शराबी पापा- Emotional Story in Hindi


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है . आज हम आपके लिए एक Emotional story लेकर के आये हैं .
        यह कहानी एक शराबी पापा और उसकी एक बच्ची की है . इस कहानी में emotion के साथ -साथ सिख भी है. इसे आप जरूर अंत तक पढ़े।
Emotional story in hindi
Emotional story in hindi
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#1 Hindi Emotional Kahani- शराबी पापा को जेल

यह कहानी झारखंड में रहने वाले एक परिवार की है- जिसमे एक शराबी पिता, उसकी पत्नी और एक बच्ची ( 5 साल की ) रहती है ।

शराबी पिता (जानकी महतो) अत्यधिक शराब का सेवन करता है , मुहल्ले में आय-दिन लड़ाई , गाली-गलौज करना उसके लिए आम बात है.
                                   लेकिन शराब का नशा उतरने पर उसके जैसा सीधा इंसान भी मुहल्ले में कोई नहीं है .

अपनी पत्नी से आय-दिन लड़ाई होना, पत्नी को घर से बाहर निकालना , उसे धमकाना ये सब उसके घर मे चलते रहता है.
वहीं फिर नशा उतरने पर अगले दिन सब शांत हो जाता है।

एक दिन उसके घर मे अत्यधिक लड़ाई हो गयी ,बात मरने-मारने पर आ गयी. तो उसकी पत्नी ने पुलिस स्टेशन में जाकर उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी ।

उसके पति को 6 महीनों के लिए जेल हो गयी . और यहीं से इस कहानी में एक नया मोड़ आता है-
अब समस्या यह है कि घर कैसे चलेगा ? और बच्ची की पढ़ाई और परवरिश कैसे होगी ? क्या जेल में रहने से जानकी में सुधार आएगा ? क्या होगा इन 6 महीनों में उसके लिए आगे की कहानी को पढ़ते रहें।

#2 हिंदी Emotional कहानी- परिवर्तन या बदला

उसकी पत्नी सब्जी बेचने को जाना शुरू करती है और घर का खर्च उसी से आ जाता है.
(2 हफ्ते के बाद )
उसकी बच्ची अपने पापा से  मिलने को जिद करने लगती है. बच्ची की बार-बार जिद करने पर मां और बच्ची थाने में जानकी से मिलने को जाती है .

रोज़ दारू पीने वाला 2 हफ्ते तक दारू ना पिये तो उसकी हालत क्या होगी?
थाने में अपनी पत्नी और बच्ची को देखकर जानकी रोने लगता है और माफी भी मांगने लगता है. अपने पति की हालत देखकर पत्नी का भी दिल सहम जाता है और बच्ची अपने पापा से अलग नहीं होना चाहती है . पत्नी को ये दृश्य देखकर दया आने लगती है .
                            उस दिन के बाद से उसकी पत्नी और बच्ची रोज खाना लेकर थाना जाती और मिलकर आती.

अपनी पत्नी और बच्ची का प्यार देखकर जानकी को भी एहसास होता है कि मैं गलत कर रहा हूँ - उसे यह भी पता चलता है कि मैं गलत इंसान नहीं हूँ बल्कि मेरी शराब की आदत गलत है.

6 महीने लगातार शराब ना पीने से जानकी का शराब का नशा छूट जाता है. वह अपने बच्ची और पत्नी के साथ खुशी से रहता है और उसके प्यार को समझता है।

#3 कहानी से सिख

जब कभी भी कुछ अच्छा करने के लिए कोई ठोस कदम उठाना पड़े तो उठा लेना चाहिए ( जैसे इस कहानी में जानकी की पत्नी ने उसे जेल भेजकर किया )

और ठोस कदम उठाने के बाद उसे प्यार से जितना है . जिससे कि वो आपके द्वारा किये भले इरादे को समझ सके।

इससे आप बड़े से बड़े लड़ाई को जीत सकते हैं और किसी के भी बुरे आदत को छुड़ा सकते हैं ।

तो दोस्तों यह थी सिखभरी कहानी जो ज़िन्दगी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है. में उम्मीद करता हूँ कि आपको यह कहानी जरूर पसंद आई होगी.



यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें comment करके जरूर बताएं और इस कहानी को अपने दोस्तों तक शेयर करे जिनसे की और लोग भी इस कहानी द्वारा कुछ सिख सके।


अपना महत्वपूर्ण समय देकर इस कहानी को पढ़ने के लिए आपका बोहोत-बोहोत धन्यवाद।

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