रक्षाबंधन त्यौहार का महत्व और सिख


मैं आज आपको इस post के द्वारा रक्षाबंधन के रीती और रिवाजों के बारे में नहीं बताऊंगा बल्कि वह गहरी जानकारी देने वाला हूँ ,जो आपको रक्षाबंधन से प्रेरणा देगी और आपके त्यौहार मनाने के सोच को बदल कर रख देगी।

rakshabandhan ka matlab
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 रक्षाबंधन कैसे मनाते है?

हम अभी इतना ही करते है -की बहन अपने भाई के हाथों में राखी बांधती है ,फिर भाई उसको छोटा सा उपहार दे देता है ,और फिर त्यौहार ख़त्म।

लेकिन जब आप इस त्यौहार को गहरायी से समझेंगे ,तब आपका नजरिया कुछ और ही होगा।

रक्षाबंधन मनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि भाई और बहन हमेशा आपस में मिलकर रहे। कैसी भी परिस्थिति आ जाये वो हमेशा एक दूसरे को मदद करे और एक दूसरे की भलाई के लिए ,उन्नति के लिए तत्पर रहे यही है असल में रक्षाबंधन मनाना।

रक्षाबंधन सिर्फ रक्षा करने को नहीं कहा जाता बल्कि आजीवन प्यार के बंधन में बंधने को कहा जाता है। ऐसा बंधन जिसकी प्रतिज्ञा हरेक साल ली जाती है , हरेक साल याद दिलाया जाता है कि तुम्हे हमेशा एक दूसरे की मदद करनी है और साथ-साथ रहना है।


रक्षाबंधन त्यौहार का महत्व और सिख



इस त्यौहार के 2 नाम है।
रक्षाबंधन और राखी।
रक्षाबंधन =रक्षा +बंधन। 
यानि यह त्यौहार आपको रक्षा भी करती है और आपको बंधन में रिस्ते में बांधती भी है।

लेकिन प्रश्न यह उठता है कैसे ?
क्या सिर्फ 1 धागा बांधने से किसी की रक्षा बढ़ जाती है ? नहीं। ,नहीं बढ़ती है।


तो फिर क्या होता है कैसे रक्षाबंधन से रक्षा होती है ?

तो इसका जवाब है इस त्यौहार का नाम यानि राखी।
राखी = पवित्रता। 
यह सिर्फ एक धागा नहीं है ,बल्कि पवित्रता का धागा है ,सम्बन्ध है ,जो भाई और बेहेन के जीवन में होती है।
दरहसल यह पवित्रता की शक्ति ही भाई -बहनो को बंधन में बांधती है और उसकी आयु बढाती है।

इसको आप ऐसे भी समझ सकते है।
Purity से होती है Unity - और Impurity से होता है विनाश।
यानि जहाँ पवित्रता होती है ,वहां संगठन जरूर होगा ,और उस संगठन में प्यार जरूर होगा। और इसका just उल्टा , जहाँ पवित्रता नहीं वहां प्यार नहीं तो संगठन की बात ही छोड़ दीजिये।

उसी तरह भाई और बहन का भी रिस्ता है -जो पवित्रता के डोर से बंधा हुआ है उसी डोर का नाम है राखी। कोई 10 रुपये के धागे का नाम राखी नहीं है ,इसी पवित्रता की बात है।

इसका सम्बन्ध ऐसा है कि इनको हर कदम रक्षा करती है। यह आपको back support देती है। जिससे आपकी मुश्किल आसान हो जाती है। यह बोहोत बड़ा त्यौहार है ,इसे सिर्फ धागा बांधने तक सिमित ना रखे।
क्यूंकि यह मानवजाति को संदेश देती है कि प्यार का मतलब कुछ और है जो भाई -बहनों में होती है।
यह ऐसा त्यौहार है जो आपको ज़िन्दगी भर मदद करती है।

पहले ब्राह्मण एक दूसरे को राखी बांधते थे फिर ये परंपरा घरों में भाई और बहन में शुरू की गई। ऐसा कोई नियम नहीं है कि बहन भाई को ही सिर्फ राखी बांध सकती है , बल्कि वो किसी को भी राखी बांध सकती है और बंधन में बांध सकती है।

रक्षाबंधन बहनों के लिए जरूरी क्यों?

भाई आजीवन अपनी बहन की रक्षा का वादा करता है। यह उपहार सबसे महंगी उपहार होती है बाकि के उपहार सिर्फ दिखावे के लिए होते हैं। भाई और बहन जितना एक दूसरे को समझ सकते हैं उतना और कोई रिस्ता एक दूसरे को नहीं समझ सकता। ऐसे में जब भी कभी बहनो को मदद की जरूरत होती है तो भाई उसे मदद करने के लिए बंधा होता है।

रक्षाबंधन से भाइयों को क्या लाभ मिलता है ?

इस त्यौहार से सबसे ज्यादा लाभ भाइयों को ही मिलता है भले उनकी जेबें ढीली पड़ती है लेकिन उन्हें बहनों का आशीर्वाद और प्यार मिलता है उसकी कोई मोल नहीं होती है। और जब बहने राखी बांधती है तो जैसे अपनी सभी दुआओं को भाई के लिए दे देती है। इससे भाई के तरक्की और लम्बी आयु में बढ़ोतरी होती है। इसीलिए हरेक साल भाइयों को राखी बंधवानी चाहिए।


रक्षाबंधन समाज के लिए जरूरी क्यों?

एक भाई और बहन का ही रिस्ता है जिसमे कोई सक करने की भी नहीं सोच सकता , वरना आजकल जिन दिशाओं में समाज जा रही है ऐसे-ऐसे फिल्मे बनते हैं ,गाने बनते हैं। जिसमे सभी रिश्तों को ख़त्म कर देते हैं।
कोई सच्चा रिस्ता समाज में दिखाई नहीं देता है। ना पति-पत्नी का रिस्ता , ना बाप और बेटे का रिस्ता।

ऐसे में कोई रिस्ता जो हमेशा से सच्चा बना रहता है वह है भाई और बहन का रिस्ता। इसमें कोई ईर्ष्या नहीं होती और ना ही किसी प्रकार का गलत भावना होती है। समाज में ऐसे रिश्ते की बोहोत जरूरत है जिसपर लोग भरोसा कर सके , इसीलिए रक्षाबंधन समाज के लिए सबसे जरूरी त्यौहार है।

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