Darr कैसे Bhagaye -Motivational कहानी


Darr कैसे Bhagaye -Motivational कहानी 

जब तक तू लोक -लाज नहीं छोड़ेगा ,तब -तक तू कुछ नहीं कर पायेगा।
कुछ नहीं कर पायेगा ,कुछ भी नहीं कर पायेगा।

यह कहानी एक ऐसे लड़के की है ,जिसके पास काबिलियत तो है ,कुछ करने की जज्बा तो है।
लेकिन एक चीज और है उसके पास।
वह है डर।

वह एक चीज अपने अंदर छुपाये रखता है।
पता नहीं ,वह क्यों इसे बाहर नहीं निकालता ,उसे हमेशा अपने अंदर दबाये रखता है।
वह है डर।

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वह जानता है सबकुछ ,लेकिन कुछ करता नहीं।
उसने सीखें है सभी हुनर ,काबिलियत का भंडार भी है।
उसने देखें हैं शारी दुनिया ,पर नहीं देखा।
वह है डर।

अब उसको कौन समझाए और वह कैसे समझे कि मंजिल तेरी कुछ और है बालक ,तुझे पाना कुछ और है।
तू क्यों दूसरे के संपत्ति को अपनाये हुए हो।
वह है डर।

तू राख को रोशिनी कर सकता है ,तूफानों में भी चल सकता है।
अग्नि को तू छू सकता है।

इस डर के अंधियारे को तू हथियार बना ले , रोशिनी तो एक दिन आनी ही है।
क्यों तेरे आँखों में नमी है ?
तू क्यों रो के भी नहीं रोता ,हंस के भी नहीं हँसता।
इसकी एक ही वजह है।
वह है डर।



माना की आँखों में आँशु आते हैं ,उस आंशू से भी तू अग्नि बुझा सकता है ,सूखे खेत में तू फसल ऊगा सकता है।
फिर क्यों तू उससे डर रहा है।
वह है डर।

अब तो अपने दिल की आवाज़ सुनो ,और मेरी भी एक बात सुनो।
तू खो के भी कुछ नहीं खोयेगा ,और पा के भी कुछ नहीं पायेगा।
क्यूंकि तेरे पास खोने को कुछ भी नहीं ,सिर्फ एक ही चीज़ है।
वह है डर।

तेरे लिए सोहरत क्या बड़ी चीज़ है ,तू तो ईमान के लिए जीता है ,सम्मान के लिए जीता है।
तू अपने लिए नहीं ,संसार के लिए जीता है।
और जब संसार की बात आती है ,सारे विश्व के कल्याण की बात आती है।
तो सारे चीज़ों को छोड़ा जा सकता है ,जिसमें  वह भी है।
वह है डर।

क्या पता फिर ये मौका कब मिले ,चेहरे की मुस्कुराहट ,दिल की सुकून कब मिले।
जब भी सताए डर की लेहेर तो उससे कहना ,कि तू तो लेहेर है -मैं वो पहाड़ हूँ जिसे लेहेर तो क्या पूरी सागर भी पार नहीं कर सकती।

चाहे आये लाख तूफ़ान ,तुझे कुछ नहीं होता ,तू ऐसा पहाड़ है ,जिससे निकलती है सारी नदियाँ ,फिर बनता है सागर।
तो उस सागर के तूफ़ान की औकाद ही क्या है जो तुझे आगे जाने से रोक सके।
यह तो तेरे ही खेत का एक तिनका है ,जिसने जन्म ले लिया है।
अब इसे तुझे ही मारना है।
क्यूंकि तू अपने लिए नहीं ,ईमान के लिए जीता है।
सारे संसार के लिए जीता है,सारे संसार के लिए जीता है।
धन्यवाद।


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