मित्र को पत्र कैसे लिखे ? How to write letter to friend ?

मित्र को पत्र कैसे लिखे ? How to write letter to friend ?


नमस्कार दोस्तों आपका AnekRoop में स्वागत है। आज हम जानेंगे कि मित्र को पत्र कैसे लिखते हैं , और साथ ही साथ कुछ उदाहरण भी देखेंगे जिससे आप अपने अनुसार किसी भी विषय पर मित्र को पत्र लिख पाए। 

आज हम जानेंगे :-

  • पत्र लेखन क्या है ?
  • मित्र को पत्र कैसे लिखते हैं ?
  •  रुपए की सहायता के लिए मित्र को लिखा गया पत्र
  • परीक्षा की तैयारी के संबंध में मित्र को लिखा गया पत्र
  • दिवाली के महत्व पर मित्र को लिखा गया पत्र
  • आज की महंगाई पर मित्र को लिखा गया पत्र
पत्र लेखन क्या है ?

पत्र हृदय की कुंजी है। यह कुंजी मन के भाव और विचार खोलती है। पत्र दो दिलों को जोड़ता है। इससे आपस का संबंध गहरा होता है ,पत्र व्यवहार दो व्यक्तियों में होता है। इससे दोनों के आचार -विचार और आपसी संबंध जाने जाते हैं।


 पत्र के प्रकार-


 पत्र के मुख्य तीन प्रकार हैं 1. सामाजिक पत्र 2.  व्यवसायिक पत्र 3. आधिकारिक पत्र।

 मित्र को पत्र लिखना,  यह सामाजिक पत्र में आ जाता है।  

सामाजिक पत्र-  यह सगे संबंधियों, मित्रों, अपने और पराए को लिखे जाते हैं।

 व्यवसायिक पत्र- यह व्यापार संबंधी होते हैं।

 आधिकारिक पत्र- यह सरकारी अफसरों या अधिकारियों,  स्कूल और कॉलेज के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्य को लिखे जाते हैं।


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 मित्र को पत्र कैसे लिखें ? इन बातों का रखें ध्यान : -


mitra ko patra kaise likhe
mitra ko patra likhne ka format
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  1.  पत्र भेजने वाले को अपना पता पत्र के बाएं कोने में लिखना चाहिए।
  2.  इस पते के ठीक नीचे  तारीख लिखनी चाहिए।
  3.  पत्र कैसे लिखा जाए, उसके लिए संबंध के अनुसार संबोधन का प्रयोग करना चाहिए। जब मित्र-मित्र को पत्र लिखता है तो संबोधन में प्रिय भाई,  प्रिय मित्र लिखा जाता है। और अंत में भवदीय, आपका अभिन्न, आप का स्नेही लिखा जाता है।
  4. फिर संबोधन के बाद  मित्र को पत्र लिखते समय,  ‘नमस्ते’ आदि लिखना चाहिए। यह भारतीय शिष्टाचार को दर्शाता है।
  5.  अभिवादन के बाद काम की बातें अनुच्छेदों में बांटकर लिखनी चाहिए ताकि पढ़ने वाले का मन  ऊबने ना पाए।
  6.  पत्र अधिक लंबा नहीं होना चाहिए। यह अपने में पूर्ण हो।
  7.  लिखावट सुंदर हो और कागज अच्छा हो। सभी विचार स्पष्ट हो।
  8.  पत्र के अंत में अभीनिवेदन के बाद पत्र भेजने वाले का पूरा हस्ताक्षर होना चाहिए।
  9.  लिफाफा या पोस्टकार्ड पर पता साफ-साफ लिखना चाहिए ताकि डाक विभाग पत्र को बिना किसी कठिनाई  के सही स्थान पर पहुंचा सके।

उदाहरण - मित्र से संबंधित पत्र।


 नीचे उदाहरण के लिए मित्र से संबंधित पत्र दिए गए हैं,  जिसे आप जरूर पढ़ें, इसको पढ़कर आपको पूरा ज्ञात हो जाएगा कि मित्र को पत्र कैसे लिखते हैं।


1. रुपए की सहायता के लिए मित्र को लिखा गया पत्र


  जॉर्ज टाउन,

 इलाहाबाद

12 /11 /2022 


 प्रिय मित्र,

       नमस्कार।

  मैंने अपने पिताजी को 4 नवंबर तक मासिक खर्च  भेज देने को लिखा था,  किंतु वह मुझे अभी तक नहीं मिला है। ऐसा लगता है कि पिताजी घर पर नहीं है,  अवश्य कहीं दौरे पर गए हुए हैं। संभव है,  मेरे रुपए 1 सप्ताह बाद आए।

 अतः अनुरोध है कि काम चलाने के लिए कम से कम 10,000 मुझे भेज कर मेरी सहायता करो। मेरे रुपए जो ही आ जाएंगे, तुम्हें लौटा दूंगा । आशा है, इस मौके पर तुम मेरी अवश्य ही सहायता करोगे।  तुम्हारे पत्र की प्रतीक्षा में हूं।

 भवदीय,

 अनिल कुमार


 पता-

 श्री सुरेश गणपति,

 रायगढ़, वाराणसी


2. परीक्षा की तैयारी के संबंध में मित्र को लिखा गया पत्र


 मयूर विहार,

 दिल्ली

 12-11-2022 


प्रिय सुंदर,

 नमस्ते।

 बहुत दिनों से तुम्हारा पत्र मुझे नहीं मिला। आशा है,  तुम मजे में हो। यहां मैं इन दिनों परीक्षा की तैयारी में हूं। 10 दिन बाद वार्षिक परीक्षा आरंभ होने जा रही है। घूमना फिरना बंद है। मित्रों से भी भेंट नहीं होती। मुझे खासकर अंग्रेजी में डर लगता है। इसलिए इस विषय की तैयारी में मुझे अधिक समय लगाना पड़ता है। इसके बाद अंकगणित को अधिक समय देता हूं। मेरा गणित भी बहुत अच्छा नहीं है। फिर भी,  इसमें पास कर जाने की पूरी उम्मीद है। देखें,  क्या फल निकलता है। तुम्हारी तैयारी कैसी है? जरूर लिखना। अपने माता पिता जी को मेरा सादर प्रणाम देना।


 तुम्हारा अभिन्न मित्र,

 रमेश कुमार


 पता-

 श्री सुंदर राम,

 खुदाई चौक, पटना


3. दिवाली के महत्व पर मित्र को लिखा गया पत्र-


 प्रिय भाई,

 सप्रेम नमस्ते।

  आज दीपावली है। आज के दिन न तुम आए,  और ना तुम्हारा पत्र ही आया । तुमने आने को लिखा था। आशा है तुम स्वस्थ  होगे।आज दीपावली के दिन चारों और बढ़ी चहल-पहल है। लोगों के चेहरे पर खुशी की लहर छाई है। दीपावली इस देश का एक बहुत पुराना त्यौहार है। कहते हैं इसी दिन श्री रामचंद्र,  लंका के राजा रावण को हराकर,  14 वर्षों के बाद अयोध्या लौटे थे दीपावली इसी खुशी में मनाई जाती है। अतः दीपावली सत्य की जीत का त्यौहार है। लोग घर की सफाई आदि कर रंग बिरंगे कपड़े पहनकर रात में लक्ष्मी की पूजा करते हैं। सहर दीपों से जगमगाया  हुआ होता है। इस दिन रोशनी की बहार देखते ही बनती है। आज के दिन हर आदमी अपने सारे भेदभाव भुला देते हैं और सबसे मिल जुलकर रहना सीखते हैं। दीपावली समाज और व्यक्ति की सारी बुराइयां दूर करने की शिक्षा देती है ।

 अपने माता पिता जी को मेरा प्रणाम कहना। पत्र का जवाब जल्द ही देना।


 तुम्हारा मित्र,

 आदित्य


 पता-

 श्री बनारस दास,

 रामनगर, वाराणसी


 4. आज की महंगाई पर मित्र को लिखा गया पत्र


 चिरगांव,

 झांसी

 2-1- 2022


 प्रिय मित्र सियाराम,

 नमस्ते।

    तुम्हारा पत्र मिला। पढ़कर दुखी हुआ। तुम बीमार हो और गरीबी तथा महंगाई के कारण तुम्हारा डॉक्टरी इलाज ठीक से नहीं हो रहा है,  यह जानकर और भी दुखी हुआ।

क्या कहा जाए! आज सारा देश महंगाई का शिकार है और त्राहि-त्राहि कर रहा है। देश की गरीबी तो पहले से चली आ रही है;  अब महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ डाली। हमारे 80 वर्ष के दादा जी का कहना है कि ऐसी भयंकर महंगाई इस देश में कभी नहीं हुई। यह दिनों दिन बढ़ती जा रही है,  जिसके कारण अब बहुतों को दोनों शाम खाना भी नसीब नहीं होता।

 ऐसी हालत में हमारा स्वास्थ्य कैसे ठीक रह सकता है? व्यापारी हर दिन हमें लूट रहे हैं और हम लाचार होकर सब कुछ सहन करते जा रहे हैं। लगता है,  जैसे देश में कोई शासन ही ना रहा। खाने पीने की  चीजें जो मिलती है,  उनका दाम साधारण लोगों की पहुंच से बाहर है। देखें,  इसका क्या फल निकलता है। महंगाई के कारण घर का कोई भी आदमी खुश नहीं रहता। बुरा ना मानना,  मैं तुम्हारी सेवा में जो कुछ भेज रहा हूं,  मित्र के नाते उसे स्वीकार करना।  अपना समाचार लिखते रहना। ईश्वर करे,  तुम जल्द से जल्द अच्छे हो जाओ!


 तुम्हारा स्नेही मित्र,

 गणेश शंकर


 पता-    श्यामपुर

 पुरंदरपुर, दानापुर ,पटना


तो दोस्तों ये थी जानकारी कि मित्र को पत्र कैसे लिखते हैं। मुझे उम्मीद है की आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। यदि आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताये।

धन्यवाद।


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