Kaladhan Kya Hai- Kaladhan Ko Wapas Kaise Laye


आज जब की भ्रष्टाचार सारी दुनिया में फेल चुका है , बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो पा रहा है।  गरीब और गरीब और अमीर और अमीर होते जा रहे है। तो ये बात तो सभी के मन में जरूर आनी चाहिए -की ऐसा क्यों हो रहा है और कबतक होगा ?

ये भारत के जो भ्रष्ट लोग है , जो कुछ पैसों के लिए अपनी इमान  खो देते है , वो ही दरहसल हमारे देश को दीमक की तरह खोखला कर रहे है। अपनी जेब भरने के लिए दूसरों की मज़बूरी को नहीं समझते है। 

मैं आज आपको कालेधन के बारे में बताऊंगा , की कैसे ये भ्रष्ट लोग अपनी हराम की कमाई को सफ़ेद बनाते है ,  इसमें कौन -कौन उनका साथ देते है,और इस कालेधन को वापस कैसे लाया जाये। 

kala dhan
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कालाधन क्या है ?
कालाधन या Blackmoney ,जैसा इसका नाम है , कालाधन :- मतलब हराम की कमाई ,लूट की कमाई या बेईमानी की कमाई। जब लोगों की आत्मा मर  जाती है ,तब वे ऐसा काम करते है। और ये ज्यादातर पढ़े -लिखे लोग ही रहते है.जिसे हम विद्वान कहते है ,दरहसल वही नाली के कीड़े है ,जिसे  अच्छी जगह पर रहना मंजूर नहीं है।  आप उसे कितना भी समझाव की ये गलत है ,ये गरीब का पैसा है , लेकिन फिर भी वह नाली के कीड़ों की तरह अच्छी जगह पर रहना पसंद नहीं करता , आप उसे अच्छी जगह पर रखते भी है ,फिर भी वह अपनी दोगलापन नहीं छोड़ते वापस उसी नाली में ही जाते है। 

उदाहरण में :- सरकारी कर्मचारी ,नेताएं,पुलिस अफसर , बड़े -बड़े उद्द्योगपति,आदि। 

जिसके हाथ में देश की कमान है , वही आज सबसे बड़ा देशद्रोही है , जिसे हम sir -sir कहते है ,वह दरहसल नाम लेने के भी लायक नहीं है। 

कालाधन का व्यापार  कैसे होता है ?

जो लोग कानून की चिंता ना करके ,बेईमानी का व्यापार करते है ,जैसे drugs ,चरस ,गांजा का व्यापारी ,चोरी से जमा किया हुआ धन ,घुस का पैसा, टैक्स का पैसा,जाली नोटों का धंधा ,ढोंगी बाबा की कमाई,आदि। तो अब ऐसे लोग जिनके पास करोड़ो रुपयों के कालाधन है, वे अपने धन का उपयोग कैसे करते है?

∎ कुछ  लोग तो अपने काले धन को Swiss Bank में जमा करते है। जहाँ पर लोग कितना भी पैसा जमा कर सकते है ,उसके लिए कोई प्रमाण की जरुरत नहीं पड़ती। 

∎ कुछ लोग बड़े -बड़े कंपनी में अपना पैसा लगाती है। 

∎ कुछ लोग कालेधन से film  भी बना चुके है। 

∎ कुछ लोग कालेधन से सट्टेबाजी भी करते है। 

∎ आतंकी संगठन नकली नोटों का व्यापार करते है। 

इस देश में कालेधन का व्यापर इतनी तेज़ी से बढ़ा है , जितनी तेज़ी से Bullet Train भी नहीं चलती। 
लोग जितना पैसा कमाते है, उतनी सरकार को दिखाते नहीं है,उतनी टैक्स नहीं देते ,और सरकार  को पूरी टैक्स ना मिलने के कारन महँगाई बढ़ानी पड़ती है। 

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कालेधन को वापस कैसे लाया जाये ?




कालेधन को वापस लाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाये है ,लेकिन  उनका प्रभाव बहुत कम ही देखने को मिला है। 
भाजपा सरकार ने आते ही कालेधन के खिलाफ 1 टीम की नियुक्ति की है। भारत में नोटबंदी के बावजूद भी नए नोट की तस्करी हो रही है। करोड़ो के नए नोट अलग -अलग जगहों से बरामत हो रहे है। इसके लिए कई बैंक कर्मचारियों को ससपेंड भी किया जा चूका है। 

लेकिन सिर्फ नोट बंदी से कालाधन निकलने वाला नहीं है। हरेक 10 साल में नए नोट आने ही चाहिए ,लेकिन  उससे पहले हमें कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए। 

जैसे :-
∎ कालाधन ,रिश्वतखोरी पर कड़ी कानून व्यवस्था बनानी चाहिए। 

∎ मल्टीनेशनल कंपनियों के ऊपर पूरी कड़ाई करनी चाहिए। 

∎ कालेधन के खिलाफ सबूत देने पर इनाम देना चाहिए। 

∎ हरेक सरकारी कार्यालय में विडियो कैमरा होना चाहिए ,हरेक सरकारी कर्मचारी का फ़ोन रिकॉर्ड होना चाहिए। 

∎ हरेक सरकारी कार्यालय में 1 ईमानदार व्यक्ति गुप्त रूप में देख -रेख के लिए नियुक्त करना चाहिए। 

∎ जितना हो सके सरकार अपनी योजनाओं का लाभ direct लोगों के बैंक खाते में जमा कराये। 

∎ income tax  पूरी नहीं जमा करने पर कड़े कानून बनाये, और income tax कम करें ताकि सब कोई income tax दे पाए और किसी को पैसे छुपाने की जरुरत ना पड़े। 

∎ नकली नोटों का कारोबार ना बढे , इसके लिए हरेक 10 साल में नोट बदली करे। 

∎ बड़े -बड़े नोट जैसे 1000 -2000 के रुपये बंद कर दें। जिससे कालेधन वालों को बढ़ावा मिलता है। 

SWISS BANK से पैसे वापस कैसे लाये ?

∎ Swiss Bank Association ने स्वीकार किया है , की उनके पास Bharat का 72 लाख करोड़ रुपये है ,और दूसरे देशों के बैंकों के कालेधन को मिलाकर भारत के  258 लाख करोड़ रुपये कालेधन के रूप में है। 

∎ जिस बैंकों में ये कालाधन जमा है ,वह निजी संपत्ति के तोर पर जमा है ,यदि हम इस धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोसित करा सके , तो ये धन किसी भी बैंक में जमा नहीं हो सकता। 

∎ अंतरास्ट्रीय बैंक का एक नियम है -किसी भी देश की राष्ट्रीय संपत्ति उसी देश में जमा होती है ,जिस देश की वह होती है। दूसरे देश में वह जमा नहीं हो सकती। 

इस काम को करने के लिए 3 संस्थाए हमारे पास है 
1. सुप्रीम कोर्ट :- सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा एक बार किया था , नरसिम्हा रॉ के ज़माने में, जब यूरिया घोटाला हुआ था। तो 133 करोड़ रुपये चले गए थे देश के बाहर। सुप्रीम कोर्ट ने उसे राष्ट्रीय संपत्ति घोसित करके वापस मंगवा लिया था। Swiss Bank को वो 133 करोड़ रुपये वापस देने पड़े थे। 

2. संसद :- यदि संसद में एक प्रस्ताव पास हो जाये ,की 15 अगस्त 1947 के बाद जितना भी धन भारत के बाहर  गया ,वह भारत की राष्ट्रीय संपत्ति है। संसद इस प्रस्ताव को पास करे। इससे पता चल जायेगा की हमारे संसद में कौन ईमानदार है और कौन बेईमान और हमारे पैसे भी वापस आ जायेंगे। 

3. International Court Of Justice :- हम इन कालेधन का ब्यौरा लेकर International Court Of Justice में जा सकते है। और दुनिया के 70 देशों के खिलाफ प्रतिबन्ध लगा सकते है। 

जैसा की अमेरिका ने किया है। Barack Obama ने 1 झटके में सबकुछ ठीक किया है। उन्होंने सबसे पहले अपने देश में यह कानून बनवाया , और इस कानून से 780 अरब डॉलर Swiss Bank  से वापस लाया है। America के 19,700 Swiss Bank के खाते उन्होंने बंद करवाये। 

तो अगर अमेरिका कर सकता है तो भारत भी कर सकता है। 

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