfer karenge और इस post में हम बात करेंगे कि कैसे हम Gas connection transfer करने के लिए application लिखेंगे। Gas connection अपने पिताजी-पुत्र , या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर transfer करने के लिए application जानेंगे और अपना gas connection किसी अन्य agency में transfer करने के लिए application भी जानेंगे। तो दोस्तों आप इस post को अंत तक पढ़े आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी।

मैंने application हिंदी और English दोनों भाषाओं में लिखा है , जिससे कि आपको अधिक मदद मिल सके।

gas connection transfer application
gas connection transfer application
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Gas Connection Transfer Application -पिता से पुत्र को।

सेवा में ,                                                                                                  दिनांक -
 श्रीमान मैनेजर साहब ,
 इंडेन गैस एजेंसी
(रांची ,झारखण्ड )

विषय :- गैस कनेक्शन अपने पुत्र के नाम पर करने हेतु।
महाशय ,
               सविनय निवेदन है कि मैं रतन सिंह, आपके इंडेन गैस का एक लाभुक हूँ। मेरी तबियत हमेशा ख़राब रहती है , और मैं अब भाग -दौड़ नहीं करना चाहता हूँ। इसीलिए मैं अपना गैस कनेक्शन अपने पुत्र के नाम पर ट्रांसफर करवाना चाहता हूँ। मैंने अपने पुत्र की आधार कार्ड,पासबुक का ज़ेरोक्स एप्लीकेशन के साथ संलग्न कर दिया है।

अतः आपसे निवेदन है कि आप मेरे गैस कनेक्शन को मेरे पुत्र के नाम पर कर दे। इसके लिए हम सदैव आपके आभारी रहेंगे।

आपका विश्वाशी।
रतन सिंह,
रांची निवासी।

आप इस application का image भी प्राप्त कर सकते है।

gas connection transfer karne ke liye application pita se putra ko.
ये भी पढ़े :-

Gas Connection Transfer Application- Father To Son

To,                                                                                                  Date -
The Manager,
Indane Gas Agency
Ranchi, Jharkhand

Sub- Transfer of gas connection to my son.

Sir,
         Most humbly and respectfully that I Ratan Singh consumer of your gas agency wants to transfer my gas connection to my son name. Nowadays, my health is in bad condition and I want to take a rest from outside work. My son's aadhar card and bank passbook are attached to this application.

So, please transfer my gas connection to my son name. I will be highly thankful to you.

Yours truly,
Ratan Singh
Ranchi

आप इस application का image भी प्राप्त कर सकते है।

gas connection transfer application father to son.

Note :- मैंने यहां पर बेटे के नाम पर transfer करने के लिए application लिखा है , यदि आपको किसी अन्य सदस्य के नाम पर transfer करना है तो उनका नाम application में दे।
जब आप gas agency जा रहे है तो ध्यान दे कि जिसके नाम पर transfer करवाना चाहते है उनका आधार कार्ड और बैंक पासबुक, 2 passport size photo  साथ में लेकर के जाये। और अपना गैस का पासबुक भी।

ये भी पढ़े :-


Gas Agency बदलने के लिए Application- HP to Indane

सेवा में ,
 श्रीमान मैनेजर साहब ,
 एचपी गैस एजेंसी
(रांची ,झारखण्ड )

विषय :- गैस कनेक्शन इंडेन में ट्रांसफर करने हेतु ।
महाशय ,
               सविनय निवेदन है कि मैं रतन सिंह , आपके एचपी गैस का एक लाभुक हूँ। मैं अपनी गैस कनेक्शन  इंडेन में ट्रांसफर करना चाहता हूँ , क्योंकि वह मेरे घर से नजदीक पड़ता है और कम समय में गैस की लेन -देन हो जाती है। मैंने गैस सिलिंडर और चूल्हा जमा कर दिया है और अपना सिक्योरिटी का पैसा वापस चाहता हूँ।

अतः आपसे निवेदन है कि आप मेरे गैस एजेंसी को इंडेन में ट्रांसफर कर दे। इसके लिए हम सदैव आपके आभारी रहेंगे।

आपका विश्वाशी।
रतन सिंह,
रांची निवासी।

आप इस application का image भी प्राप्त कर सकते है।

gas agency badalne ke liye application.

Gas Agency Transfer Application- HP To Indane

To,
The Manager,
Hp Gas Agency
Ranchi, Jharkhand

Sub- Transfer of gas agency to Indane.

Sir,
         Most humbly and respectfully that I Ratan Singh consumer of your gas agency wants to transfer my gas connection to Indane. As Indane gas agency in close to my house and easy & fast to take any gas from them. I have deposited 2 gas cylinder and stove and I want my security money back.

So, please transfer my gas agency to Indane. I will be highly thankful to you.

Yours truly,
Ratan Singh
Ranchi

आप इस application का image भी download कर सकते है।

gas agency transfer application-hp to indane.


Note- Application देने के बाद agency से transfer vaucher ले लें और उसे नए agency में जमा करे। पूरी जानकारी के लिए नीचे दिए post को पढ़े।





तो दोस्तों यह थी जानकारी gas connection transfer करने के application के बारे में। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह application पसंद आई होगी। यदि आप ओर कोई विषय पर application चाहते है तो हमें comment करके जरूर बताये।

आप इस application अपने facebook ,watsapp में भी share करे ताकी और लोगों को भी मदद मिल सके। और हमारे website को free में Subscribe करे।धन्यवाद। 

Gas Connection / Agency Transfer कैसे करे


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम बात करेंगे Gas Connection या  Agency transfer करने के बारे में। हम जानेंगे कैसे हम gas connection को एक ही city में transfer करते है। Gas connection  को दूसरे city,state  में कैसे transfer करते है। Same gas agency में transfer करने के लिए क्या करे , दूसरे gas agency में transfer करने के लिए क्या करे।
तो आप इस post को अंत तक पढ़े , आपको Gas connection से related सभी जानकारी मिल जाएगी।

gas connection transfer kare
gas connection transfer kare
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Gas Connection को same city में कैसे transfer करे। 

यदि आप अपने gas connection को same city में  transfer करना चाहते है , same city में आप अपना घर बदल रहे है ,या same city में आपके 2 घर है तो उसके लिए यह जानकारी है। जैसे Ranchi के अंदर किसी के 2 घर हो और वह अपने दूसरे घर में gas connection transfer करवाना चाहता हो। या हो सकता है कि gas का store ही सामने में खुल गया हो।

इसके लिए process कुछ इस प्रकार है।

Step -1 
  • जिस agency से आपने gas connection लिया है वहाँ पर जाये। जैसे Indane , HP ,भारत इत्यादि। 
  • Gas Connection लेते समय जो पासबुक आपको मिला था उसको लेकर के जाये।साथ में आधार कार्ड और 2 photo भी। 
  • जिसके नाम पर gas connection है उनको ही जाना है। 
  • जाने के बाद आपको Transfer Submission का Vaucher लेना है। 
  • इसके लिए आपसे Rs. 88.50 लिए जायेंगे। और बस आपका transfer request submit हो जायेगा। 
Step -2 
  • अब इस Transfer Submission Vaucher को लेकर नए Gas Agency  के पास आपको जाना है। जहां से आपको नया connection लेना है। और submission vaucher को जमा करना है। 
  • अपने साथ आपको - Proof of Address , Identity card , आधार कार्ड , Account detail( पासबुक ) , KYC , और 2 passpor size photo लेकर के जाना है। 
  • वहाँ भी आपसे Rs.88.50 लिए जायेंगे। 
तो इतनी सी प्रक्रिया है same city के अंदर gas connection transfer करने के लिए।
Gas Connection को दूसरे City/State  में Transfer कैसे करे। 

यदि आप एक शहर से दूसरे सहर shift हो रहे है , और अपना gas connection transfer करवाना चाहते है जैसे कोई रांची से जमशेदपुर shift हो रहा हो। तो उसके लिए यह जानकारी है।

इसके लिए process कुछ इस प्रकार है।

Step -1 
  • जिस agency से आपने gas connection लिया है वहाँ पर जाये। जैसे Indane , HP ,भारत इत्यादि। 
  • Gas Connection लेते समय जो पासबुक आपको मिला था उसको लेकर के जाये।आधार कार्ड ,photo भी।  
  • जिसके नाम पर gas connection है उनको ही जाना है। 
  • और अपने साथ cylinder ,gas चूल्हा जो मिला था उसको भी लेकर के जाये। 
  • जाने के बाद आपको Transfer Termination Vaucher दिया जायेगा। 
  • इसके लिए आपसे Rs. 88.50 लिए जायेंगे।
  • Security amount चूल्हा और cylinder का आपको वापस कर दिया जायेगा। 
  •  और बस आपका transfer request submit हो जायेगा। 
Step -2 
  • अब इस Transfer Termination  Voucher को लेकर नए Gas Connection के पास आपको जाना है। जहां से आपको नया connection लेना है। और Transfer vaucher को जमा करना है। 
  • अपने साथ आपको - Proof of Address, Identity card, आधार कार्ड , Account detail (बैंक पासबुक ) , KYC,  और 2 passport size photo लेकर के जाना है। 
  • वहाँ भी आपसे Rs.88.50 लिए जायेंगे। 
  • और आपको security money जमा करना है, cylinder और चूल्हे के लिए। 
  • और बस आपका gas connection other cities या state में transfer हो जायेगा। 
Gas Agency (Company )Transfer करने के लिए क्या करे।

यदि आप अपना gas agency transfer करना चाहते है -जैसे - indane से भारत में , या hp से indane में  , जिससे आपको अच्छी सुविधा मिल रही हो तो आप कर सकते है।

इसके लिए फिर से वही आपको 2 steps follow करने है। आप चाहे तो इसे online भी transfer कर सकते है।
इसका process क्या है ? उसके लिए जानकारी दी गई है।



Step -1 
  • जिस agency से आपने gas connection लिया है वहाँ पर जाये। जैसे Indane , HP ,भारत इत्यादि। 
  • Gas Connection लेते समय जो पासबुक आपको मिला था उसको लेकर के जाये।आधार कार्ड ,photo भी।  
  • जिसके नाम पर gas connection है उनको ही जाना है। 
  • और अपने साथ cylinder ,gas चूल्हा जो मिला था उसको भी लेकर के जाये। 
  • जाने के बाद आपको Transfer Vaucher दिया जायेगा। 
  • इसके लिए आपसे Rs. 88.50 लिए जायेंगे।
  • Security amount चूल्हा और cylinder का आपको वापस कर दिया जायेगा। 
  •  और बस आपका transfer request submit हो जायेगा। 
Step -2 
  • अब इस Transfer  Voucher को लेकर नए Gas agency  के पास आपको जाना है। जहां से आपको नया connection लेना है। और Transfer vaucher को जमा करना है। 
  • अपने साथ आपको - Proof of Address, Identity card, आधार कार्ड , Account detail (बैंक पासबुक) , और 2 passport size photo लेकर के जाना है। 
  • वहाँ भी आपसे Rs.88.50 लिए जायेंगे। 
  • और आपको security money जमा करना है, cylinder और चूल्हे के लिए। 
  • और बस आपका gas connection दूसरे agency में transfer हो जायेगा। 
या आप एक और चीज़ कर सकते है कि अपना gas connection बंद कर सकते है। और नए agency से नया connection ले सकते है। आजकल gas connection free में मिल रहा है तो इससे आपको फायदा हो सकता है।

और यदि आपको online gas agency transfer करना है तो वह भी आप कर सकते है। जिसके लिए मैंने website का नाम नीचे दे दिया है। आप इस website में जाकर अपना gas agency transfer कर सकते है। mylpg.in .

तो दोस्तों यह थी जानकारी gas connection transfer करने के बारे में , मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके बताये।
और इसे आप जरूर अपने दोस्तों तक share करे ताकि और लोगों को भी मदद मिल सके। इसे facebook ,watsapp में भी share करे। और हमारे website को free में Subscribe करे।
धन्यवाद।

Parampita Parmatma Kaun Hai? मतलब और सच्चाई।


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में फिर से स्वागत है। राजयोग के तीसरे दिन में हम जानेंगे परमपिता परमात्मा के बारे में। परमपिता परमात्मा कौन है , इस शब्द का मतलब क्या होता है। उनका कार्य क्या है ?
वह कैसे दीखते है ? लोग उनको अलग -अलग नामों से क्यों बुलाते है। उनमे कौन -कौन सी शक्ति है ? उनका असल स्वरुप क्या है ? और ढेर सारी बातें जानेंगे परमपिता परमात्मा के बारे में।

parampita parmatma
parampita parmatma
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परमपिता परमात्मा कौन है ? मतलब और सच्चाई।

परमपिता -परमात्मा यह 2 अलग -अलग शब्द है। एक है परमपिता और एक है परमात्मा।
परमपिता = (परम =सबसे ऊँचा , पिता )
परमात्मा =(परम =सबसे ऊँचा , आत्मा )

इन दोस्तों शब्दों को आप देखेंगे तो आपको पता पड़ेगा कि ये दोनों शब्द आपस में विपरीत है।
परमपिता = जो कि सभी आत्माओं का पिता है। जितने भी धर्मपिता आये उनके भी वे पिता है। किट ,पशु ,पक्षी सबके वे पिता है। उनकी तुलना आत्माओं से नहीं की जा सकती।

जब किसी से तुलना की जाती है तब परम और कनिस्ट शब्द का इस्तेमाल होता है। और यहां पर परमपिता जन्म -मरण के चक्र में नहीं आते , वे गर्व से जन्म नहीं लेते बाकि जितनी भी आत्माएं है वह गर्व से जन्म लेती है। इसीलिए परमपिता की तुलना बाकि आत्माओं से नहीं की जा सकती।
तो आत्माओं में परम और कनिस्ट परमपिता के लिए लागु नहीं होती है।


वह परमात्मा के लिए लागु होती है। जितनी भी आत्माये है उनमे से एक ऐसी भी आत्मा है जो इस सृष्टि में सबसे ऊँचा पार्ट बजाती है , जिसे लोग सृस्टि के आदि पुरुष भी कहते है। अंग्रेज लोग उसे एडम कहते है , जेनियो में आदिनाथ , मुसलमान उसे आदम कहते है , और हिन्दुओं में उसे आदिदेव शंकर कहते है।

वहीँ परमपिता को सभी धर्मपिता पुकारते है। कोई उसे अल्लाह कहता है , तो कोई उसे Godfather , कोई भगवान कहता है तो कोई उसे ईश्वर कहता है।

मुसलमान लोग एक कहावत कहते है - आदम को खुदा मत कहो ,आदम खुदा नहीं है। लेकिन खुदा के नूर से आदम जुदा नहीं है।
हिन्दू लोग कहते है - गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु , गुरु देवो महेश्वरः। गुरु साक्षात परमब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः।
यानि ब्रह्मा ,विष्णु ,शंकर सब गुरु है ,उनसे भी ऊपर परमब्रह्म है उनको तू नमन कर।तू आदम को नहीं खुदा को नमन कर।

तो बात यहां स्पस्ट हो जाती है कि
परमपिता = GOD ,भगवान ,अल्लाह है।
परमात्मा = आदम ,एडम,आदिदेव शंकर है।

(हिन्दुओं में लोग भगवान और देवी -देवता को एक ही मानते है , लेकिन यह सही नहीं है, जो की साबित हो चूका है वहीँ शिव और शंकर अलग है ये भी बोहोत कम ही लोग जानते है। इन सभी राजों को स्वयं परमपिता-(परमात्मा के द्वारा) आकर बता रहे है। इसीलिए लोग परमपिता और परमात्मा को एक ही समझ लेते है।

परमपिता परमात्मा कैसे दीखते है।

परमपिता = उनका असल स्वरुप निराकार ही है। उनका कोई आकार नहीं है। वह एक चैतन्य शक्ति है (ऊर्जा है ) जो कि इन आँखों से दिखाई नहीं देती है। जब वह किसी में प्रवेश करते है , तब उनके अंदर से जो ज्ञान और vibration निकलते है उससे पता पड़ जाता है कि इसमें भगवान की प्रवेशता है।

वह निराकार है , तो कई लोग निराकार को मानते है , जिसकी यादगार में शिवलिंग में बिंदी भी दिखाते है।
लोग उसकी पूजा करते है , तो कई लोग उसे याद करते है। यह तो है उनका रूप।
उनका रंग सफ़ेद है - सफ़ेद इसलिए क्यूंकि वे शांति, पवित्रता के सागर है (और सफ़ेद रंग शांति का प्रतिक होता है )

तो जैसे आकाश में star तारे दिखाई देते है , वैसा ही परमपिता का स्वरुप है। जिसकी यादगार में सोमनाथ के मंदिर में शिवलिंग के बिच में कोहिनूर का हिरा रखा गया था। मक्का में पत्थर को भगवान का प्रतिक मानकर चूमते है , god is light कहकर अंग्रेज उसे प्रकाश के समान मानते है।

लेकिन ये सब अधूरी पहचान है -पूरी पहचान तब कहेंगे जब हम उनके बताये गए ज्ञान से उन्हें पहचानेंगे। जो की 100 % सच होगी। उनका एक -एक वाक्य पत्थर की लकीर होगी। जो ज्ञान अभी वो परमात्मा शंकर के द्वारा दे रहे है।


परमपिता परमात्मा की शक्तियां।

लोग कहते है कि भगवान की हम इतनी पूजा करते है, रोजा रखते है तो भगवान मेरे सभी दुखों को दूर कर देंगे। लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं। महाभारत में एक द्रोपदी को बचाने के लिए भगवान आ गया और यहां अनेक द्रौपदीयां नग्न हो रही तो भगवान क्यों नहीं आते।क्यूंकि ये सब झूठ है।

ऐसा कहना कि भगवान मेरी दुखों को दूर करेगा, भगवान मुझे परीक्षा में पास कराएगा , भगवान मेरी नौकरी लगाएगा , भगवान मेरे लिए अच्छा पति देगा।  ऐसा विश्वास रखना सब झूठ है।

तो फिर उनमे कौन सी शक्तियां है ? वह परमपिता कैसे है ? वह हमें क्या देता है ? और कब देता है ?

वह ज्ञान का सागर है , वह पवित्रता का सागर है ,वह शांति का सागर है। वह त्रिकालदर्शी है ( सभी के भूत ,भविष्य ,वर्तमान को जाननेवाला है ) , उनके पास सभी के दिलों की आवाज पहुँच जाती है।

तो वह हमें ज्ञान देता है , और ऐसा ज्ञान देता है जिससे की हम अपने सभी जन्मो को श्रेष्ठ बना सकते है। वह एक जन्म का वर्षा नहीं देता है , वह पुरे 84 जन्मो का वर्षा देता है। वह इस सृष्टि के अंत में आता है , जब सभी आत्माये दुखी और अशांत हो जाती है। तब वह आकर के सभी आत्माओं को सुख और शांति का वर्षा देती है।

वह विशेष 2 चीजें कहते है - 1. इस ज्ञान को अपने जीवन में धारण करो , इसे अनुभव करो और  2.  मुझे याद करो।
मुझे याद करते -करते तुम मेरे जैसे सुख और शांति के सागर बन जायेंगे और ज्ञान से तुम राजाई के पद को प्राप्त करेंगे।

बाकि भगवान कोई अंधश्रद्धा की बातें नहीं बताते , वह तो प्रकृति पति है इसीलिए वे प्रकृति के किसी भी नियम को नहीं तोड़ते। वह तो सहज राजयोग की बातें बताते है। जो अभी आपको मिल रहा है।


तो भाइयों यह थी परमपिता परमात्मा की जानकारी। मैं उम्मीद करता हूँ कि इस जानकारी से आपके जीवन में परमात्मा के बारे में नजरिया बदलेगा। आप इसे share जरूर करे ताकि और भाइयों तक भी यह जानकारी जाये।
और यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये। और हमारे website को free में Subscribe करे। धन्यवाद।

Sim गुम होने की Application और जानकारी


Sim गुम होने की Application और जानकारी 

नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम बात करेंगे Sim गुम होने के बारे में। यदि सिम गुम हो जाये ,खो जाये तो हमें क्या करना चाहिए। सिम गुम होने पर हम पुलिस स्टेशन में application कैसे लिखेंगे।
तो चलिए हम आज के इस post की सुरुवात करते है तो जानते है कि सिम गुम होने पर हमें क्या करना चाहिए।

sim gum hone par kya kare
sim gum hone par kya kare
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सिम गुम हो जाने पर क्या करे। 

यदि आप गलती से अपना सिम खो देते है ,या फिर कोई आपके मोबाइल को चुरा लेता है तो ऐसी स्थिति में आपको सबसे पहले अपने सिम के customer care से बात करनी चाहिए। Customer Care 198

उनसे बात करके अपना सिम बंद करा लेना है। वह आपसे सिम की details पूछेंगे।
जैसे -सीम किसके नाम पे है , address , last recharge इत्यादि।
इस सबका जवाब देने के बाद आपके sim को temporary बंद कर दिया जाता है।
यहां पर ध्यान देने की बात है कि temporary बंद होता है। यानि थोड़े समय के लिए बंद होता है , यदि company चाहे तो उसी नंबर का sim कुछ दिन के बाद दूसरे ग्राहक को बेंच सकती है। और ऐसा कई बार देखा भी गया है।

इससे आप मुश्किल में पड़ सकते है - आपका call उसके पास चला जाता है ,और यदि वह नंबर बैंक में ,या Office में है तो सभी details उनतक पहुँच जाती है। तो सिर्फ customer care को call करके बंद कर देना यह पूरा समाधान नहीं है। इसके लिए आपको अपने sim को पूरी तरह से बंद करना होगा। उसके लिए आगे के post को पढ़ते रहे।



Sim को पूरी तरह बंद करे। नया Sim लें। 

यदि आप गुम हुए sim को पूरी तरह बंद करना चाहते है तो उसके लिए आपको police station में FIR करानी होगी।
Sim के गुम होने पर FIR कराना आसान होता है , वह FIR का आपसे 250 रुपये तक charge कर सकते है।
और FIR कराने के बाद आपको एक receiving दिया जायेगा।
लेकिन FIR के लिए एक application देनी होती है जो कि मैंने आपके लिए नीचे लिख दिया है ।

Note :- यदि आप गुम हुए Sim को दोबारा चालू करना चाहते है तो उस FIR के receiving को अपने Sim के service centre में ले जाये और फिर एक नया Sim आपको दे दिया जायेगा। जो कि वही नंबर का होगा।

जब भी आप Sim लेने service centre जाये तो FIR के receiving के साथ -साथ अपना आधार कार्ड और 50 से 100 रुपये लेकर के जाये। नया Sim मिलने पर आपसे पैसे charge किये जायेंगे, ये depend करता है कि Sim किस Company का है।

ये भी पढ़े -


Sim गुम होने पर Application 

सेवा में ,                                                                                               दिनांक -
             श्रीमान थाना प्रबंधक
             नावाडीह (बोकारो )
विषय :- सिम गुम होने के सम्बन्ध में ।
महोदय ,
               मैं एक रिपोर्ट दर्ज करना चाहता हूँ कल रात, मैं मार्केट में सब्जी लेने गया और जब घर आया तो देखा मेरा मोबाइल गायब है। मैं वापस सब्जी मार्केट में गया , वहां कई लोगों से भी पूछा लेकिन किसी के पास  मेरे मोबाइल की जानकारी नहीं थी। हो सकता है कि वो रास्ते में कही गिर गया हो, या फिर किसी ने चुरा लिया हो।

मुझे मोबाइल की कोई परवाह नहीं है लेकिन जो उसमे सिम है उसकी मुझे परवाह है। जिसके लिए मुझे एक FIR दर्ज करवानी है। जिससे कि मैं वही नंबर को दोबारा चालू कर सकूं।

अतः श्रीमान से निवेदन है कि मेरी FIR दर्ज की जाये और मुझे उसकी एक कॉपी प्रदान करे जिससे की मैं जल्द से जल्द अपना नंबर चालू कर सकूं। इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।

आपका विश्वासी।
महेश प्रसाद
स्थानीय निवासी,देवघर।

आप इस application का photo भी प्राप्त कर सकते है।

sim gum hone par application
sim gum hone par application
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Note :- यूँ तो FIR दर्ज करने का पैसा नहीं लिया जाता है , लेकिन कई जगहों पर मैंने देखा है कि Sim के खो जाने पर लिया जाता है। तो यदि आपके Police Station में पैसे नहीं लेते है तो अच्छी बात है और यदि लेते है तो 200 से 250 तक ही दे।

तो दोस्तों ये थी जानकारी Sim गुम होने की और उसके लिए Application की। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर मदद करेगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।

और इस post को अपने दोस्तों तक ,जरूरतमंद तक ,और इसे आप अपने facebook ,watsapp में भी share कर सकते है।और हमारे website को free में Subscribe करे। 
धन्यवाद। 

3 लोक कौन से हैं ? मनुष्य ,सुक्ष्म, ब्रह्म लोक।


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे 3 लोकों के बारे में। यही कि 3 लोक कौन से है ? वहाँ पर कौन रहते है ? और उनतक कैसे पहुंचा जाये। 
तो इस post की सुरुवात करते है और जानते है मनुष्य लोक ,सुक्ष्म लोक और ब्रह्मलोक के बारे में। 


3 lok kaun se hai
©pinterest.com
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1. साकार मनुष्य लोक। स्थूलवतन। 

नाम से ही पता चल जाता है कि जहां मनुष्य आत्माये रहते है तो उस स्थान को मनुष्य लोक कहते है। यहां पर मनुष्य के साथ -साथ जानवर , पशु -पक्षी इत्यादि जीव रहते है। जिसे पृथ्वीलोक भी कहते है। 
इस लोक में जीव 5 तत्वों से बनते है - जिसे - जल ,वायु ,अग्नि ,पृथ्वी ,आकाश कहते है। जिसे हम प्रकृति भी कहते हैं। यहां के लोग जन्म -मरण के चक्र में आते है। 
यहां सुख -दुःख, रात -दिन ,जन्म -मृत्यु से जीवन चलता है। 

ये सृष्टि आकाश तत्व के अंश मात्र में है ( आकाश इतना बड़ा है कि उसके सामने अंश के बराबर है ) . इसे सामने त्रिलोक के चित्र में उलटे वृक्ष के रूप में दिखाया गया है। क्योंकि इसके बीजरूप परमपिता परमात्मा ऊपर रहते हैं। 

ये भी पढ़े :-
2. सुक्ष्म लोक - देव लोक। सुक्ष्मवतन 

यह लोक , मनुष्य लोक के तरागमन के पार ( solar system के पार ) जहां प्रकाश ही प्रकाश है। 
उस लोक में ब्रह्मा ,विष्णु ,शंकर की अलग -अलग पूरियां है। इन देवताओं के शरीर हड्डी -मांसादि से नहीं बल्कि प्रकाश के है। जिसे दिव्य सुक्ष्म शरीर भी कहते है। यहां दुःख अथवा अशांति नहीं होती। 
इन्हे दिव्य (ज्ञान) नेत्र के द्वारा ही देखा जा सकता है। 
यहां संकल्प ,क्रियाये ,बात -चित होती है लेकिन आवाज नहीं होती। 

यहां सभी बातें बेहद में - यानि आत्मा की stage के बारे में कहा गया है। 

ये भी पढ़े :-
3. ब्रह्मलोक , परलोक , परमधाम या मूलवतन। 

इन लोकों के भी पार एक और लोक है जिसे - ब्रह्मलोक , परलोक , परमधाम ,मूलवतन,शान्तिधान ,निर्वाणधाम ,शिवलोक आदि नामों से जाना जाता है। इसमें सुनहरे लाल रंग का प्रकाश फैला हुवा है जिसे ही ब्रह्म तत्व , छठा तत्व और महातत्व कहा जाता है। इसमें आत्माएं मुक्ति की अवस्था में रहती है। यहां हरेक धर्म की आत्माओं का अलग -अलग संस्थान (sections ) है। 

यह सभी आत्माओं का घर है ,यहीं से सभी आत्माएं पृथ्वी पर जाती है अपना part बजाने। यहां आत्माओं के साथ -साथ आत्माओं का बाप , शिव भी रहते है। जिसे अल्लाह , Godfather कहते है।
भगवान का घर यही है , और संगमयुग आने पर वह पृथ्वी पर जाते है और सभी आत्माओं को पतित से पावन बनाकर वापस अपने घर ले आते है। (जो समय अभी चल रहा है ) 

और जब सभी आत्माओं का पार्ट ख़त्म हो जाता है (महाविनाश ) के बाद फिर सभी आत्माये वापस अपने घर परमधान चली आती है। और फिर से यह चक्र घुमता है। 

ये भी पढ़े:-
manushya lok ,shuksham lok, brahmalok
©pinterest.com
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3 लोकों को विस्तार से समझिये। 

आत्मा इस सृष्टि में कहाँ से आई ? ये किट , पशु -पक्षी ये सब आत्माये हैं। सबके अंदर आत्मा है
गीता में एक श्लोक आया है जिसमे भगवान ने अर्जुन को बताया है- कि मैं कहाँ का रहने वाला हूँ ? "न तद भास्यते सूर्यो न शशांको न पावकः। 
यद् गत्वा न निवर्तन्ते तद धाम परमम् मम। " (गीता 15 /6 )

अर्थात जहां सूर्य ,चंद्र ,सितारों का प्रकाश नहीं पहुँचता , जहां अग्नि का प्रकाश नहीं पहुँचता ,वह मेरा परे ते परे धाम है, जहां का मैं रहने वाला हूँ।
 यह श्लोक इस बात का प्रमाण है कि भगवान परमधाम के रहने वाले हैं , सर्वव्यापी नहीं है। यहां साबित किया गया है कि 5 तत्वों की दुनिया से परे एक और ऐसा एक छठा तत्व है -ब्रह्मलोक। 

जिसे अंग्रेज कहते है supreme world , मुसलमानो में कहा जाता है "अर्श " - खुदा अर्श में रहता है , फर्स में नहीं। लेकिन अब तो वे भी मानने लगे है कि खुदा जर्रे -जर्रे में है। जैनी लोग उसे 'तुरिया धाम ' मानते है। 

तात्पर्य यह है कि हर धर्म में उस धाम की मान्यता है। हम सभी आत्माये उस परमधाम की रहने वाली है। जहां पर supreme soul शिव भी है। वे जन्म -मरण के चक्र से न्यारे है। बाकि जितनी भी आत्माये है वह जन्म -मरण के चक्र में आ जाती है। 

ये भी पढ़े :-
परमधाम से सभी आत्माये किस स्थिति से नीचे उतरती है। 

जितना ही इस सृष्टि पर आ करके श्रेष्ठ कर्म करने वाली आत्मा है ,वह उतना ही परे -ते -परे शिव के नजदीक रहने वाली आत्मा होगी और जितने ही निष्कृष्ट कर्म करने वाली , पार्ट बजाने वाली आत्मा है , वह उतना ही  नीचे की ओर रहेगी। उनकी संख्या ज्यास्ती होती है। 

दुस्ट कर्म करने वालों की संख्या ज्यास्ती और श्रेष्ठ कर्म करने वाली देव आत्माओं की संख्या कम ,जो 33 करोड़ कही जाती है। जिनकी संख्या ऊपर की ओर कम होती जाती है वे श्रेष्ठ आत्माएं हैं। 

दुनिया की हर चीज 4 अवस्थाओं से गुजरती है - सतोप्रधान (बचपन ) ,सतोसामान्य (किशोर अवस्था ), रजोप्रधान (जवानी ) और तमोप्रधान (बुढ़ापा ) . 
ब्रह्मलोक से आत्माओं का उतरने का भी यही क्रम है कि जितनी श्रेष्ठ आत्माएं हैं उतना ही श्रेष्ठ युग में उतरती है। 

जो 16 कला सम्पूर्ण आत्माएं हैं वह सतयुग के आदि में उतरती है , जो 14 कला सम्पूर्ण आत्माएं है वे त्रेतायुग के आदि में उतरती है , जो 8 कला सम्पूर्ण आत्माएं है वे द्वापर में उतरती है और कलियुग में कलाहीन सुरु हो जाती है। कलाहीन आत्माएं , जिनका काम औरों को दुःख देना ही है , जिनके लिए गीता में आया है - "मूढ़ा जन्मनि जन्मनि ". (गीता 16 /20 ) श्लोक। 

वे नारकीय योनि में आकर के गिरती हैं। वे नीचतम आत्माएं कलियुग के अंत में आती हैं जब सारी ही आत्माएं नीचे उतर आती हैं ,जिनको वापस जाने का रास्ता नहीं मिलता , बल्कि यहीं जन्म -मरण के चक्र में आती रहती हैं और शरीर द्वारा सुख भोगते -भोगते तामसी बन जाती हैं। 
इस सृष्टि पर आने के बाद आत्मा वापस जाती है या नहीं ?

बीज है , कई बार बोया जायेगा तो उसकी शक्ति कम हो जाती है। पत्ता छोटा , फल छोटा ,वृक्ष छोटा और आखरीन होते -होते वह फल देना ही बंद कर देता है। तो ऐसे ही आत्माओं का यह हिसाब है कि जब एक बार ऊपर से नीचे आ गई तो वे नीचे ही उतरती जाती है। 

आप इस सृष्टि के 2500 वर्ष पूर्व की history ले लीजिये। दुनिया में सुख -शांति , दुःख और अशांति में बदलती गई है या सुख शांति बढ़ती गयी ? history क्या कहती है ? जैसे -जैसे जनसंख्या बढ़ती गई ,ऊपर से आत्माएं उतरती गयी , तो जनसंख्या के बढ़ने से दुनिया में दुःख और अशांति बढ़नी ही बढ़नी है और वह बढ़ती ही गई। 

एक अति (end, extremity )   होती है कि जब सारी ही आत्माएं नीचे उतर जाती है। दुनिया में कीट , पशु पक्षी , पतंगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश -विदेश में इतनी कीटनाशक दवाइयां छिडकी जा रही है , तो भी उनकी संख्या में कमी नज़र नहीं आ रही है। 

मक्खी , मछरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आखिर ये आत्माएं आ कहाँ से रही है ? उसका समाधान गीता के अनुसार ही है , लेकिन स्पस्ट किसी ने नहीं किया। अभी यह बात स्पस्ट हो रही है कि ये आत्माएं उस आत्म -लोक से आ रही है और इसी दुनिया में 84 के जन्म -मरण का चक्र काटते हुवे अपना -अपना पार्ट बजाते रहती है। 

तो भाइयों यह थी जानकारी 3 लोकों के बारे में। और इससे सम्बंधित बढ़ती आबादी और आत्मा के घर के बारे में। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी बेहद पसंद आई होगी। 


यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये। और हमारे इस post को जरूर अपने दोस्तों ,भाइयों तक पहुंचाए। आप इसे facebook ,watsapp में भी share करे ताकि और लोगों को भी जानकारी मिल सके। 
धन्यवाद। ॐ शांति।                                              

मैं कौन हूँ ? Who am I in Hindi


मैं कौन हूँ? Who am I in Hindi

शरीर अलग चीज़ है , आत्मा अलग चीज़ है और दोनों मिलकर जीवात्मा अर्थात जीवित आत्मा बनती है। जीवित आत्मा का मतलब है शरीर सहित काम करने वाली चैतन्य शक्ति। नहीं तो यह आत्मा भी काम नहीं कर सकती और यह शरीर भी काम नहीं कर सकता।

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इसका मिसाल एक motor और driver से दिया गया है। जैसे motor होती है , driver उसके अंदर है तो motor चलेगी , driver नहीं है तो motor नहीं चलेगी। मतलब यह है कि आत्मा , (एक भाई ने कहा - वायु है ), वायु नहीं है। पृथ्वी ,जल ,वायु ,अग्नि और आकाश - ये 5 जड़ तत्व तो अलग हैं जिनसे यह शरीर बना है।

इन 5 तत्वों से बने शरीर से आत्मा निकल जाती है तो भी शरीर के अंदर 5 तत्व रहते है। उनको जलाया जाता है या मिट्टी में दबाया जाता है। वे तो जड़ तत्व हैं लेकिन आत्मा उनसे अलग क्या चीज है ? वह मन और बुद्धि स्वरुप अति सूक्ष्म ज्योतिर्बिंदु है , जिसको गीता में कहा गया है - (अनोर्नियांसमनुस्मरेत यः। ) गीता 8 /9 श्लोक।

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अर्थात अनु से भी अनुरूप बताया। अनु है लेकिन ज्योतिर्मय है। मन -बुद्धि को ही आत्मा कहा जाता है। वेद की एक ऋचा में भी बात आई है- 'मनरेव आत्मा ' अर्थात मन को ही आत्मा कहा जाता है। आदमी जब शरीर छोड़ता है अर्थात आत्मा जब शरीर छोड़ती है तो ऐसे थोड़े ही कहा जाता है कि मन -बुद्धि रह गई और आत्मा चली गई। सब कुछ है, लेकिन मन -बुद्धि की शक्ति चली गई अर्थात आत्मा चली गई।

तो मन -बुद्धि की जो power है वास्तव में उसका ही दूसरा नाम आत्मा है। मन -बुद्धि में इस जन्म के और पूर्व जन्मो के संस्कार भरे हुए हैं। संस्कार का मतलब है - अच्छे बुरे जो कर्म किये जाते हैं , उन कर्मों का जो प्रभाव बैठ जाता है उसको कहते हैं 'संस्कार'।

जैसे किसी परिवार में कोई बच्चा पैदा हुवा ,वह कसाइयों का परिवार है , बचपन से ही वहां गाय काटी जाती है ,जब बच्चा बड़ा हो जाये ,उससे पूछा जाय कि तम गाय काटते हो , बड़ा पाप होता है , तो उसकी बुद्धि में नहीं बैठेगा ; क्योंकि उसके संस्कार ऐसे पक्के हो चुके हैं।

इसी तरीके से ये संस्कार एक तीसरी चीज़ है। तो मन -बुद्धि और संस्कार - ये 3 शक्तियां मिक करके आत्मा कही जाती है।

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मैं आत्मा कौन हूँ ?

यहाँ तक तो हम जान गए कि हम सभी आत्मा है। जैसे हरेक मनुष्यों के अलग शरीर होते है,जानवरों के अलग शरीर होते है। एक का चेहरा दूसरे से नहीं मिलता। वैसे ही दुनिया में 700 -800 करोड़ मनुष्य आत्मा है उसमे से हम आत्मा कौन है यह कैसे पहचाने।

कहने का अर्थ है कि इस दुनिया में हमारा क्या part है। हम आत्मा कितने जन्म लेते है ? उन जन्मो में हम क्या -क्या बनते है ? यदि हम ये जान जायेंगे तभी कह पाएंगे कि मैं कौन हूँ यह मुझे पता है।
यदि किसी को अपने जन्मो के बारे में पता है तो उसे कहेंगे कि वह अपने आत्मा के बारे में जनता है। नहीं तो 2500 वर्षों से लोग कह रहे है कि हम आत्मा है लेकिन किसी को भी अपने जन्मो के बारे में नहीं पता।

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आत्मा के जन्मो के बारे में कौन बताएगा। 

आत्मा अनेक जन्म लेने के कारन पिछले जन्मो को भूलते जाती है। लेकिन जो जन्म -मरण से न्यारा है , और सभी आत्माओं का बाप है वही हरेक आत्मा के जन्मो के बारे में बता सकता है।
लेकिन वह orally बोलकर हरेक के जन्मो के बारे में नहीं बताता , तरीका बता देता है - जैसे Maths में formula होता है , जिससे सभी questions solve हो जाते है , वैसे ही परमात्मा बाप इस सृष्टि में आकर formula बताते है कि तुम अपने को सदैव आत्मा समझो तो तुम अपने सभी जन्मो के बारे में जान जाओगे। जिसे आत्मिक स्थिति कहते है। इसके बारे में हम विस्तार से बाद में बात करेंगे। आज के लिए इतना ही।

तो भाइयों ये थी जानकारी आपके बारे में , हमारे बारे में कि मैं कौन हूँ ? उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताये।


और इस post को अपने भाइयों तक जरूर share करे ताकि उन्हें भी इस रहस्य के बारे में पता चले।
धन्यवाद। Om Shanti . 

राजयोग क्या है ? Rajyog 7 Days Course in Hindi


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज से मैं आप के लिए कुछ ख़ास लाने जा रहा हूँ। कुछ नया करने जा रहा हूँ। और वह है राजयोग - हो सकता है आप राजयोग के बारे में जानते हो , कुछ लोग नहीं भी जानते है। जो जानते है वे भी इसे जरूर पढ़े। इसमें कुछ ऐसी जानकारी देने जा रहा हूँ जो कभी आपने नहीं सुनी होगी।

राजयोग क्या है ?

राजयोग का संधि आप करे तो बनता है -
राजयोग = राज भरा योग। (यानि ऐसा योग जिसमे राज़ भरा हो )

ऐसे तो दुनिया में कई लोग है जो राजयोग के नाम पर आसन-प्रणायाम कराते है।आसन करना कोई योग नहीं है। योग का मतलब होता है मिलन। जब 2 या 2 से अधिक चीजें आपस में मिलते है तो उसे योग कहते हैं।

तो यह योग है आत्मा का परमात्मा से। जिस योग से आत्मा का मेल परमात्मा के साथ होता है उसे हम राजयोग कहते है। अब आपके अंदर बोहोत सारे सवाल आ रहे होंगे।
1. आत्मा परमात्मा से कैसे मिलेगा?
2. आत्मा परमात्मा से मिलता है तो इसमें राज़ की बात क्या है ?

rajyog 7 days course
rajyog kya hai
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आत्मा परमात्मा से कैसे मिलेगा? राजयोग से। 

यदि आत्मा को परमात्मा से मिलाना है तो हमें सबसे पहले आत्मा और परमात्मा के बारे में जानना होगा। आत्मा क्या है ? परमात्मा क्या है ? दोनों में सम्बन्ध क्या है ? दोनों में क्या-क्या शक्तियां है ?

और दो को मिलने के लिए साथ में होना जरूरी होता है। जब कोई साथ हो तब ही मिलने का एहसास होता है।
सिर्फ परमात्मा के बारे में ज्ञान हो जाने से उससे मिलना नहीं कह सकते। Practical में होना जरूरी है।

तो इस राजयोग से आप परमात्मा से Practical में मिलने का अनुभव कर सकते है।

आत्मा परमात्मा से मिलता है तो इसमें राज़ की बात क्या है ?

इसमें बोहोत गहरा राज़ छुपा हुवा है। एक होता है practical में मिलना यानि शरीर में आये परमात्मा से मिलना और एक होता है , खुद को परमात्मा जैसा बनाना।
मुरली point - मैं तुम्हे आप समान बनाने आया हूँ। निराकारी , निर्विकारी ,निरहंकारी।

साकार में मिलना कोई बड़ी बात नहीं है , लेकिन शरीर में रहते उसके जैसा बनना यह बड़ी बात होती है।ओर यही है असल में परमात्मा से मिलना। यानि उसके समान बनना। क्यूंकि 2 लोग तभी जुड़ते है , जब उनमे समानता हो। और यही राजयोग का उद्देश्य है।

राजयोग से प्राप्तियां। 


  • हम अपने आत्मा के बारे में जान सकते है। 
  • अपने आगे और पिछले जन्म के बारे में जान सकते है। 
  • परमात्मा से मिल सकते है। उसे अनुभव कर सकते है। 
  • अपने अंदर से काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह ,अहंकार को ख़त्म कर सकते है। 
  • पतित से पावन बन सकते है। 
  • इसी जन्म में स्वर्ग का सुख भोग सकते है। 
  • अपने सभी संकल्पों को पूरा कर सकते है। 
  • राजयोग से मुख्य 8 शक्तियां मिलती है। 
  • जिनमे सामना करने की , परखने की ,स्वयं को बचाने की। 
  • सहन करने की ,समेटने की ,सहयोग शक्ति ,समाने की और विस्तार को सार करने की शक्ति। 
  • अतीन्द्रिय सुख की अनुभूति। 
  • मुक्ति और जीवन मुक्ति की प्राप्ति। 


राजयोग 7 Days कोर्स हिंदी में। 



तो इन सभी को पढ़ने के बाद आप समझ जायेंगे कि राजयोग कैसे करना है। और इसे अपने जीवन में कैसे धारण करना है। इससे आपको इस दुनिया को देखने का नजरिया बदल जायेगा , आप ऐसा अनुभव करेंगे जैसे कि कोई नई दुनिया में हम जी रहे है।

इसी के साथ मैं आज के इस post को समाप्त करता हूँ। और 7 days कोर्स को जल्द ही आपके लिए लेकर के आऊंगा। तब तक के लिए धन्यवाद आपका दिन सुभ हो।