Hindi Kahani-राजा की 4 बेटियाँ - सबसे बड़ा साम्राज्य। Part-1


सबसे बड़ा साम्राज्य।Part -1 

नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में फिर से स्वागत है। आज मैं आप सभी लोगों के लिए एक मजेदार कहानी लेकर के आया हूँ। यह कहानी रोचकता से भरी हुई है। यह कहानी एक राजा के 4 बेटियों के बारे में है । इसका वास्तविकता से कोई नाता नहीं है , सभी किरदार और घटनाएं मनोरंजन के लिए बनाये गए है।

इस कहानी में emotion है तो दूसरी तरफ लड़ाई है। हंसी है तो दूसरी तरफ दुःख है। सेरो सायरी है और राजपाठ है। मेहनत है तो दूसरी तरफ प्यार है , जज़्बा है और बदले की भावना है। इसीलिए  यह कहानी थोड़ी लम्बी हो सकती है - लेकिन रोमांच से भरी है। आप इसे पढ़ते रहे।

hindi kahani-sabse bada samrajya
hindi kahani-sabse bada samrajya
किरदार - हिंदी कहानी -सबसे बड़ा साम्राज्य। 

राजा का परिचय - राजा का नाम विजय सिंह है। वह राजस्थान का राजा है। उसकी धर्मपत्नी का नाम सोभा सिंह है। वह एक क्रूर राजा है , अपनी ख़ुशी के लिए वह किसी की भी जान ले सकता है। उनकी एक ही पत्नी है लेकिन उनका सम्बन्ध कई औरतों के साथ है। वह पहले अपने बारे में सोचता है और बाद में प्रजा के बारे में।

राजा में कुछ अच्छी बातें भी है। वह निडर है , और अपने दुसमन को एक ही बार में पहचान लेता है। वह अपने क्षेत्र में किसी को भी बिना इजाजत के आने नहीं देता है। वह भारत के सबसे धनि राजा है।

राजा की शादी कम उम्र में ही हो जाती है। वह दिल्ली के राजा वीर प्रताप सिंह के दूसरी और अंतिम बेटी से शादी करता है। और इस सम्बन्ध के बाद उसकी शक्ति बढ़ जाती है और फिर वह पुरे भारत का सबसे धनि राजा बनता है और पुरे भारत में उसका दबदबा रहता है।

लेकिन अफ़सोस की बात है कि राजा को 4 बेटियां होती है। बेटे की चाह में वह 4 बेटियों के पिता बनते है।

राजा की 4 बेटियों का परीचय - हिंदी कहानी 



बड़ी बेटी - स्नेह प्रिया , जैसा नाम वैसा ही उनका चाल-चलन है। सभी से प्यार से मिलती है और काफी दयालु स्वभाव की लड़की है। उम्र - 23 वर्ष।

दूसरी बेटी - मेनका , बोहोत दिमाग से तेज़। पढ़ाई में काफी अच्छी है। किसी भी चीज़ को जानने में बोहोत रूचि रखती है। एक बार किसी को देख ले , तो उसे भूलती नहीं है। उम्र -20 वर्ष।

तीसरी बेटी - चन्द्रिका , हथियार चलाना तो उसके बाये हाथ का खेल है। तीरबाज़ी, कुस्ती , तलवार बाजी यही उसको अच्छा लगता है। उम्र -18 वर्ष।

छोटी बेटी - पल्लवी , बड़ी दुलार से पली है। अपने बाप पर गई है। लड़कों जैसे सोक , रंगबाज़ी करना , ऐश -मौज करना , ज़रा सा भी किसी की बात ना मानना। गुस्सा करना। जो चाहिए उसे हासिल करना ऐसे इसकी ज़िन्दगी है। उम्र - 16 वर्ष।

चारों बेटियां 4 तरीके वाली है। चारों  एक दूसरे से बिलकुल अलग है। चारों का भविष्य क्या है , कौन राजा की गद्दी संभालेगी और क्या होगा उनके ज़िन्दगी में उसके लिए आगे की कहानी को पढ़ते रहे।

कहानी शुरू - राजा की 4 बेटियाँ -सबसे बड़ा साम्राज्य। 


sneha priya -hindi kahani


सबसे बड़ी बेटी स्नेह प्रिया- वह रोज मंदिर जाती थी पूजा करने और गरीबों को दान दक्षिणा भी करती थी। एक दिन जब वह गरीबों को दान कर रही थी तब एक लड़के को देखती है -जो बड़ा ही आकर्षण करने वाला था।
स्नेह प्रिया उनसे मिलती है उनकी आपस में बात-चित होती है।
लड़का कहता है मैं एक जमीनदार का बेटा हूँ - मुझे गरीबों को मदद करने में बोहोत ख़ुशी मिलती है। फिर वे लोग हमेशा मिलने लगते है।

यह बात राजा तक चली जाती है। राजा को यह बिलकुल पसंद नहीं आता है कि मेरी बेटी एक जमीनदार के साथ। राजा स्नेह प्रिया को उसे भूलने को कहता है। स्नेह प्रिया कुछ नहीं कहती।

राजा समझ जाता है कि मामला बोहोत आगे बढ़ चूका है तो वह स्नेह प्रिया की शादी गुजरात के राजा के बेटे से तय कर देते है।

शादी के 1 दिन पहले राजा की पत्नी - स्नेह  प्रिया को उस लड़के के साथ (सम्बन्ध बनाते ) देखती  है। वह  कुछ नहीं कहती क्यूंकि अगले ही दिन उसकी शादी होने वाली होती है।
शादी का दिन आता है - लेकिन दुल्हन लापता होती है , वह उस लड़के के साथ राजस्थान छोड़कर जा रही होती है। लेकिन रास्ते में राजा के एक वरिस्ट सैनिक उसे पहचान लेता है , स्नेह प्रिया उस लड़के को भागने को कहती है और वह लड़का भाग जाता है। स्नेह प्रिया को घर लाया जाता है -यह बात चारों तरफ फ़ैल जाती है। राजा की बोहोत बदनामी होती है और यह रिस्ता भी टूट जाता है।

राजा उस लड़के को खोजने में पूरी ताक़त लगा देता है , सभी गांव , शहर में उसे ढूंढा जाता है। 7 दिनों के बाद वह लड़का मिल जाता है। उसे राजा के पास लाया जाता है। राजा उसके सर को धड़ से अलग कर देता है और उसके सर को एक थैले में भर लेता है और उस सर को अपने बेटी के पास ले जाता है और उसे वह कटी हुई सर दिखाता  है। स्नेह प्रिया पूरी तरह से डर जाती है। राजा कहता है ये लो तुम्हारा प्रेमी इसे अपने सीने से लगा लो।

menka hindi kahani


दूसरी बेटी -मेनका , अपने पिता के कार्य में सहयोगी रहती है उनसे राजाई के तरीकों का ज्ञान लेती है। वह अपनी उच्चतम पढ़ाई को लेकर अपने पिता से पूछती है तो उनके पिता उसे गुजरात में पढ़ाई पूरी करने की सलाह देते है। वह गुजरात चली जाती है। विश्वविद्यालय में पढ़ने के दौरान एक हादसा होता है।

मेनका को जादूवी चीजों पर अध्यन करने और नए जादूवी तरीकों को खोजने का विषय दिया जाता है। वह बोहोत खुश होती है। उससे उसे एक ऐसे जादू के बारे में पता चलता है जो कोई भी धातु को सोना बना सकती थी। लेकिन उसका असर सिर्फ 1 दिन तक ही होता था , फिर सोने की परत छूट जाती थी।

मेनका ने कई जादूवी चीजें सीखीं - उन्होंने किसी भी व्यक्ति का नकाब बनाना सीखा। कुछ ऐसी चीजें खुद बनायीं को किसी ने सोचा भी नहीं था - उन्होंने ऐसा रसायन बनाया जिसे पीते ही लोग सच बोलने लगते है।

पढ़ाई की अंतिम वर्ष में मेनका की मुलाक़ात गुजरात के राजा से होती है। राजा उनकी जादू देखकर बोहोत खुश हो जाते है। राजा कोशिश करते है कि उसे अपने राजदरबार में रख ले , जिनसे की उसको फायदा मिल सके। मेनका वहाँ रहने से मना कर देती है। कुछ दिनों के बाद राजा को पता चलता है कि मेनका राजस्थान के राजा विजयसिंह की बेटी है। राजा चाल चलता है और अपने बेटे को उसके साथ प्यार का ढोंग करने को कहता है।

hindi kahani chandrika


इधर तीसरी बेटी -चन्द्रिका भी हथियारबाजी में निपूर्ण हो जाती है। उसका एक पसंदीदा तलवार है जिसका नाम है - तेजक।  वह तलवार काफी तेज है। चन्द्रिका उस तलवार को हमेशा अपने पास रखती है।

छोटी बेटी पल्लवी - अपनी आज़ादी की दुनिया में रहती है। बड़े राजाओं के लड़को को फांसती है उससे रुपये उड़ाती है और ऐश करती है।

राज्य में बीमसेर का आगमन। हिंदी कहानी 

राजा दिल्ली के लिए निकलते है , उसके जाने के बाद राज्य में एक सौदा करने वाले की प्रवेशता होती है। वह पत्थरों का सौदा करता है। राजस्थान में बेसकीमती पत्थरों को अपने राज्य चेन्नई  ले जाता है। उससे उसकी बोहोत कमाई होती है। लेकिन वह अंदर ही अंदर लोगों को राजा के प्रति भड़काता भी है।

सौदागर का नाम है - बीमसेर। वह राजा के बारे में लोगों से कहता कि राजा खुद सारी संपत्ति का 90 % रख लेता है और तुमलोगों को सिर्फ 10 % देता है। और राजा का अब कोई पुत्र भी नहीं है - तुम लोगों को कोई अपना सरदार रखना चाहिए तो तुमको तुम्हारे हक़ का पैसा दे।

सौदागर बीमसेर के और भी कई कारोबार है - वह लड़कियों की तस्करी करता है , हथियारों को बेचता है और एक दिन भारत के ऊपर राज्य करने का सपना रखता है।

राजा दिल्ली से आते है और जब देखते है की प्रजा उसके खिलाफ नारेबाजी कर रही है तो प्रजा के द्वारा बनाये गए उस सरदार को भरी सभा में बुलाया जाता है - उससे पूछा जाता है कि तम्हे क्या चाहिए ?
वह कहता है हमें पुरे कमाई के 50% चाहिए। तो राजा कहता है 50 % चाहिए और उसका सर धड़ से अलग कर दिया जाता है। सारे लोगों में खौफ का माहोल हो जाता है।
और इसी के साथ पहला भाग यही समाप्त होता है।

इस कहानी के अगले भाग में हम जानेंगे कि - राजा के खिलाफ बीमसेर अब क्या करते है ? स्नेह प्रिया की शादी किसके साथ होती है ? और मेनका गुजरात के राजा के बेटे के साथ क्या करती है।

तो दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ की आपको यह कहानी बेहद पसंद आयी होगी। आप इसे अपने दोस्तों तक ,facebook ,watsapp में share करे।
और इस AnekRoop Website में हमेशा आते रहे। अगला part जल्द ही आने वाला है।


Share this

Never miss our latest news, subscribe here for free

Related Posts

Previous
Next Post »