सिबील स्कोर क्या होता है ? और कैसे लोन लेते समय यह हमारे काम में आता है ?


नमस्कार दोस्तों आपका अनेक रूप में स्वागत है। आज हम जानेंगे सिबिल स्कोर के बारे में , कि ( सिबील स्कोर क्या होता है ? और कैसे लोन लेते समय यह हमारे काम में आता है ?) तो दोस्तों यदि आप लोन ले रहे हैं या सिविल स्कोर के बारे में जानना चाह रहे हैं तो यह पोस्ट सिर्फ आपके लिए है आप इस पोस्ट को जरूर अंत तक पढ़े।


Cibil score kya hota hai



सिबिल स्कोर क्या होता है?


 सिविल का फुल फॉर्म होता है ( क्रेडिट इनफॉरमेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड) और यह एक कंपनी है जो बैंक के लेनदेन के अनुसार से उसे एक स्कोर देती हैं, जिसे सिविल स्कोर कहते हैं।


जब भी हम बैंक से लेनदेन करते हैं, तो उस लेनदेन के अनुसार हमारा स्कोर बनता है, जैसे यदि हम बैंक से ज्यादा पैसों का लेनदेन करते हैं, या ज्यादा लेनदेन करते हैं, तो हमारा ज्यादा सिबिल स्कोर बनता है, और जब हम लोन लेते हैं और सही टाइम पर चुका देते हैं तो भी हमारा अच्छा सिविल बनता है, और जब लोन लेते हैं और बहुत लेट बाद चुकाते हैं तो खराब सिबिल स्कोर बनता है, तो इस प्रकार बैंकों के लेनदेन को ध्यान में रखते हुए सिविल स्कोर को ऊपर और नीचे रखा जाता है।


सिबिल स्कोर को कितने भागों में बांटा गया है?


सिबिल स्कोर को पांच भागों में बांटा गया है।


पहले है 600 से कम इसको बहुत खराब सिबिल स्कोर माना गया है।

दूसरा है 600 से 649 इसको खराब सिबिल स्कोर माना गया है।

तीसरा 650 से 699 इसको सामान्य सिबिल स्कोर माना गया है।

चौथा है 700 से 749 इसको अच्छा सिबिल स्कोर माना गया है।

पांचवा है 750 से 900 इसको बहुत अच्छा सिबिल स्कोर माना गया है।


यहां पर सिबिल स्कोर को बांटने का मतलब है कि आपका जितना अच्छा सिविल स्कोर होगा, लोन लेने में आपको उतनी ही आसानी होगी और आप जल्दी लोन ले पाएंगे और लोन देने में आपको बैंक कभी भी लेट नहीं करेगी।


कैसे सिबील स्कोर लोन लेते समय हमारे काम में आती है?


आपका सिबिल स्कोर 600 से कम है इसका मतलब यही है कि आप समय पर लोन नहीं चुकाते, हैं लोन लेने के बाद आप बहुत देर-देर से लोन को चुकाते हैं या फिर लेने के बाद आप पैसे नहीं चुकाते हैं, आपके ऊपर केस चल रहा हो लोन से रिलेटेड।

 तो इस तरह के जो कस्टमर होते हैं उनका सिविल स्कोर बहुत ही खराब होता है और इसलिए इन कस्टमर को आगे लोन लेने में बहुत ज्यादा दिक्कत होती है ।


यदि आपका सिबिल स्कोर बहुत कम है 600 से कम है तो आपको लोन लेने में बहुत ही दिक्कत होगी और आपको लोन तभी मिलेगी जब आपके पास बहुत ज्यादा कॉलेटरल हो, सबूत के तौर पर या आप बैंक को भरोसा दिला सके कि हां हम लोन चुकता कर देंगे तभी जो है कि इस तरह के सिविल स्कोर में आपका लोन पास होगा।


जब आपका सिबिल स्कोर 600 से 649 है इसका मतलब भी आपका सिबिल स्कोर खराब है लेकिन इसमें संभावना है कि आपको लोन मिल सकता है।


649 का सिविल स्कोर यानी बहुत ही खराब है ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि समय पर हम लोन नहीं चुकाते हैं, हम सोचते हैं अभी टाइम है ना, समय है, बाद में दे देंगे , लेकिन लोगों को मालूम नहीं होता है, अवेयरनेस नहीं होती है, कि यदि हम समय सीमा के बाद लोन का पैसा देते हैं तो हमारा सिविल स्कोर घटता है। 


देखिए यहां पर लोगों को गलत नहीं बताया गया है बल्कि अवेयरनेस की कमी है यदि लोग अवेयर हो सिविल स्कोर के बारे में तो वह टाइम पर पैसे दे देंगे, लेकिन अवेयरनेस नहीं होती है सिविल स्कोर के बारे में इसीलिए लोग थोड़ा लेट पेमेंट करते हैं, वह सोचते हैं कि समय तो है, हम आज नहीं 1 महीने बाद कर देंगे, अच्छा अभी पूजा चल रहा है पूजा के बाद दे देंगे । उनके इरादे सही होते हैं लेकिन समय के टलने की वजह से उनका सिविल स्कोर खराब हो जाता है।


650 से 699 यदि आपका सिविल स्कोर है तो संभावना है की आपको लोन मिल सकता है ऐसा इसलिए क्योंकि यहां तक के सिबिल स्कोर को एवरेज सिविल स्कोर कहा गया है। इसका मतलब यह है कि आप जब लोन लेते हैं तो समय पर आप चुका देते हैं आप ज्यादा लेट नहीं करते हैं और आप बैंक से भी ज्यादा लेनदेन करते हैं इसलिए आपका इतना अच्छा सिबिल स्कोर है।


किंतु इसमें दिक्कत यह है कि जब हम छोटे-छोटे लोन लेते हैं ,तब भी  सिबिल स्कोर कम होता है , तो यदि आप छोटे लोन ले रहे हैं छोटे समय के लिए लोन ले रहे हैं, तब भी आपके सिविल स्कोर कम होगा।


 जैसे यदि आप साल 1 साल का लोन लेते हैं या फिर 6 महीना का लोन लेते हैं और फिर उसे टाइम पर चुकाते हैं तो पर भी हमारा सिविल स्कोर कम हो जाता है। क्योंकि ऐसे लोन से बैंक को बोहोत कम फायदा होता है,


 लेकिन ऐसे सिविल स्कोर पर संभावना होती है कि कस्टमर को लोन दे दिया जाए क्योंकि वह समय पर अपना लोन दे रहे हैं भले ही वह कम पैसों का लोन ले रहे हैं लेकिन वह समय पर लोन का पैसा दे रहे हैं इसलिए उनको लोन दे दिया जाता है।


700 से 749 यदि आपका सिविल स्कोर है इसका मतलब यह है कि आप बहुत अच्छे हैं लोन चुकाने के संबंध में, आपके और आपके बैंक से अच्छा संबंध है, जब भी आप कोई लोन लेते हैं तो उसे समय पर चुकाते हैं और आप लंबे समय के लिए लोन लेते हैं।


और यदि आप पहली बार लोन ले रहे हैं तब भी आपका सिबिल स्कोर 700 से 749 तक ही रहता है, जिसे हम -1 सिविल स्कोर भी कहते हैं, यदि आप पहली बार लोन ले रहे हैं तो यही सीमित स्कोर आपका रहता है जिसमें आपको लोन दे दिया जाता है।


 ज्यादातर लोग, जब पहली बार लोन लेते हैं तो उन्हें लोन दे दिया जाता है ,इसे पर्सनल लोन भी कहते हैं जब आप पर्सनल लोन लेते हैं तब आपका सिविल स्कोर इतना ही रहता है।


और यदि आप घर बनाने के लिए या पढ़ाई के लिए या फिर बहुत ज्यादा रुपयों का लोन ले रहे हैं तब आपके सिविल स्कोर को भी देखा जाता है और कॉलेटरल को भी देखा जाता है यानी आपकी इनकम को भी देखा जाता है कि आप कितना रुपए कमाते हैं, उसके अनुसार जो है कि आपको अधिक रुपयों का लोन दिया जाता है । और यदि आप पर्सनल लोन ले रहे हैं बहुत कम पैसों का, जैसे 2 लाख ,3 लाख रुपयों का तो आपको जो है कि आपका सिविल स्कोर देखकर लोन दे दिया जाता है।


यदि आपका सिविल स्कोर 750 से 900 तक है, इसका मतलब आप बहुत अच्छे हैं, बैंक के नजर में आप बहुत समय-समय पर अपना लोन चुकाते हैं , और आपने एक बार नहीं बल्कि कई बार लोन लिया है, और समय-समय पर आप लोन चुकाते हैं, आप बैंक को फायदा करते हैं इसलिए ऐसे लोगों को बैंक खुद खोजती है और लोन देना चाहती है जिनका सिबिल स्कोर 750 से 900 तक होता है।


देखिए सिबिल स्कोर एक बार लोन लेने से नहीं अच्छा हो जाता है यदि आपको बहुत अच्छा सिबिल स्कोर बनाना है 900 के आसपास तो उसके लिए आप को कई बार लोन लेना पड़ता है और समय पर उसे चुकाना पड़ता है, इससे बैंक समझ जाते हैं कि यह कस्टमर जो है मेरा फायदा पहुंचा रहा है तो बैंक खुद उसे ढूंढती है और उसे लोन देती है।


तो यदि आप बिजनेसमैन है आप पैसों का लेनदेन ज्यादा करते हैं, तो मैं आपसे कहूंगा कि आप अपना सिबिल स्कोर बहुत अच्छा रखें 800 और 900 के आसपास ताकि आपको कभी भी बैंक से लोन लेने में दिक्कत ना हो लेकिन इसके लिए क्या करना होगा कि आपको टाइम पर  अपना लोन पेमेंट करना होगा और यदि आप टाइम पर लोन पेमेंट ना कर रहे हैं तो आपको कम से कम एक नोटिस दे देना होगा ताकि बैंक समझ जाए कि यह अगले महीने लोन पेमेंट कर देगा। 


 तो नोटिस देखकर यदि आप लोन को बाद में पेमेंट करते हैं तो आपका सिविल स्कोर अच्छा हो जाता है लेकिन यदि आप बिना नोटिस के पेमेंट नहीं कर पाते तो इससे आपका सिबिल स्कोर खराब हो जाता है। 


क्या होता है बिजनेस में कभी-कभी घटा भी होता है कभी-कभी फायदा भी होता है तो लोग बहुत अच्छे सिविल स्कोर को बनाए नहीं रख पाते हैं इसीलिए लोगों का सिबिल स्कोर खराब हो जाता है।


तो अच्छा सिबिल स्कोर बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप समय पर अपना लोन का पेमेंट दें और बैंक से एक अच्छा संबंध बना कर रखें, देखिए यह सिबिल स्कोर क्या है एक बाहरी चीज है यह कागजी चीज है, लेकिन आपका जो कनेक्शन होगा बैंक के साथ वह अंदरूनी चीज है।


तो यदि आप बैंक से बहुत लम्बे समय से जुड़े हुए हैं और बहुत लंबे समय से लोन ले रहे हैं  और उसका पेमेंट कर रहे हैं, एक अच्छा संबंध बन गया है बैंक के साथ तो फिर आपको उस समय आसानी से लोन मिल जाता है , भले उस समय आपका सिविल स्कोर थोड़ा सा कम हो 600- 700 या उससे भी कम हो तो भी बैंक भरोसा करके आपको लोन दे देती है यदि आप बहुत लंबे समय से बैंक से जुड़े हैं तो।


तो इस तरह सिबिल स्कोर काम करता है  लोन के संबंध में ,और यदि आप पहली बार लोन ले रहे हैं तब भी यह सिविल स्कोर काम आएगा और जब आप दूसरी लोन लेने जाएंगे तब आपका सिविल स्कोर जरूर देखा जाएगा इसलिए यदि आप बैंक से अच्छा संबंध बनाए रखना चाहते हैं तो अपने सिविल स्कोर को जरूर अच्छा रखें ताकि आगे आने वाले समय में आपको परेशानी ना हो और आप आसानी से लोन ले सकें।


तो दोस्तों यह थी जानकारी सिबिल स्कोर के बारे में कि (सिबिल स्कोर क्या होता है ? और कैसे लोन लेते समय यह हमारे काम में आता है?)  मुझे उम्मीद है कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो जरूर हमें नीचे कमेंट करके बताएं और इस पोस्ट को जरूर अन्य लोगों तक शेयर करें ताकि उन्हें भी सिविल स्कोर के बारे में पता चल सके बहुत-बहुत धन्यवाद।


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