हिंदी कहानी-जादुवी जैकेट-प्रेरणादायक कहानी


नमस्कार दोस्तों आपका Anekroop में स्वागत है।आज हम एक कहानी लेकर के आये हैं यह कहानी प्रेरणादायक है। हमें लोगों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए उसके ऊपर आधारित है। और यह कहानी रोमांच से भरी है कुछ ऐसी घटनाएं हैं जो काल्पनिक है लेकिन ज्ञान का स्रोत हमें देती है।

Hindi kahani
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यह कहानी है एक झोपड़पट्टी में रहने वाले लड़के राहुल की। वह कूड़ा उठाने का काम करता है , उसके पास एक टूटा सा घर है जिसमें वह अपने माँ के साथ रहता है।

एक दिन वह कूड़ा उठाने बस्ती में जा रहा होता है, बस्ती में खेल रहे बच्चों को देख उसे भी खेलने की इक्षा होती है, लेकिन जब वह साथ मे खेलने को पूछता है तो लड़के उसे दरकिनार कर देते हैं और नीच कहकर उसे तंग करने ; मजाक उड़ाने लगते हैं।


और एक दिन तो हद हो गयी बेचारे के साथ- बस्ती में एक शादी का समारोह था। वह शादी में जाता है, और जब वह खाने को बैठता है तब उसके थाली को उठाकर कूड़े दान में डाल दिया जाता है और उसे शादी से बाहर निकाल दिया जाता है।
               उसके साथ हो रहे व्यवहार को देखकर सभी हंसने लगते हैं। यह बात राहुल को बोहोत चुभती है। वह अंदर ही अंदर रोने लगता है, काफी उदास होकर वह घर लौटता है और बिना खाये सो जाता है।

अगले दिन वह कूड़े उठाने को जाता है - तभी उसे एक जैकेट दिखायी देता है- वह उस जैकेट को पहन लेता है- फिर घर जाकर उसे धो देता है।

अगले दिन जब वह जैकेट को पहनकर घूमता है और जैसे ही वह जैकेट के पैकेट में साथ डालता है तो उससे 10 रुपये का सिक्का निकलता है।
                              राहुल सोचता है मैंने इसमे पैसे कब रखे थे , हो सकता है माँ ने रख दिये होंगे। वह उस 10 रुपये से कुछ खाने का सामान खरीदता है। फिर वह जब जैकेट के पॉकेट में हाथ डालता है तो फिर 10 रुपये निकलते हैं । राहुल दंग रह जाता है, उसे यकीन नही हो रहा होता है कि सच मे इससे 10 रुपये निकल रहे हैं।

वह जब-जब पॉकेट में हाथ डालता , तब-तब जैकेट से 10 रुपये निकलते ।वह बोहोत खुश हो जाता है। दरहसल वह एक जदुवी जैकेट है, जो एक मृत्यु प्राप्त जादूगर की थी।

राहुल उन पैसों से सबसे पहले एक साईकल लेता है । फिर बस्ती में एक राशन का दुकान खोलता है, फिर कुछ दिनों बाद ऑटो और फिर एक दिन वह सहर में सबसे महंगी गाड़ी में घूमता है। बस्ती में सबसे बड़ी घर उसकी होती है ।

और फिर सभी लोग उसके पास मदद मांगने आते हैं और वह बड़े प्यार से सबकी मदद करता है, और वो लोग भी राहुल को शाहब कहते हैं जो उसे कभी बाहर कर देते थे।




कहानी से सिख- इस कहानी से हमें यही सिख मिलती है कि ज़िन्दगी में हम किसी भी व्यक्ति से मिले तो बोहोत प्यार से मिले। चाहे वह धर्मात्मा हो या भिखारी हो , हरेक व्यक्ति का अपना महत्व है । भले ही हम थोड़े समय के लिए किसी से मिले तो उसे नमस्कार करे और दुवा दे कि उसकी भी किस्मत बदल जाये और वह खुशहाल ज़िन्दगी जिये।
क्योंकि बड़ा वही होता है जो दूसरों को अपने से छोटा नही समझता।
धन्यवाद अमूल्य समय देकर कहानी को पढ़ने के लिए।
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