ATM Card Ke Bare Mein Puri Jankari


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे ATM के बारे में। ATM से हम क्या-क्या कर सकते हैं ? ATM का उपयोग कहाँ - कहाँ होता है ? ATM का उपयोग हम कैसे करेंगे ? कौन सा ATM हमारे लिए फायदेमंद होगा ? ATM के क्या-क्या फायदे हैं और क्या-क्या नुकसान है ? ATM का उपयोग कब से बैंको में होने लगा ? ATM का इतिहास क्या था और भविष्य इसका कैसा होगा ? और भी बोहोत कुछ नया जानेंगे ATM के बारे में जो आपने कही नहीं सुनी होगी।

atm ke bare me jankari
atm ke bare me jankari
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ATM के बारे में जानकारी।

ATM का full form होता है:- Automated Teller Machine.
 हिंदी में इसे:-
Automated -स्वचालित
Teller        - गणना करने वाला ( जैसे -Calculator )
Machine   - यंत्र

ATM को Debit Card भी कहते हैं क्योंकि इससे पैसे निकाले जाते हैं। Debit का मतलब होता है निकालना तो इसे लोग पैसे निकालने वाला कार्ड भी कहते हैं। तो ये थी ATM के बारे में बाहरी जानकारी।

अब चलिए हम इसके अंदरूनी जानकारी को जानते है :-

ATM Card के बारे में जानकारी

atm card ki photo
atm card ki photo
जैसा की आप ऊपर में दिए फोटो में देख सकते हैं कि numbering 1 से 6 तक किया हुवा है जिसकी जानकारी कुछ इस प्रकार है ;-

1. यहां पर chip रहता है , जिससे की atm के द्वारा कितने transaction हुवे, कहाँ-कहाँ हुवे हैं ,atm का owner कौन है ,atm से mobile no लिंक है कि नहीं इत्यादि जैसे data स्टोर होते हैं। आसान भाषा में उस atm की पूरी जानकारी उस chip में स्टोर होती है।

2. बैंक का नाम :- जिस बैंक का atm होगा उस बैंक का नाम यहां पर होता है। जैसे BOI , SBI
3. ATM का number :- यहाँ पर ATM का नंबर होता है। हरेक ATM का अलग-अलग नंबर होता है। यह नंबर बोहोत जगहों में काम आते हैं जैसे- online shopping में , atm card बंद करने या renewal करने में इत्यादि।

ATM नंबर के जो first 4 digit होते हैं , जैसे -यहां पर 4000 है वो कंपनी के द्वारा बैंक के कोड होते हैं। यानि हरेक VISA SBI के ATM की सुरुवात 4591 से होगी , वैसे ही VISA BOI की सुरुवात 4598 से होगी।

4. ये ATM के expire यानि ख़त्म होने की date होती है , इस date के बाद आपका ATM काम करना बंद कर देता है। इसे आपको फिर से renewal करना होता है।


5. यहां पर ATM कार्ड धारक का नाम होता है। कई-कई ATM में नाम नहीं भी होता है , इसमें घबराने की बात नहीं है। इस नाम का उपयोग ज्यादातर online shopping करने में आती है।

6. यहां पर 2 चीज लिखा हुवा रह सकता है। For Use In India Only  या  Globally Use लिखा हुवा रह सकता है।For Use In India- जिसका मतलब होता है कि उस ATM का इस्तेमाल आप सिर्फ India तक ही कर सकते हैं और Globally Use जिसका मतलब होता है कि आप उस ATM का इस्तेमाल पूरी दुनिया में  कहीं भी कर सकते हैं।
आप अपने अनुसार सिर्फ India के लिए या globally के लिए ATM ले सकते हैं। यदि आप online काम करते हैं और Paypal जैसे websites या international websites के द्वारा shopping करना चाहते हैं तो आपको globally use वाला ATM लेना चाहिए।

तो ये थी जानकारी ATM के Front Part के बारे में। अब हम जानेंगे ATM के back part के बारे में।
atm back side image.


ऊपर जो फोटो दिया गया है वह ATM कार्ड का पीछे का हिस्सा है। जिसमे आपको 2 चीजों को जानना अहम है।
1. Black Surface - ATM Card के पीछे जो काला surface होता है वो electronic use के लिए होता है , जब आप ATM Card को मशीन में डालते हैं तो इसी black surface की वजह से वह मशीन आपके ATM को read कर पाता है। इसीलिए कभी भी इस काले surface को गन्दा ना करे और जब ATM कार्ड को मशीन नहीं स्वीकार कर रहा हो तो इस काले surface को कपडे से साफ़ करके डाले तो ये काम करने लगेगा।

2. CVV - Card Verification Value , जब आप internet से shopping करते हैं तो internet आपसे cvv नंबर मांगते है , ताकि वो आपके atm card को verify कर सके।
तो ये थी जानकारी atm card के बारे में , हम हम जानेंगे इससे जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में।


ATM का उपयोग कैसे करें ?

ATM का उपयोग लोग 2 चीजों के लिए करते हैं :-
1. ATM मशीन से पैसे निकालने के लिए ,
2. Shopping करने के लिए , Online Shopping के लिए , Bill Pay करने के लिए , Mobile Recharge करने के लिए इत्यादि।

ATM कार्ड से पैसे कैसे निकाले ?

यदि आप ATM मशीन से पैसे निकालना चाहते हैं तो उसके लिए आपको अपने नजदीकी एटीएम मशीन में जाना होगा।

  1. ATM कार्ड को मशीन के अंदर डाले - जिधर Chip है उस तरफ से डाले।
  2. फिर आपसे 4 digit का PIN माँगा जायेगा उसको डाले।
  3. और फिर last में कितना पैसा आपको निकालना है वो डाले।
तो इन 3 easy steps से आप किसी भी ATM मशीन से पैसे निकाल सकते हैं।




ATM कार्ड से Shopping कैसे करें ?

यदि आप ATM कार्ड से shopping करना चाहते हैं तो वो भी बोहोत आसान है।
Offline Shopping - बड़े-बड़े मॉल में लोग card से shopping करते हैं , जब payment देना होता है तो Swipe Machine जो की मॉल में होता है , उसमे अपना ATM swipe करके PIN देने के बाद कितना रूपया  Payment करना है उसको डालना होता है जिसके बाद payment, shopping मॉल के पास पहुँच जाती है।
तो इस तरह आप offline shopping कर पाते हैं।

Online Shopping - यदि आप अपने ATM कार्ड से online shopping करना चाहते हैं तो वो भी आप कर सकते हैं।

  • जैसे amazon से आपको कुछ खरीदना है तो आप उस product के ऊपर click करके buy के option में जाये।
  • फिर Pay through debit card के option को चुने।
  • फिर अपने ATM CARD के detail को भरे। जैसे - नाम , नंबर ,expiry date , cvv
  • इसके बाद registered mobile में एक OTP या आपके ATM का Pin माँगा जायेगा।  जिसको देने के बाद online shopping ATM के द्वारा हो जाएगी।



कौन सा ATM हमारे लिए फायदेमंद होगा ?

यदि आप India की बात करें तो यहां पर मुख्य 3 कंपनी की ATM ज्यादा चल रही है :-
VISA , Master Card , Rupay Card

ATM का सालाना charge कितना होता है ? और प्रतिदिन आप कितना पैसा निकाल सकते हैं ? ये बैंक decide करती है। हरेक बैंक के अपने-अपने charge हैं।
ATM के भी features होते हैं , जैसे -Visa Classic , Visa Gold , Visa Platinum, Visa Signature ,Visa Infinite

तो SBI में Classic ATM के लिए चाहे वो VISA हो , Master Card हो या Rupay हो , आपको सालाना 147 रुपये देने होते हैं (GST ले करके ), और daily का आप 20000 रुपये तक निकाल सकते हैं (इसे बैंक वाले घटा या बढ़ा भी सकते हैं) । जिसमे महीने में आप 3 transaction free कर सकते हैं जिसके बाद हरेक transaction के लिए आपसे 20 रुपये लिए जाते हैं।

अब तीनो कार्ड में अंतर क्या है ?

अंतर है , कि VISA और Master Card पुरे world में इस्तेमाल होते हैं वहीँ Rupay कार्ड सिर्फ भारत में ही इस्तेमाल होते हैं।
VISA और Master Card से आप international shopping कर सकते हैं।
वहीँ Rupay कार्ड आपको 1 लाख से 2 लाख तक का accidental , accidental disability or death . insurance देता है। जिसके लिए 90 दिनों में 1 transaction होना जरूरी है।

तो आप अपने अनुसार अपना मन पसंद ATM चुन सकते हैं जो आपके लिए उपयोगी हो।



ATM से फायदा या नुकसान।

ATM से हमें फायदा ही हुवा है। हमें बैंकों में line लगने की जरूरत नहीं होती। हम कभी भी पैसे निकाल पाते हैं , shopping कर पाते हैं। बिना cash के कहीं भी जा सकते हैं। पैसे चोरी होने का डर अब ख़त्म हो गया है। ऐसे बोहोत से फायदे हैं।

वहीँ नुकसान उनलोगों को हो रहा है जो इसे अच्छे से इस्तेमाल करना नहीं जानते हैं। fraud call आने पर atm की जानकारी दे देने से पैसे निकाल लिए जाते हैं जिसे cyber crime कहते हैं।
या ऐसे parents जो अपने atm को अच्छे से नहीं रखते तो बच्चे उनके atm से shopping कर लेते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता है। या फिर कुछ ऐसे लोग हैं जो atm होने पर बार-बार पैसे निकालते हैं और अधिक खर्च करते हैं। तो ऐसे लोगों का भी atm से नुकसान ही हो रहा है।


ATM का इतिहास और इसका भविष्य

Mr. Stepherd Barron ( London 1967 ) उसने देखा कि chocolate बार बेचने वाली मशीन , जिसमे आप पैसे डालते हैं और chocolate बाहर आता है। तो उन्होंने सोचा कि क्यों ना ऐसी मशीन बनाया जाय जो पैसे बाहर आये। तब उन्होंने इस idea से ATM का आविष्कार किया।

सबसे पहली ATM, 1967 में North London के Barclays Enfield Town में लगी जिसमे pin को paper के voucher में दे दिया जाता था जिससे लोग daily का 10 पाउंड यानि ( Rs. 927 ) निकाल पाते थे।

फिर इस ATM मशीन को और बेहतर बनाने के लिए लोग जुड़ गए , और 1970 में PIN की सुरुवात हुयी। PIN के आविष्कार के बाद ये बैंकों में इस्तेमाल के लायक बन चुकी थी। उसी साल 1000 ATM को New York में लगाया गया।

बैंकों में सबसे पहले ये Chemical Bank ने एक branch में लगायी थी (1969 में ) फिर PIN के अविष्कार के बाद ये पुरे सेहर में फ़ैल गयी। देखते ही देखते सभी बैंकों ने ATM लगाना शुरू कर दिया। और फिर 1977 में Citibank ने इसके model को और बेहतरीन बनाया जो 24 घंटे चल सकता था। और फिर Citibank ने 1980 में NCR 5070 ATM Model Launch किया जिससे दुनिया भर में इसका नाम होने लगा।

लोग ATM में जाना पसंद करने लगे और देखते ही देखते 4 सालों में 1 लाख नए ATM खुल गए और अब तक 40 लाख ATM पूरी दुनिया में खोली जा चुकी है।


भारत में ATM 1987 में आई। Mumbai HSBC के द्वारा जो एक British Bank है। देखते ही देखते 10 सालों में 1500 नए ATM खुल गए। फिर 2002 तक India Bank Association ने एक network बनाया जो 5 सालों तक चली फिर बैंकों ने अलग-अलग network बनाना शुरू किया - BOI , Union Bank , Indian Bank ने अपना खुद का network बनाया Cash Tree और बाकि बैंकों ने भी मिलकर अपना network बनाया।

लेकिन 2003 में (IDRBT -Institute of Development and Research in Banking Technology ) जो की RBI के द्वारा चलाया जाता है। इन्होने कहा कि देश में जितने भी ATM हैं उनको हम single network से connect करेंगे यानि कोई भी बैंक हो सबको एक ही network में जोड़ा जायेगा , जिससे कि कोई भी बैंक का व्यक्ति दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकाल पायेगा।  जिसका नाम उन्होंने रखा ( NFS- National Financial Switch )

लेकिन भविष्य की बात करें आज से 10 साल के बाद , तो लोग कम ही ATM का इस्तेमाल करेंगे। सब mobile app का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे। Cash की बोहोत कम ही जरूरत पड़ेगी।
लेकिन इसके लिए 10 से 15 साल लग ही जायेंगे। Cashless India की तरफ देश अभी बढ़ना शुरू ही हुवा है फिर भी ATM का उपयोग होते ही रहेगा इसका मुख्य कारन है Cash का होना। जबतक Cash बन रहे हैं तब तक ATM रहेंगे। जिस दिन सरकार पैसे छापना बंद कर देगी उस दिन से ATM का उपयोग भी बंद हो जायेगा।




तो दोस्तों ये थी ATM की पूरी जानकारी। एटीएम का उपयोग कैसे करना है उससे पैसे कैसे निकालना है, shopping कैसे करना है , कौन सा एटीएम अच्छा है , एटीएम से फायदा या नुकसान और इसका इतिहास।
मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी।




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अपना महत्वपूर्ण समय देकर इस post को पढ़ने के लिए आपका बोहोत बोहोत धन्यवाद।

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